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दूसरे जनपदों से आए 101 शिक्षकों की स्कूलों में नहीं हुई तैनाती
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में अंतरजनपदीय तबादलों के समय पारस्परिक स्थानांतरण के तहत दूसरे जनपदों से आए 101 शिक्षकों की अभी तक स्कूलों में तैनाती नहीं हो सकी है। ये शिक्षक फरवरी 2021 में अन्य जनपदों से आए थे। पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक ये स्कूलों में तैनाती के लिए तरस रहे हैं। फिलहाल ये शिक्षक बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाने को विवश हैं।
प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए कई तरह के विकल्प दिए थे, जिसमें पारस्परिक स्थानांतरण का भी अवसर दिया था। इस व्यवस्था में दो शिक्षकों के बीच आपसी सहमति के आधार पर स्थानांतरण की सुविधा मिली थी। इससे जनपद के 101 शिक्षक दूसरे जनपदों में गए और वहां से 101 शिक्षक ही लखीमपुर आए थे। यह प्रक्रिया फरवरी में पूरी हो गई थी। इसके बाद इन शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए जाने थे। शुरुआत में इन शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में हाजिरी देने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद से यह शिक्षक बीएसए दफ्तर में ही हाजिरी लगा रहे हैं। कई शिक्षकों को 100 से 150 किलोमीटर की दूरी तय करके आना पड़ता है, जिससे आवागमन में अधिक समय के साथ ही किराया-भाड़ा देने में इनके पसीने छूट रहे हैं। स्कूल आवंटित न किए जाने से शिक्षकों में भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। किस ब्लॉक या स्कूल में तैनाती मिलेगी, यह सोचकर परेशान हो रहे हैं। एक जुलाई 2021 से स्कूल खुलने लगे हैं। विभागीय अधिकारी इस मामले में पल्ला झाड़ रहे हैं। बताते हैं कि शासन स्तर से शिक्षकों केे विद्यालय आवंटित किए जाने हैं और बीएसए दफ्तर की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
89 शिक्षक लगा रहे हाजिरी
कुल 101 शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में प्रतिदिन हाजिरी देनी होती है, लेकिन लॉकडाउन/कोरोना कर्फ्यू हटने के बाद से हाजिरी देने वाले शिक्षकों की संख्या कम हो गई है। पिछले कुछ दिनों से करीब 89 शिक्षक ही हाजिरी लगाने के लिए बीएसए दफ्तर पहुंच रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि स्कूल आवंटित न होने से शिक्षकों ने अभी तक अपना ठिकाना निश्चित नहीं किया है, क्योंकि कुछ शिक्षक पड़ोसी जनपदों जैसे हरदोई, सीतापुर और शाहजहांपुर के निवासी हैं।
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पारस्परिक स्थानांतरण के तहत दूसरे जनपदों से 101 शिक्षक फरवरी में आए थे। पंचायत चुनाव के चलते इन्हें विद्यालय आवंटित नहीं किए जा सके थे। शासन स्तर से निर्देश मिलने पर इन्हें विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। तब तक इन्हें बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
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प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए कई तरह के विकल्प दिए थे, जिसमें पारस्परिक स्थानांतरण का भी अवसर दिया था। इस व्यवस्था में दो शिक्षकों के बीच आपसी सहमति के आधार पर स्थानांतरण की सुविधा मिली थी। इससे जनपद के 101 शिक्षक दूसरे जनपदों में गए और वहां से 101 शिक्षक ही लखीमपुर आए थे। यह प्रक्रिया फरवरी में पूरी हो गई थी। इसके बाद इन शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए जाने थे। शुरुआत में इन शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में हाजिरी देने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद से यह शिक्षक बीएसए दफ्तर में ही हाजिरी लगा रहे हैं। कई शिक्षकों को 100 से 150 किलोमीटर की दूरी तय करके आना पड़ता है, जिससे आवागमन में अधिक समय के साथ ही किराया-भाड़ा देने में इनके पसीने छूट रहे हैं। स्कूल आवंटित न किए जाने से शिक्षकों में भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। किस ब्लॉक या स्कूल में तैनाती मिलेगी, यह सोचकर परेशान हो रहे हैं। एक जुलाई 2021 से स्कूल खुलने लगे हैं। विभागीय अधिकारी इस मामले में पल्ला झाड़ रहे हैं। बताते हैं कि शासन स्तर से शिक्षकों केे विद्यालय आवंटित किए जाने हैं और बीएसए दफ्तर की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
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89 शिक्षक लगा रहे हाजिरी
कुल 101 शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में प्रतिदिन हाजिरी देनी होती है, लेकिन लॉकडाउन/कोरोना कर्फ्यू हटने के बाद से हाजिरी देने वाले शिक्षकों की संख्या कम हो गई है। पिछले कुछ दिनों से करीब 89 शिक्षक ही हाजिरी लगाने के लिए बीएसए दफ्तर पहुंच रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि स्कूल आवंटित न होने से शिक्षकों ने अभी तक अपना ठिकाना निश्चित नहीं किया है, क्योंकि कुछ शिक्षक पड़ोसी जनपदों जैसे हरदोई, सीतापुर और शाहजहांपुर के निवासी हैं।
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पारस्परिक स्थानांतरण के तहत दूसरे जनपदों से 101 शिक्षक फरवरी में आए थे। पंचायत चुनाव के चलते इन्हें विद्यालय आवंटित नहीं किए जा सके थे। शासन स्तर से निर्देश मिलने पर इन्हें विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। तब तक इन्हें बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए