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Lakhimpur Kheri News: दस एकड़ से अधिक फसलों को हाथियों ने किया तबाह
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पलिया के गजरौला गांव के खेत में हाथियों के पगचिन्ह। संवाद
पलियाकलां। गजरौला गांव में जंगली हाथियों ने किसानों के खेतों में घुसकर शुक्रवार रात जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने किसानों की करीब दस एकड़ से अधिक गन्ने की फसल को रौंद दिया।
हाथियों के झुंड ने गजरौला गांव में जंगल किनारे पटिहन गांव निवासी जीत यादव की पांच एकड़ गेहूं, बलविंदर की तीन एकड़ गन्ना, रामजोत की दो एकड़ गन्ने की फसल के साथ ही अन्य किसानों की फसलों को रौंदकर तहस-नहस कर दिया। किसानों ने बताया कि रात में सूचना मिलने पर किसी तरह वे ट्रैक्टर-पटाखा आदि लेकर खेतों की ओर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा, तब तक हाथी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा चुके थे।
लहन पीकर खूंखार हो रहे गजराज
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कच्ची शराब बनाने वाले लोग जंगल किनारे ही लहन छोड़ देते हैं। हाथियों के झुंड जब लहन पीते हैं तब वह खूंखार हो जाते हैं और खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। वन विभाग से जहां ग्रामीणों ने फसल क्षति का मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने कच्ची शराब के धंधे को बंद कराए जाने की भी गुहार लगाई है। उधर ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने भी मौका मुआयना किया है।
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हाथियों के झुंड ने गजरौला गांव में जंगल किनारे पटिहन गांव निवासी जीत यादव की पांच एकड़ गेहूं, बलविंदर की तीन एकड़ गन्ना, रामजोत की दो एकड़ गन्ने की फसल के साथ ही अन्य किसानों की फसलों को रौंदकर तहस-नहस कर दिया। किसानों ने बताया कि रात में सूचना मिलने पर किसी तरह वे ट्रैक्टर-पटाखा आदि लेकर खेतों की ओर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा, तब तक हाथी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा चुके थे।
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लहन पीकर खूंखार हो रहे गजराज
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कच्ची शराब बनाने वाले लोग जंगल किनारे ही लहन छोड़ देते हैं। हाथियों के झुंड जब लहन पीते हैं तब वह खूंखार हो जाते हैं और खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। वन विभाग से जहां ग्रामीणों ने फसल क्षति का मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने कच्ची शराब के धंधे को बंद कराए जाने की भी गुहार लगाई है। उधर ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने भी मौका मुआयना किया है।
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