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हत्या के छह मामलों की फाइलों पर अटके डीआईजी
ब्यूरो /लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 20 Mar 2016 10:48 PM IST
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डीआईजी आरकेएस राठौर ने की समीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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महीनों बीतने के बाद भी न हो सका खुलासा, अब निरंतर खुद मॉनीटरिंग करेंगे
डीआईजी आरकेएस राठौर रविवार को पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में हत्या के छह मामलों को पेंडिंग देखकर गंभीर हो गए। कोतवाली सदर, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और गौरीफंटा में दर्ज हत्या के इन मामलों की विवेचना में पुलिस महीनों बाद भी कोई सुराग नहीं लगा सकी। इस पर डीआईजी ने स्टेशन अफसरों की जमकर क्लास ली और विवेचना की प्रगति की खुद मॉनीटरिंग करने की बात कही।
डीआईजी ने पुलिस लाइंस सभागार में पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जिले में अपराध नियंत्रण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान हत्या के छह मामलों का खुलासा न होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। सात जनवरी की सुबह गौरीफंटा क्षेत्र में एसएसबी के एसआई दीप सिंह सोडा की हत्या चेहरे पर वार करके की गई थी। मामले की विवेचना की प्रगति पूछी तो गौरीफंटा के प्रभारी कोतवाल देवराज सिंह कुछ भी नहीं बता सके। सीओ रामआसरे सिंह ने कहा कि खुलासे के लिए टीम प्रयासरत है। इसके बाद डीआईजी ने कोतवाली गोला में सात नवंबर 2015 को नीलम मिश्रा के पुत्र राजकुमार मिश्रा की हत्या के खुलासे के बारे में जानना चाहा तो कोतवाल सीबी सिंह सिर्फ इतना बता पाए कि अभी कोई सुरागरसी नहीं हो पाई है। इस पर वह सख्त हो गए। उन्होंने हत्या की घटनाओं का खुलासा कर पाने में फेल साबित हो रहे गोला और गौरीफंटा के प्रभारियों के अलावा कोतवाल सदर गुलाब शंकर पांडे और धौरहरा कोतवाल रंजीत यादव से भी विवेचनाओं की प्रगति पूछी और दो टूक कहा कि सभी घटनाओं का जल्द वर्कआउट होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि होली पर शांति बनाए रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकरियों से भी बात की और होली पर अवैध शराब की बिक्री न हो इसके लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कर्मियों से कहा कि होली को लेकर जो विवाद सामने आए हैं उनका समय पूर्व निस्तारण कर दिया जाए जिससे जिले में कहीं तनाव जैसी स्थिति न हो।
पुलिस कर्मियों को किया सम्मानित
डीआईजी ने जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण आदि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस क्रम में एसओ मितौली राजेश सिंह, चौकी इंचार्ज ढखेरवा तुलसीराम चौरसिया, चौकी प्रभारी खमरिया जनार्दन प्रसाद सिंह, और चौकी प्रभारी अलीगंज शंखधर भट्ट को अपराध नियंत्रण और विवेचना निस्तारण के लिए तथा ईसानगर के आरक्षी समरजीत, पलिया के आरक्षी शोभनाथ सिंह, पलिया कोतवाली के कौशल सिंह तथा नीमगांव थाना के आरक्षी अलीशान को अपराधियों की गिरफ्तार और कानून व्यवस्था सुधारने में उत्कृष्ट सहयोग करने के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर एएसपी एपी सिंह, सीओ सिटी एमपी सिंह और सीओ मितौली मिथलेश दीक्षित सहित तमाम पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
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होली पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी पुलिस
होली पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में अतिरिक्त पुलिस लगाई जाएगी। गांवों में अवैध शराब की बिक्री नहीं हो पाएगी तथा चुनाव की तरह पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां जिले में भ्रमण करेंगी। अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। यह बात यहां पुलिस अधिकारियों की बैठक लेने के बाद डीआईजी आरकेएस राठौर ने पत्रकारों से कही।
डीआईजी आरकेएस राठौर ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ध्यान रखें कि होली पर कोई विवाद न होने पाए आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुलाकर अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। शांति व्यवस्था के लिए पूरे जिले को छोटे-छोटे जोन और सेक्टर में बांटा गया है चुनाव की तरह अधिकारियों की गाड़ियों पूरे जिले में भ्रमण करेंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि लावारिस माल और वाहनों का निस्तारण कराया जाए। उन्होंने बताया कि शांति व्यवस्था के लिए लगभग 350 पुलिस के अतिरिक्त जवान भेजे जाएंगे जो टोलियां बनाकर भ्रमण करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई है कि वे एंबुलेंस आदि हर समय तैयार रखें जिससे कोई घटना होने पर लोगों को त्वरित उपचार की सुविधा मिल सके। प्रेसवार्ता में एएसपी एपी सिंह, सीओ सिटी एमपी सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
