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कमाई साढ़े चार करोड़, मजदूरों पर खर्च 76 लाख

Sun, 01 May 2016 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 01 May 2016 11:04 PM IST
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Earning four million workers spend 76 million
मजदूर - फोटो : अमर उजाला
पंजीकरण और जानकारी के अभाव में नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ
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30820 श्रमिकों का पंजीकरण और लाभ 1314 श्रमिकों को

सरकार मजदूरों के उत्थान के लिए श्रम विभाग के जरिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन तादात के मुकाबले कुछ मजदूरों को लाभ मिल पा रहा है। पहली शर्त में पंजीकरण का अड़ंगा है, जिसके बाद ही मजदूर को लाभ दिया जा सकता है। नतीजतन 40 लाख से अधिक आबादी वाले जिले में अभी तक 30820 मजदूर ही भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हो सके हैैं। वर्ष 2015.16 में सिर्फ 1314 मजदूरों को योजना का लाभ मिलाए जिसमें 76 लाख नौ हजार 160 रुपये व्यय दर्शाए गए हैं। जबकि वर्ष में कार्यदायी संस्थाओं से प्राप्त होने वाले सेस के जरिये चार करोड़ 53 लाख 55 हजार 460 रुपये बोर्ड में जमा कराए गए हैैं।

मजदूरों के उत्थान को श्रम विभाग ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन किया है, जो निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का पंजीकरण कराता हैै। सबसे निचले तबके से आने वाले मजदूरों को लाभ देने में कई पेंच भी पैदा किए गए हैं, जिनसे तमाम मजदूर पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरते। मसलन बोर्ड द्वारा तय की गई कार्यों की श्रेणी में वेल्डिंग, राजमिस्त्री, मिक्सर चलाने, टाईल्स लगाने, खिड़की ग्रिल बनाने, खनन कार्य, मनरेगा समेत 40 श्रेणियां तय की गई हैं, लेकिन पंजीकरण के समय 12 महीनों में 90 दिन तक निर्माण श्रमिक के तौर पर कार्य करने की शर्त रखी गई है। इसके लिए मजदूर को प्रमाण पत्र देना होगा, जो ग्रामीण इलाकों के मजदूरों को मिलना आसान नहीं है। खास बात यह है कि श्रमिक को पंजीकरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए 50 रुपये प्रति वर्ष अंशदान जमा करना अनिवार्य है।
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पंजीकृत श्रमिकों के लिए बोर्ड से संचालित योजनाएं
- शिशु हितलाभ योजना के तहत श्रमिक के दो बच्चों को (लड़का होने पर 10 हजार, लड़की होने पर 12 हजार) पौष्टिक आहार मुहैया कराने के लिए आर्थिक सहायता।
- मातृत्व लाभ योजना के तहत महिला श्रमिक को अधिकतम दो प्रसव के लिए 12 हजार की आर्थिक सहायता।
- बालिका मदद योजना के तहत बालिका जन्म पर 20 हजार की एफडी।
- अक्षमता पेंशन योजना के तहत श्रमिक के अक्षम होने पर एक हजार रुपये पेंशन।
- दुर्घटना सहायता योजना के तहत श्रमिक की मौत पर परिवार को पांच लाख की सहायता।
- पुत्री विवाह अनुदान योजना के तहत श्रमिक की पुत्रियों की शादी के लिए 40 हजार की सहायता।
- मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत एक लाख 15 हजार की आर्थिक मदद।
- आवास सहायता योजना के तहत एक लाख की मदद।
- कौशल विकास तकनीकी उन्नयन योजना में श्रमिक की संतानों को पढ़ाई पर होने वाला व्यय।
10.पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पश्चात श्रमिक को प्रतिमाह 500 रुपये पेंशन।
11.साइकिल सहायता योजना के तहत श्रमिक को साइकिल खरीदने के लिए तीन हजार की मदद।
12.सौर ऊर्जा योजना के तहत श्रमिक को सोलर लालटेन मिलेगी।
13.गंभीर बीमारी सहायता योजना के तहत श्रमिक या परिवार के सदस्य को इलाज की प्रतिपूर्ति।
14.मेधावी छात्र योजना के तहत श्रमिक के मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति।
15.मध्याह्न भोजन सहायता योजना के तहत श्रमिकों को कार्यस्थल पर 10 रुपये की सहायता।
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