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खीरी की हर सीट पर भाजपा मुख्य टक्कर में
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 16 Feb 2017 11:47 PM IST
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चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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कई इलाकों में ऐन मतदान के दिन बदलता दिखा माहौल
महीने भर तक जिले में चुनावी बयार का रुख भांप रहे वोटर ने मतदान के दिन पूरे निश्चय के साथ फैसला किया। मतदान होने तक कई बार समीकरण बनते बिगड़ते नजर आए लेकिन मतदान के दिन शहर के साथ देहात में भी माहौल बदलता दिखाई दिया। हर सीट पर भाजपा, बसपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। कहीं कोई भारी पड़ा तो कहीं कोई। कुछ सीटों पर अंतिम क्षणों में उलटफेर हो गया।
शहर: भाजपा-बसपा के बीच फंसे उत्कर्ष
सदर में सपा के विधायक उत्कर्ष वर्मा को कड़ी चुनौती मिली। अपने कुर्मी और मुस्लिम मतों को संभाले रखने की तमाम कोशिशों के बावजूद ऐन मौके पर उनमें तेजी से ध्रुवीकरण हुआ। भाजपा प्रत्याशी योगेश वर्मा से उन्हें कड़ा मुकाबला करना पड़ा। बसपा के नामे महाराज ने अपने कैडर वोटों को संभाले रखते हुए जहां-तहां मुस्लिम मतों में भी खूब सेंधमारी की। इस त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे उत्कर्ष की राह पिछली बार जैसी आसान नहीं लग रही है।
गोला: सपा प्रत्याशी की राह और भी मुश्किल
भाजपा प्रत्याशी और पूर्व विधायक अरविंद गिरि की सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी और विधायक विनय तिवारी से अच्छी भिड़ंत हुई। ताज्जुब की बात यह रही कि कहीं-कहीं अरविंद गिरि सपा के भी वोट खींचते नजर आए। बसपा प्रत्याशी बीटू पटेल ने कैडर वोटों के दम पर कई इलाकों में मजबूत दिखे। मतदान के रुझान ने बताया कि सपा की राह यहां और ज्यादा मुश्किल हो गई है। अधिकांश स्थानों पर वोट धार्मिक आधार पर बंटे नजर आए।
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पलिया: रोमी साहनी को मिली कड़ी चुनौती
पलिया सीट पर बसपा प्रत्याशी डॉ. वीके अग्रवाल, भाजपा के रोमी साहनी और कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशी सैफ अली नकवी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होता नजर आया। यहां ज्यादातर मुस्लिम वोट कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में नजर आया लेकिन बसपा की सेंधमारी से अछूता नहीं रहा। रोमी साहनी ज्यादातर इलाकों में दोनों से मुकाबला करते दिखे। यहां कई प्रत्याशी मैदान में है लेकिन चौथा कोना बनाते कोई नजर नहीं आया।
मोहम्मदी: मुस्लिम ध्रुवीकरण से भाजपा सुधरी
पिछले चुनाव में यह सीट बसपा ने छीन ली थी लेकिन इस बार यहां भाजपा प्रत्याशी लोकेन्द्र प्रताप सिंह की स्थिति सुधारती दिखाई दी। महंत आदित्यनाथ की जनसभा के बाद भाजपा के पक्ष में माहौल बनता दिखा। बसपा प्रत्याशी दाउद अहमद पार्टी के कैडर वोट के साथ मुस्लिम मतों के कारण पकड़ बनाए रहे। कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा की भी मुस्लिम वोटों में स्थिति मजबूत दिखी। मुस्लिम ध्रुवीकरण के कारण भाजपा मजबूत दिख रही है।
निघासन: त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर
