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सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारना एक चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:27 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सरकार के नियम ही छात्रों के भविष्य पर पड़ रहे भारी
सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है, जिसके सुधार के लिए शिक्षकों पर अहम जिम्मेदारी हैै। लापरवाह शिक्षकों की भीड़ के बीच कुछ शिक्षक अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। धर्म सभा इंटर कॉलेज के रसायन विज्ञान प्रवक्ता आलोक गोयल ऐसी शख्सियत में शुमार हैं, जो समय की पाबंदी के साथ छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में तत्पर हैं।
हाल में ही विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रवक्ता आलोक गोयल को विज्ञान शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया था। 28 वर्षों से कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षक आलोक गोयल कहते हैं कि सरकारी स्कूलों में कक्षा आठ तक कोई छात्र फेल नहीं किया जाएगा, चाहे उसे ठीक से लिखना भी न आता हो। ऐसी व्यवस्था में शिक्षा का स्तर सुधरने के बजाय गिरेगा। कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई विद्यार्थियों के लिए बुनियाद से कम नहीं है, जिसके कमजोर होने से सबसे ज्यादा विद्यार्थियों का ही नुकसान हो रहा है। शिक्षक आलोक गोयल ने शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने का भी प्रयास किया, जिससे उन्होंने गरीब छात्रों के लिए वर्ष 2010 में रसायन विज्ञान की पुस्तक भी प्रकाशित की थी। हालांकि पाठ्यक्रम में बदलाव के कारण पुस्तक रिवाइज्ड नहीं हो सकी। इस बारे में शिक्षक ने बताया कि जल्द ही इसे छात्र हित में रिवाइज्ड किया जाएगा। वर्ष 2011 में उन्हें शिक्षा विभाग एवं होप एनजीओ द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी कार्यक्रम के लिए मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया। इसके अलावा समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए उन्हें 2012 में सामाजिक संस्था सर्व उत्थान सेवा संस्थान सम्मानित कर चुकी है।
सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है, जिसके सुधार के लिए शिक्षकों पर अहम जिम्मेदारी हैै। लापरवाह शिक्षकों की भीड़ के बीच कुछ शिक्षक अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। धर्म सभा इंटर कॉलेज के रसायन विज्ञान प्रवक्ता आलोक गोयल ऐसी शख्सियत में शुमार हैं, जो समय की पाबंदी के साथ छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में तत्पर हैं।
हाल में ही विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रवक्ता आलोक गोयल को विज्ञान शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया था। 28 वर्षों से कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षक आलोक गोयल कहते हैं कि सरकारी स्कूलों में कक्षा आठ तक कोई छात्र फेल नहीं किया जाएगा, चाहे उसे ठीक से लिखना भी न आता हो। ऐसी व्यवस्था में शिक्षा का स्तर सुधरने के बजाय गिरेगा। कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई विद्यार्थियों के लिए बुनियाद से कम नहीं है, जिसके कमजोर होने से सबसे ज्यादा विद्यार्थियों का ही नुकसान हो रहा है। शिक्षक आलोक गोयल ने शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने का भी प्रयास किया, जिससे उन्होंने गरीब छात्रों के लिए वर्ष 2010 में रसायन विज्ञान की पुस्तक भी प्रकाशित की थी। हालांकि पाठ्यक्रम में बदलाव के कारण पुस्तक रिवाइज्ड नहीं हो सकी। इस बारे में शिक्षक ने बताया कि जल्द ही इसे छात्र हित में रिवाइज्ड किया जाएगा। वर्ष 2011 में उन्हें शिक्षा विभाग एवं होप एनजीओ द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी कार्यक्रम के लिए मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया। इसके अलावा समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए उन्हें 2012 में सामाजिक संस्था सर्व उत्थान सेवा संस्थान सम्मानित कर चुकी है।
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