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डीएम ने कहा-दीक्षा एप की मदद से आकर्षक बनाएं शिक्षण व्यवस्था
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दीक्षा ऐप की कार्यशाला को संबोधित करते डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग की दीक्षा एप को लेकर बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला हुई, जिसमें डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को आकर्षक बनाने के लिए शिक्षाविदें द्वारा दीक्षा एप तैयार किया गया है। यह एप शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
कलक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला का शुभारंभ डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने डायट प्राचार्य डॉ ओपी गुप्ता की मौजूदगी में किया। डीएम ने कहा आज के समय में शिक्षा प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जाए, इसके लिए सरकार नित नए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दीक्षा एप डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगी। इस एप में पूरा पाठ्यक्रम एवं आकर्षक शिक्षा सामग्री मौजूद है। प्राचार्य डॉ ओपी गुप्ता ने इस ऐप की विशेषताओं एवं इसके माध्यम से शिक्षा प्रणाली में होने वाले आमूलचूल परिवर्तन के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान कोरोना काल में इस एप की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। बच्चों का शिक्षा के प्रति ध्यान आकर्षित करने के लिए एप में विशेष ध्यान रखा गया है। कार्यशाला में शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्य को प्रशिक्षित किया गया। शैक्षिक माहौल को कैसे बेहतर बनाया जाए इस पर चर्चा हुई। संवाद
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कलक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला का शुभारंभ डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने डायट प्राचार्य डॉ ओपी गुप्ता की मौजूदगी में किया। डीएम ने कहा आज के समय में शिक्षा प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जाए, इसके लिए सरकार नित नए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दीक्षा एप डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगी। इस एप में पूरा पाठ्यक्रम एवं आकर्षक शिक्षा सामग्री मौजूद है। प्राचार्य डॉ ओपी गुप्ता ने इस ऐप की विशेषताओं एवं इसके माध्यम से शिक्षा प्रणाली में होने वाले आमूलचूल परिवर्तन के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान कोरोना काल में इस एप की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। बच्चों का शिक्षा के प्रति ध्यान आकर्षित करने के लिए एप में विशेष ध्यान रखा गया है। कार्यशाला में शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्य को प्रशिक्षित किया गया। शैक्षिक माहौल को कैसे बेहतर बनाया जाए इस पर चर्चा हुई। संवाद
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