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अंक सुधार परीक्षा में 106 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे
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अंक सुधार परीक्षा देकर कॉलेज से निकलते छात्र छात्राएं। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की अंक सुधार परीक्षा शनिवार को 14 केंदों पर हुई। दो पालियों में संपन्न हुई परीक्षा में 106 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए परीक्षा हुई। शांतिपूर्वक और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए डीआईओएस कार्यालय पर बने कंट्रोल रूम से परीक्षा कक्षों की निगरानी होती रही।
डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि अंक सुधार परीक्षा के तहत शनिवार को पहली पाली में हाईस्कूल के हिंदी विषय और दूसरी पाली में इंटर के हिंदी एवं हिंदी साहित्य विषय का पेपर हुआ। हाईस्कूल के पेपर में 43 छात्र एवं 27 छात्राएं गैर हाजिर रहे। वहीं इंटर के हिंदी विषय की परीक्षा में 14 छात्र एवं हिंदी साहित्य विषय के पेपर में 16 छात्र और छह छात्राएं गैरहाजिर रहे। उन्होंने बताया कि अंक सुधार परीक्षा के लिए 1816 छात्र छात्राओं का पंजीकरण था, जिसमें से 1463 ही परीक्षा में शामिल हुए।
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सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुआ पेपर
शांतिपूर्वक और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पेपर हो रहे हैं। इसके लिए डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल से परीक्षा केंद्र और कक्षों पर नजर रखी जा रही है।
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शनिवार को जीआईसी खीरी की शिक्षिका प्रतीक्षा पटेल और कनिष्ठ सहायक सूरज भान यादव कंट्रोल रूम से निगरानी करते रहे।
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बोले परीक्षार्थी-मेहनत पर है पूरा भरोसा
ओम सांई इंटर कॉलेज की छात्रा आयुषी ने बताया कि बोर्ड की गड़बड़ी से प्रोन्नति में अंक ही नहीं मिले। इसलिए परीक्षा दे रहे हैं। वैसे परीक्षा देने के बाद जो अंक मिलेंगे वह हमारी मेहनत के होंगे।
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किसान इंटर कॉलेज की छात्रा प्रीति पांडे बताती हैं कि प्रोन्नति के मानक अनुसार 86 प्रतिशत अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन मिले 68 प्रतिशत। इसलिए दोबारा पेपर दे रहे हैं। अब अच्छे अंक आएंगे।
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किसान इंटर कॉलेज की छात्रा निशा गुप्ता ने बताया कि प्रोन्नति में 77 प्रतिशत अंक मिले थे, जो बेहद कम थे। इसलिए दोबारा पेपर दे रहे हैं। अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा है, नंबर अच्छे आएंगे।
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आर्यकन्या इंटर कॉलेज की छात्रा अक्शा अनम ने बताया कि प्रोन्नति में नंबर में बहुत ही कम 51 प्रतिशत मिले थे। जो तैयारियों के अनुसार बेहद कम थे। इसलिए फिर से पेपर दे रहे हैं। संवाद
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डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि अंक सुधार परीक्षा के तहत शनिवार को पहली पाली में हाईस्कूल के हिंदी विषय और दूसरी पाली में इंटर के हिंदी एवं हिंदी साहित्य विषय का पेपर हुआ। हाईस्कूल के पेपर में 43 छात्र एवं 27 छात्राएं गैर हाजिर रहे। वहीं इंटर के हिंदी विषय की परीक्षा में 14 छात्र एवं हिंदी साहित्य विषय के पेपर में 16 छात्र और छह छात्राएं गैरहाजिर रहे। उन्होंने बताया कि अंक सुधार परीक्षा के लिए 1816 छात्र छात्राओं का पंजीकरण था, जिसमें से 1463 ही परीक्षा में शामिल हुए।
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सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुआ पेपर
शांतिपूर्वक और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पेपर हो रहे हैं। इसके लिए डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल से परीक्षा केंद्र और कक्षों पर नजर रखी जा रही है।
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शनिवार को जीआईसी खीरी की शिक्षिका प्रतीक्षा पटेल और कनिष्ठ सहायक सूरज भान यादव कंट्रोल रूम से निगरानी करते रहे।
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बोले परीक्षार्थी-मेहनत पर है पूरा भरोसा
ओम सांई इंटर कॉलेज की छात्रा आयुषी ने बताया कि बोर्ड की गड़बड़ी से प्रोन्नति में अंक ही नहीं मिले। इसलिए परीक्षा दे रहे हैं। वैसे परीक्षा देने के बाद जो अंक मिलेंगे वह हमारी मेहनत के होंगे।
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किसान इंटर कॉलेज की छात्रा प्रीति पांडे बताती हैं कि प्रोन्नति के मानक अनुसार 86 प्रतिशत अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन मिले 68 प्रतिशत। इसलिए दोबारा पेपर दे रहे हैं। अब अच्छे अंक आएंगे।
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किसान इंटर कॉलेज की छात्रा निशा गुप्ता ने बताया कि प्रोन्नति में 77 प्रतिशत अंक मिले थे, जो बेहद कम थे। इसलिए दोबारा पेपर दे रहे हैं। अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा है, नंबर अच्छे आएंगे।
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आर्यकन्या इंटर कॉलेज की छात्रा अक्शा अनम ने बताया कि प्रोन्नति में नंबर में बहुत ही कम 51 प्रतिशत मिले थे। जो तैयारियों के अनुसार बेहद कम थे। इसलिए फिर से पेपर दे रहे हैं। संवाद