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डीआईजी आरकेएस राठौर रविवार को पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में हत्या के छह मामलों को पेंडिंग देखकर गंभीर हो गए। कोतवाली सदर, गोला गोकर्णनाथ, धौरहरा और गौरीफंटा में दर्ज हत्या के इन मामलों की विवेचना में पुलिस महीनों बाद भी कोई सुराग नहीं लगा सकी। इस पर डीआईजी ने स्टेशन अफसरों की जमकर क्लास ली और विवेचना की प्रगति की खुद मॉनीटरिंग करने की बात कही।
डीआईजी ने पुलिस लाइंस सभागार में पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जिले में अपराध नियंत्रण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान हत्या के छह मामलों का खुलासा न होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। सात जनवरी की सुबह गौरीफंटा क्षेत्र में एसएसबी के एसआई दीप सिंह सोडा की हत्या चेहरे पर वार करके की गई थी। मामले की विवेचना की प्रगति पूछी तो गौरीफंटा के प्रभारी कोतवाल देवराज सिंह कुछ भी नहीं बता सके। सीओ रामआसरे सिंह ने कहा कि खुलासे के लिए टीम प्रयासरत है। इसके बाद डीआईजी ने कोतवाली गोला में सात नवंबर 2015 को नीलम मिश्रा के पुत्र राजकुमार मिश्रा की हत्या के खुलासे के बारे में जानना चाहा तो कोतवाल सीबी सिंह सिर्फ इतना बता पाए कि अभी कोई सुरागरसी नहीं हो पाई है। इस पर वह सख्त हो गए। उन्होंने हत्या की घटनाओं का खुलासा कर पाने में फेल साबित हो रहे गोला और गौरीफंटा के प्रभारियों के अलावा कोतवाल सदर गुलाब शंकर पांडे और धौरहरा कोतवाल रंजीत यादव से भी विवेचनाओं की प्रगति पूछी और दो टूक कहा कि सभी घटनाओं का जल्द वर्कआउट होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि होली पर शांति बनाए रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकरियों से भी बात की और होली पर अवैध शराब की बिक्री न हो इसके लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कर्मियों से कहा कि होली को लेकर जो विवाद सामने आए हैं उनका समय पूर्व निस्तारण कर दिया जाए जिससे जिले में कहीं तनाव जैसी स्थिति न हो।
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पुलिस कर्मियों को किया सम्मानित
डीआईजी ने जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण आदि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस क्रम में एसओ मितौली राजेश सिंह, चौकी इंचार्ज ढखेरवा तुलसीराम चौरसिया, चौकी प्रभारी खमरिया जनार्दन प्रसाद सिंह, और चौकी प्रभारी अलीगंज शंखधर भट्ट को अपराध नियंत्रण और विवेचना निस्तारण के लिए तथा ईसानगर के आरक्षी समरजीत, पलिया के आरक्षी शोभनाथ सिंह, पलिया कोतवाली के कौशल सिंह तथा नीमगांव थाना के आरक्षी अलीशान को अपराधियों की गिरफ्तार और कानून व्यवस्था सुधारने में उत्कृष्ट सहयोग करने के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर एएसपी एपी सिंह, सीओ सिटी एमपी सिंह और सीओ मितौली मिथलेश दीक्षित सहित तमाम पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
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होली पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी पुलिस
होली पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में अतिरिक्त पुलिस लगाई जाएगी। गांवों में अवैध शराब की बिक्री नहीं हो पाएगी तथा चुनाव की तरह पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां जिले में भ्रमण करेंगी। अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। यह बात यहां पुलिस अधिकारियों की बैठक लेने के बाद डीआईजी आरकेएस राठौर ने पत्रकारों से कही।
डीआईजी आरकेएस राठौर ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ध्यान रखें कि होली पर कोई विवाद न होने पाए आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुलाकर अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। शांति व्यवस्था के लिए पूरे जिले को छोटे-छोटे जोन और सेक्टर में बांटा गया है चुनाव की तरह अधिकारियों की गाड़ियों पूरे जिले में भ्रमण करेंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि लावारिस माल और वाहनों का निस्तारण कराया जाए। उन्होंने बताया कि शांति व्यवस्था के लिए लगभग 350 पुलिस के अतिरिक्त जवान भेजे जाएंगे जो टोलियां बनाकर भ्रमण करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई है कि वे एंबुलेंस आदि हर समय तैयार रखें जिससे कोई घटना होने पर लोगों को त्वरित उपचार की सुविधा मिल सके। प्रेसवार्ता में एएसपी एपी सिंह, सीओ सिटी एमपी सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।