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Lakhimpur Kheri News: 223 बोरी यूरिया मामले में वितरण प्रभारी निलंबित
Mon, 06 Jul 2026 11:36 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 06 Jul 2026 11:36 PM IST
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लखीमपुर खीरी। औरंगाबाद सहकारी समिति में 223 बोरी यूरिया वितरण में अनियमितता सामने आने पर विभाग ने वितरण प्रभारी अशोक कुमार मिश्रा को निलंबित कर दिया, लेकिन समिति सचिव और अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की। इसको लेकर कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सचिव की भूमिका के बिना वितरण संभव नहीं है।
औरंगाबाद गांव के रणधीर मिश्रा समेत अन्य ग्रामीणों ने 223 बोरी यूरिया गायब होने की शिकायत की थी। विभागीय अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिलने की बात कहते हुए क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने सीडीओ अभिषेक कुमार से शिकायत की। सीडीओ ने मामला जिला कृषि अधिकारी को सौंपा।
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह की जांच में पाया गया कि यूरिया वितरण नियमों के विपरीत हुआ। नियमानुसार पहले किसान का अंगूठा लगना चाहिए, लेकिन समिति में पहले खाद का वितरण किया गया और कई दिन बाद किसानों के अंगूठे लगवाए गए।
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विभागीय सूत्रों का दावा है कि समिति से 223 बोरी यूरिया गायब कर दी गई थी। शिकायत के बाद आनन-फानन किसानों के अंगूठे लगवाए गए, ताकि अनियमितता उजागर न हो सके।
जांच रिपोर्ट के आधार पर वितरण प्रभारी अशोक कुमार मिश्रा को निलंबित कर दिया गया, जबकि सचिव और अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई। एआर कोऑपरेटिव प्रवीण कुमार ने बताया कि यूरिया वितरण की पूरी जिम्मेदारी वितरण प्रभारी की होती है, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया।
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शिकायतकर्ता ने बचाने का लगाया आरोप
शिकायतकर्ता रणधीर मिश्रा का आरोप है कि समिति से 223 बोरी यूरिया गायब कर बड़ा खेल करने की तैयारी थी। शिकायत के बाद अनियमितता आगे बढ़ने से रुक गई, लेकिन सचिव और लिपिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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औरंगाबाद गांव के रणधीर मिश्रा समेत अन्य ग्रामीणों ने 223 बोरी यूरिया गायब होने की शिकायत की थी। विभागीय अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिलने की बात कहते हुए क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने सीडीओ अभिषेक कुमार से शिकायत की। सीडीओ ने मामला जिला कृषि अधिकारी को सौंपा।
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जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह की जांच में पाया गया कि यूरिया वितरण नियमों के विपरीत हुआ। नियमानुसार पहले किसान का अंगूठा लगना चाहिए, लेकिन समिति में पहले खाद का वितरण किया गया और कई दिन बाद किसानों के अंगूठे लगवाए गए।
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विभागीय सूत्रों का दावा है कि समिति से 223 बोरी यूरिया गायब कर दी गई थी। शिकायत के बाद आनन-फानन किसानों के अंगूठे लगवाए गए, ताकि अनियमितता उजागर न हो सके।
जांच रिपोर्ट के आधार पर वितरण प्रभारी अशोक कुमार मिश्रा को निलंबित कर दिया गया, जबकि सचिव और अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई। एआर कोऑपरेटिव प्रवीण कुमार ने बताया कि यूरिया वितरण की पूरी जिम्मेदारी वितरण प्रभारी की होती है, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया।
शिकायतकर्ता ने बचाने का लगाया आरोप
शिकायतकर्ता रणधीर मिश्रा का आरोप है कि समिति से 223 बोरी यूरिया गायब कर बड़ा खेल करने की तैयारी थी। शिकायत के बाद अनियमितता आगे बढ़ने से रुक गई, लेकिन सचिव और लिपिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।