निघासन में भाजपा प्रत्याशी रामकुमार वर्मा, बसपा के जीएस सिंह और सपा प्रत्याशी केजी पटेल के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। रामकुमार वर्मा को जीएस सिंह और निवर्तमान विधायक केजी पटेल से कड़ा मुकाबला करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी हिंदू मतों का ध्रुवीकरण कराने को जूझते रहे तो बसपा ने मुस्लिम वोटों को काटने के लिए पूरा जोर लगाया। तीनों प्रत्याशियों में कड़ा मुकाबला नजर आया, लिहाजा तस्वीर अभी साफ नहीं है।
श्रीनगर: भाजपा को मिला हर वर्ग का वोट
पिछले चुनाव में इस सीट से चुनाव जीते सपा विधायक रामसरन का टिकट कटने के बाद गठबंधन की प्रत्याशी बनीं मीरा बानो की भाजपा प्रत्याशी मंजू त्यागी से भिड़ंत हुई। मंजू त्यागी को हर वर्ग से वोट मिलने के कारण उनकी स्थिति मजबूत दिखी। सपा प्रत्याशी मीरा और बसपा के प्रत्याशी प्रवीण भार्गव कड़े मुकाबले में नजर आए। मुसलमान मतदाताओं के बीच विभाजन यहां भी हुआ। इसका फायदा भी मंजू त्यागी को मिलता नजर आया।
धौरहरा: सपा और भाजपा में हुआ मुकाबला
बसपा विधायक और प्रत्याशी शमशेर बहादुर का इस बार दो पूर्व विधायकों क्रमश: यशपाल चौधरी और बाला प्रसाद अवस्थी से कड़ा मुकाबला हुआ। क्षेत्र छोड़कर जाने के बाद मोहम्मदी से विधायकी के दौरान मुड़कर न देखने के कारण बाला प्रसाद अवस्थी के खिलाफ लोगों में नाराजगी का माहौल था लेकिन मतदान के दिन यह माहौल बदलकर उनके पक्ष में बनता दिखा। फिलहाल यहां कोई भी प्रत्याशी खास बढ़त बनाता नहीं दिख रहा है।
कस्ता: सपा-भाजपा के बीच कड़ी टक्कर
सपा के विधायक और प्रत्याशी सुनील लाला को इस बार भाजपा प्रत्याशी सौरभ सिंह सोनू से कड़ी चुनौती मिली। बसपा के राजेश गौतम भी कड़े मुकाबले में रहे। सुनील लाला अपनी बिरादरी के मतों के साथ सपा के वोट बैंक के दम पर कड़ा मुकाबला कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के सौरभ सिंह सोनू मोदी के चेहरे और हिंदू मतों के सहारे कड़े मुकाबले में हैं। कुल मिलाकर यहां सपा और भाजपा में सीधा मुकाबला नजर आ रहा है।
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महीने भर तक जिले में चुनावी बयार का रुख भांप रहे वोटर ने मतदान के दिन पूरे निश्चय के साथ फैसला किया। मतदान होने तक कई बार समीकरण बनते बिगड़ते नजर आए लेकिन मतदान के दिन शहर के साथ देहात में भी माहौल बदलता दिखाई दिया। हर सीट पर भाजपा, बसपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। कहीं कोई भारी पड़ा तो कहीं कोई। कुछ सीटों पर अंतिम क्षणों में उलटफेर हो गया।
शहर: भाजपा-बसपा के बीच फंसे उत्कर्ष
सदर में सपा के विधायक उत्कर्ष वर्मा को कड़ी चुनौती मिली। अपने कुर्मी और मुस्लिम मतों को संभाले रखने की तमाम कोशिशों के बावजूद ऐन मौके पर उनमें तेजी से ध्रुवीकरण हुआ। भाजपा प्रत्याशी योगेश वर्मा से उन्हें कड़ा मुकाबला करना पड़ा। बसपा के नामे महाराज ने अपने कैडर वोटों को संभाले रखते हुए जहां-तहां मुस्लिम मतों में भी खूब सेंधमारी की। इस त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे उत्कर्ष की राह पिछली बार जैसी आसान नहीं लग रही है।
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गोला: सपा प्रत्याशी की राह और भी मुश्किल
भाजपा प्रत्याशी और पूर्व विधायक अरविंद गिरि की सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी और विधायक विनय तिवारी से अच्छी भिड़ंत हुई। ताज्जुब की बात यह रही कि कहीं-कहीं अरविंद गिरि सपा के भी वोट खींचते नजर आए। बसपा प्रत्याशी बीटू पटेल ने कैडर वोटों के दम पर कई इलाकों में मजबूत दिखे। मतदान के रुझान ने बताया कि सपा की राह यहां और ज्यादा मुश्किल हो गई है। अधिकांश स्थानों पर वोट धार्मिक आधार पर बंटे नजर आए।
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पलिया: रोमी साहनी को मिली कड़ी चुनौती
पलिया सीट पर बसपा प्रत्याशी डॉ. वीके अग्रवाल, भाजपा के रोमी साहनी और कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशी सैफ अली नकवी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होता नजर आया। यहां ज्यादातर मुस्लिम वोट कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में नजर आया लेकिन बसपा की सेंधमारी से अछूता नहीं रहा। रोमी साहनी ज्यादातर इलाकों में दोनों से मुकाबला करते दिखे। यहां कई प्रत्याशी मैदान में है लेकिन चौथा कोना बनाते कोई नजर नहीं आया।
मोहम्मदी: मुस्लिम ध्रुवीकरण से भाजपा सुधरी
पिछले चुनाव में यह सीट बसपा ने छीन ली थी लेकिन इस बार यहां भाजपा प्रत्याशी लोकेन्द्र प्रताप सिंह की स्थिति सुधारती दिखाई दी। महंत आदित्यनाथ की जनसभा के बाद भाजपा के पक्ष में माहौल बनता दिखा। बसपा प्रत्याशी दाउद अहमद पार्टी के कैडर वोट के साथ मुस्लिम मतों के कारण पकड़ बनाए रहे। कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा की भी मुस्लिम वोटों में स्थिति मजबूत दिखी। मुस्लिम ध्रुवीकरण के कारण भाजपा मजबूत दिख रही है।
निघासन: त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर
निघासन में भाजपा प्रत्याशी रामकुमार वर्मा, बसपा के जीएस सिंह और सपा प्रत्याशी केजी पटेल के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। रामकुमार वर्मा को जीएस सिंह और निवर्तमान विधायक केजी पटेल से कड़ा मुकाबला करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी हिंदू मतों का ध्रुवीकरण कराने को जूझते रहे तो बसपा ने मुस्लिम वोटों को काटने के लिए पूरा जोर लगाया। तीनों प्रत्याशियों में कड़ा मुकाबला नजर आया, लिहाजा तस्वीर अभी साफ नहीं है।
श्रीनगर: भाजपा को मिला हर वर्ग का वोट
पिछले चुनाव में इस सीट से चुनाव जीते सपा विधायक रामसरन का टिकट कटने के बाद गठबंधन की प्रत्याशी बनीं मीरा बानो की भाजपा प्रत्याशी मंजू त्यागी से भिड़ंत हुई। मंजू त्यागी को हर वर्ग से वोट मिलने के कारण उनकी स्थिति मजबूत दिखी। सपा प्रत्याशी मीरा और बसपा के प्रत्याशी प्रवीण भार्गव कड़े मुकाबले में नजर आए। मुसलमान मतदाताओं के बीच विभाजन यहां भी हुआ। इसका फायदा भी मंजू त्यागी को मिलता नजर आया।
धौरहरा: सपा और भाजपा में हुआ मुकाबला
बसपा विधायक और प्रत्याशी शमशेर बहादुर का इस बार दो पूर्व विधायकों क्रमश: यशपाल चौधरी और बाला प्रसाद अवस्थी से कड़ा मुकाबला हुआ। क्षेत्र छोड़कर जाने के बाद मोहम्मदी से विधायकी के दौरान मुड़कर न देखने के कारण बाला प्रसाद अवस्थी के खिलाफ लोगों में नाराजगी का माहौल था लेकिन मतदान के दिन यह माहौल बदलकर उनके पक्ष में बनता दिखा। फिलहाल यहां कोई भी प्रत्याशी खास बढ़त बनाता नहीं दिख रहा है।
कस्ता: सपा-भाजपा के बीच कड़ी टक्कर
सपा के विधायक और प्रत्याशी सुनील लाला को इस बार भाजपा प्रत्याशी सौरभ सिंह सोनू से कड़ी चुनौती मिली। बसपा के राजेश गौतम भी कड़े मुकाबले में रहे। सुनील लाला अपनी बिरादरी के मतों के साथ सपा के वोट बैंक के दम पर कड़ा मुकाबला कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के सौरभ सिंह सोनू मोदी के चेहरे और हिंदू मतों के सहारे कड़े मुकाबले में हैं। कुल मिलाकर यहां सपा और भाजपा में सीधा मुकाबला नजर आ रहा है।