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खीरीः तिकुनियां कांड की तपिश में नप गए डीएम डॉ. अरविंद
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डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया।
करीब पांच महीने के कार्यकाल में हुए पसगवां और तिकुनिया कांड
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के बाद प्रदेश सरकार ने डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया को जिले से हटा दिया है। माना जा रहा है कि इस मामले में जिला प्रशासन की भूमिका काफी निष्क्रिय रही थी। बताते हैं कि यह फैसला बहुत पहले हो जाना था, लेकिन बाढ़ की वजह से इसे टाल दिया गया था। जानकारी है कि प्रशासन पर गाज गिरने के बाद अब पुलिस विभाग पर गाज गिर सकती है।
बीते तीन महीने से खीरी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी विजय ढुल के कार्यकाल में जिले में दो बड़ी घटनाएं हुईं हैं। पहले पसगवां फिर तिकुनिया कांड। इन दोनों मामलों में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। मामले में जहां घटनास्थल से प्रशासनिक अफसर नदारद रहे वहीं खुद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच तक की बात कही थी। मामला केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र से जुड़ा होने के चलते इस बात की बहुत पहले से ही सुगबुगाहट थी कि मामले में डीएम और एसपी पर गाज गिरना तय है, लेकिन बाढ़ की वजह से इस कार्यवाही को कुछ समय के लिए टाला गया था। अब हालात कुछ सामान्य होते ही मामले में प्रदेश सरकार ने कार्यवाही तेज कर दी है। यहां बता दें कि डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने चार जून को बतौर खीरी डीएम कार्यभार संभाला था। करीब पांच महीने में ही इनका तबादला कर दिया गया है। तबादले के बाद उन्हें प्रतीक्षारत रखा गया है।
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के बाद प्रदेश सरकार ने डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया को जिले से हटा दिया है। माना जा रहा है कि इस मामले में जिला प्रशासन की भूमिका काफी निष्क्रिय रही थी। बताते हैं कि यह फैसला बहुत पहले हो जाना था, लेकिन बाढ़ की वजह से इसे टाल दिया गया था। जानकारी है कि प्रशासन पर गाज गिरने के बाद अब पुलिस विभाग पर गाज गिर सकती है।
बीते तीन महीने से खीरी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी विजय ढुल के कार्यकाल में जिले में दो बड़ी घटनाएं हुईं हैं। पहले पसगवां फिर तिकुनिया कांड। इन दोनों मामलों में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। मामले में जहां घटनास्थल से प्रशासनिक अफसर नदारद रहे वहीं खुद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच तक की बात कही थी। मामला केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र से जुड़ा होने के चलते इस बात की बहुत पहले से ही सुगबुगाहट थी कि मामले में डीएम और एसपी पर गाज गिरना तय है, लेकिन बाढ़ की वजह से इस कार्यवाही को कुछ समय के लिए टाला गया था। अब हालात कुछ सामान्य होते ही मामले में प्रदेश सरकार ने कार्यवाही तेज कर दी है। यहां बता दें कि डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने चार जून को बतौर खीरी डीएम कार्यभार संभाला था। करीब पांच महीने में ही इनका तबादला कर दिया गया है। तबादले के बाद उन्हें प्रतीक्षारत रखा गया है।
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