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Lakhimpur Kheri News: गंदगी और चोक नालों से बिगड़ रही शहर की सूरत, रैंकिंग पर संकट
Fri, 06 Feb 2026 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 06 Feb 2026 11:10 PM IST
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लखीमपुर खीरी। वर्ष 2026 के स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मार्च में सर्वे टीम के शहर पहुंचने की संभावना है, जो नगर पालिका की जमीनी हकीकत को परखेगी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बेहतर रैंकिंग की राह आसान नजर नहीं आ रही है। शहर के कई इलाकों में फैली गंदगी, चोक नाले और बहता गंदा पानी स्वच्छता सर्वेक्षण में रोड़ा बनता दिख रहा है।
शुक्रवार को की गई पड़ताल में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर और जलभराव की स्थिति सामने आई। अबुल कलाम आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज के पास मुख्य मार्ग पर दूर तक फैला कूड़ा, आसपास के खाली प्लाॅटों में भरा कचरा और उससे उठती दुर्गंध स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। प्लाॅटों में कूड़ा जमा होने की समस्या लगभग हर मोहल्ले में देखी जा रही है।
गांधी विद्यालय के दो नंबर गेट के सामने और एलआईसी कार्यालय के पास नाले चोक होने से मुख्य मार्गों पर गंदा पानी बह रहा है। शिव कॉलोनी, गंगोत्री नगर, हिदायतनगर, नौरंगाबाद, शिवपुरी, कमलापुर, नई बस्ती समेत कई मोहल्लों में नालियां या तो टूटी हैं या लंबे समय से साफ नहीं हुई हैं, जिससे गंदगी सड़कों तक फैल रही है। लोगों का कहना है कि सफाई तो होती है, लेकिन नालियों की नियमित सफाई न होने से समस्या बनी रहती है। संवाद
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-- -पिछले सर्वेक्षण में नगर पालिका लखीमपुर का प्रदर्शन-- -
पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर पालिका परिषद लखीमपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर 108वीं रैंक हासिल की थी। लखनऊ मंडल में दूसरा और जिले में पहला स्थान प्राप्त करते हुए नगर पालिका ने प्रदेश की टॉप-10 निकायों में जगह बनाई थी। कचरा ट्रैकिंग, घर-घर कूड़ा संग्रह, कचरा पृथक्करण और हरियाली बढ़ाने जैसे प्रयासों से यह उपलब्धि मिली थी। अब एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन की जिम्मेदारी नगर पालिका अधिकारियों के सामने है। यदि समय रहते गंदगी, नालों और जलभराव की समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो 2026 के स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंकिंग पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
बेहतर प्रदर्शन करने का है लक्ष्य : ईओ
वर्ष 2026 के स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर पालिका प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सर्वेक्षण के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है और पिछली रैंकिंग से भी बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र के 30 वार्डों में नियमित कूड़ा संग्रह किया जा रहा है। आवासीय क्षेत्रों में प्रतिदिन एक बार सफाई कराई जा रही है, जबकि व्यावसायिक क्षेत्रों में सुबह और शाम दोनों समय सफाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी सामुदायिक शौचालयों की दिन में दो बार सफाई कराई जा रही है। शहर के सभी पार्कों को भी सुधारा जाएगा, जिससे शहर की सुंदरता और स्वच्छता दोनों बेहतर दिखाई दें।
-- -टू-डोर कूड़ा संग्रह में मिले थे 100 में से 78 अंक-- -
ईओ ने बताया कि पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह में नगर पालिका को 100 में से 78 अंक मिले थे, लेकिन गीले और सूखे कूड़े के पृथक्करण में केवल 20 अंक ही मिल पाए थे। इस कमी को दूर करने के लिए इस बार विशेष ध्यान दिया जा रहा है और 95 अंक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में जगह-जगह बिखरी पड़ी पॉलीथिन के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा। पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए नगर पालिका सख्ती बरतेगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और कूड़ा फेंकने से बचें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, इसलिए सभी लोग शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग करें।
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नगर पालिका में सफाई के साधन
सफाईकर्मी : करीब 500
डंपर : 3
जेसीबी : 2
पोकलैंड मशीन : 2
पिंपैक्टर (कूड़ा क्रश करने वाली मशीन) : 3
मैजिक वाहन : 25
साइकिल ठेलिया : 100
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शुक्रवार को की गई पड़ताल में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर और जलभराव की स्थिति सामने आई। अबुल कलाम आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज के पास मुख्य मार्ग पर दूर तक फैला कूड़ा, आसपास के खाली प्लाॅटों में भरा कचरा और उससे उठती दुर्गंध स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। प्लाॅटों में कूड़ा जमा होने की समस्या लगभग हर मोहल्ले में देखी जा रही है।
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गांधी विद्यालय के दो नंबर गेट के सामने और एलआईसी कार्यालय के पास नाले चोक होने से मुख्य मार्गों पर गंदा पानी बह रहा है। शिव कॉलोनी, गंगोत्री नगर, हिदायतनगर, नौरंगाबाद, शिवपुरी, कमलापुर, नई बस्ती समेत कई मोहल्लों में नालियां या तो टूटी हैं या लंबे समय से साफ नहीं हुई हैं, जिससे गंदगी सड़कों तक फैल रही है। लोगों का कहना है कि सफाई तो होती है, लेकिन नालियों की नियमित सफाई न होने से समस्या बनी रहती है। संवाद
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पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर पालिका परिषद लखीमपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर 108वीं रैंक हासिल की थी। लखनऊ मंडल में दूसरा और जिले में पहला स्थान प्राप्त करते हुए नगर पालिका ने प्रदेश की टॉप-10 निकायों में जगह बनाई थी। कचरा ट्रैकिंग, घर-घर कूड़ा संग्रह, कचरा पृथक्करण और हरियाली बढ़ाने जैसे प्रयासों से यह उपलब्धि मिली थी। अब एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन की जिम्मेदारी नगर पालिका अधिकारियों के सामने है। यदि समय रहते गंदगी, नालों और जलभराव की समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो 2026 के स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंकिंग पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
बेहतर प्रदर्शन करने का है लक्ष्य : ईओ
वर्ष 2026 के स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर पालिका प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सर्वेक्षण के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है और पिछली रैंकिंग से भी बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र के 30 वार्डों में नियमित कूड़ा संग्रह किया जा रहा है। आवासीय क्षेत्रों में प्रतिदिन एक बार सफाई कराई जा रही है, जबकि व्यावसायिक क्षेत्रों में सुबह और शाम दोनों समय सफाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी सामुदायिक शौचालयों की दिन में दो बार सफाई कराई जा रही है। शहर के सभी पार्कों को भी सुधारा जाएगा, जिससे शहर की सुंदरता और स्वच्छता दोनों बेहतर दिखाई दें।
ईओ ने बताया कि पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह में नगर पालिका को 100 में से 78 अंक मिले थे, लेकिन गीले और सूखे कूड़े के पृथक्करण में केवल 20 अंक ही मिल पाए थे। इस कमी को दूर करने के लिए इस बार विशेष ध्यान दिया जा रहा है और 95 अंक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में जगह-जगह बिखरी पड़ी पॉलीथिन के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा। पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए नगर पालिका सख्ती बरतेगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और कूड़ा फेंकने से बचें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, इसलिए सभी लोग शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग करें।
नगर पालिका में सफाई के साधन
सफाईकर्मी : करीब 500
डंपर : 3
जेसीबी : 2
पोकलैंड मशीन : 2
पिंपैक्टर (कूड़ा क्रश करने वाली मशीन) : 3
मैजिक वाहन : 25
साइकिल ठेलिया : 100