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Lakhimpur Kheri News: हड़ताल और मौसम की मार से बिजली उपभोक्ता बेहाल
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गोला बिजली घर पर सभा को संबोधित करते कुलवंत सिंह। संगठन
लखीमपुर खीरी। छंटनी के विरोध में संविदा कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से बिजली व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई तो तेज आंधी में तार टूटने और खंभे क्षतिग्रस्त होने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गईं। खासकर पलिया और निघासन तहसील में असर ज्यादा देखने को मिला।
लखीमपुर जनपद दो सर्किल और छह खंडो में बंटा है। दोनों सर्किलों में 1442 संविदा कर्मी तैनात हैं, जिसमें 476 का हटा दिया गया, जिसमें लखीमपुर सर्किल के 234 और गोला के 242 कर्मचारी हैं। इसी के विरोध में जनपद भर के संविदा कर्मचारी 72 घंटों की हड़ताल पर चले गए, जिससे शहर से लेकर गांवों तक हाहाकार मच गया।
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फाॅल्ट ठीक ही नहीं हो सके। सबसे बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पहले से उपभोक्ता परेशान थे, ऊपर से तेज आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। निघासन क्षेत्र में 150 से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए तो काफी जगह लाइन पर पेड़ गिर गए।
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यही हाल पलिया में देखने को मिला। क्षेत्र के कई गांवों में तीन दिनों से आपूर्ति न मिलने पर बृहस्पतिवार को ओयल, बेहजम, खीरी टाउन, निघासन आदि क्षेत्रों में उपभोक्ताओं में गुस्सा देखने को मिला।
जो हटाए गए उन संविदा कर्मियों का धरना जारी
72 घंटों की हड़ताल के बाद संविदा कर्मचारी काम पर लौट आए। काम पर लौटते ही बिजली संकट दूर होने लगा। हालांकि जिन कर्मचारियों की छंटनी हो गई, उनका धरना जारी रहा। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर छंटनी में शामिल कर्मचारी धरने पर बैठे।
आंदोलित संविदा कर्मचारियों को भाकियू ने दिया समर्थन
गोला गोकर्णनाथ। नगर के विद्युत वितरण उपखंड कार्यालय पर आंदोलित संविदा, निविदा बिजली कर्मचारियों को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने समर्थन दिया। जिला अध्यक्ष कुलवंत सिंह जोसन ने अपने साथियों के साथ जाकर बिजली कर्मचारियों के संगठन के विकास कटियार एवं अतुल खरे को समर्थन पत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि बिजली निगम ने मांगें नहीं मानी तो वे अपने साथियों के साथ लखनऊ के लिए कूच करेंगे। संवाद
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लखीमपुर जनपद दो सर्किल और छह खंडो में बंटा है। दोनों सर्किलों में 1442 संविदा कर्मी तैनात हैं, जिसमें 476 का हटा दिया गया, जिसमें लखीमपुर सर्किल के 234 और गोला के 242 कर्मचारी हैं। इसी के विरोध में जनपद भर के संविदा कर्मचारी 72 घंटों की हड़ताल पर चले गए, जिससे शहर से लेकर गांवों तक हाहाकार मच गया।
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कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फाॅल्ट ठीक ही नहीं हो सके। सबसे बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पहले से उपभोक्ता परेशान थे, ऊपर से तेज आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। निघासन क्षेत्र में 150 से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए तो काफी जगह लाइन पर पेड़ गिर गए।
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यही हाल पलिया में देखने को मिला। क्षेत्र के कई गांवों में तीन दिनों से आपूर्ति न मिलने पर बृहस्पतिवार को ओयल, बेहजम, खीरी टाउन, निघासन आदि क्षेत्रों में उपभोक्ताओं में गुस्सा देखने को मिला।
जो हटाए गए उन संविदा कर्मियों का धरना जारी
72 घंटों की हड़ताल के बाद संविदा कर्मचारी काम पर लौट आए। काम पर लौटते ही बिजली संकट दूर होने लगा। हालांकि जिन कर्मचारियों की छंटनी हो गई, उनका धरना जारी रहा। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर छंटनी में शामिल कर्मचारी धरने पर बैठे।
आंदोलित संविदा कर्मचारियों को भाकियू ने दिया समर्थन
गोला गोकर्णनाथ। नगर के विद्युत वितरण उपखंड कार्यालय पर आंदोलित संविदा, निविदा बिजली कर्मचारियों को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने समर्थन दिया। जिला अध्यक्ष कुलवंत सिंह जोसन ने अपने साथियों के साथ जाकर बिजली कर्मचारियों के संगठन के विकास कटियार एवं अतुल खरे को समर्थन पत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि बिजली निगम ने मांगें नहीं मानी तो वे अपने साथियों के साथ लखनऊ के लिए कूच करेंगे। संवाद