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Lakhimpur Kheri News: हरिद्वार में बाघों की मौत से दुधवा में बजी खतरे की घंटी
Fri, 22 May 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 22 May 2026 11:14 PM IST
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दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल की सीमा पर लगा पिलर। स्रोत : वन विभाग
लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। उत्तराखंड के हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों को जहर देकर मारने का मामला सामने आने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) और पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
वन विभाग ने शिकार और तस्करी की आशंका को देखते हुए वन कर्मियों की टीमें गठित कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के प्रभारी फील्ड डायरेक्टर एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन पीपी सिंह ने बताया कि हरिद्वार में दो बाघों के शव मिलने के बाद डीटीआर और पीटीआर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
संवेदनशील स्थलों, वाटरहोल्स और खासकर भारत-नेपाल सीमा पर बारी-बारी से गश्त कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पेशेवर शिकारियों पर नजर रखने के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ), डॉग स्क्वायड और एसएसबी जवानों की मदद से सीमा पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। जंगल में आने-जाने वाले रास्तों और जंगल मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की भी कड़ी जांच होगी। सर्विलांस सिस्टम और राजकीय हाथियों के जरिए भी पेट्रोलिंग कराई जाएगी। गर्मी को देखते हुए सभी वाटरहोल्स में पर्याप्त पानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वन्यजीवों को जंगल से बाहर न आना पड़े।
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हरिद्वार में दो बाघों की मौत के बाद डीटीआर और पीटीआर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। शिकार की घटनाओं को देखते हुए वन कर्मियों की टीमें गठित कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। खासकर भारत-नेपाल सीमा पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
-पीपी सिंह, प्रभारी फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व/अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन
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वन विभाग ने शिकार और तस्करी की आशंका को देखते हुए वन कर्मियों की टीमें गठित कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के प्रभारी फील्ड डायरेक्टर एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन पीपी सिंह ने बताया कि हरिद्वार में दो बाघों के शव मिलने के बाद डीटीआर और पीटीआर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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संवेदनशील स्थलों, वाटरहोल्स और खासकर भारत-नेपाल सीमा पर बारी-बारी से गश्त कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पेशेवर शिकारियों पर नजर रखने के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ), डॉग स्क्वायड और एसएसबी जवानों की मदद से सीमा पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। जंगल में आने-जाने वाले रास्तों और जंगल मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की भी कड़ी जांच होगी। सर्विलांस सिस्टम और राजकीय हाथियों के जरिए भी पेट्रोलिंग कराई जाएगी। गर्मी को देखते हुए सभी वाटरहोल्स में पर्याप्त पानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वन्यजीवों को जंगल से बाहर न आना पड़े।
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हरिद्वार में दो बाघों की मौत के बाद डीटीआर और पीटीआर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। शिकार की घटनाओं को देखते हुए वन कर्मियों की टीमें गठित कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। खासकर भारत-नेपाल सीमा पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
-पीपी सिंह, प्रभारी फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व/अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन