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Lakhimpur Kheri News: प्रदेश मेरिट में जगह बनाकर बेटी ने पिता को दी श्रद्धांजलि
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-परिवार वालों के साथ प्रदेश एवं जिला टॉपर स्मृति सिंह (चश्मे में)
गोला गोकर्णनाथ। इंटरमीडिएट में यूपी की टॉप टेन सूची में पांचवां स्थान पाने और जिला टॉप करने वाली सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज की छात्रा स्मृति सिंह की संघर्ष की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। स्मृति ने प्रदेश टॉप टेन में जगह बनाकर अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी है।
नगर के ऊंची भूड़ निवासी टॉपर स्मृति सिंह अभी देहरादून में अपने भाई वैभव सिंह के साथ नीट की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना डॉक्टर बनने का है। मोबाइल पर बात करते हुए स्मृति भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने हाईस्कूल में जिला टॉप किया था। जिल दिन रिजल्ट आया, पिता की हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें पैरालिसिस की बीमारी थी। जब स्मृति ने हाई स्कूल टॉप करने की बात अपने पिता के कान में कही तो वह बोल नहीं सके, बस उनकी आंखों से आंसू बह निकले। अगले दिन पिता की मृत्यु हो गई थी।
स्मृति सिंह ने 97 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉप तो किया ही, प्रदेश में पांचवां स्थान पाकर अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि भी दी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को देती हैं। बड़े भाई अनुभव सिंह पिता की बर्तन की दुकान संभाल रहे हैं। मां इंदुजा सिंह बेटी की इस सफलता पर बेहद खुश हैं।
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लक्ष्य पर केंद्रित हाेकर काम करने से मिलती है सफलता
स्मृति सिंह का कहना है कि पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य पर केंद्रित होकर काम किया जाए, तो सफलता मिलना तय है। वह 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती हैं। मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग वह केवल अपनी पढ़ाई संबंधी तैयारी के लिए ही करती है।
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नगर के ऊंची भूड़ निवासी टॉपर स्मृति सिंह अभी देहरादून में अपने भाई वैभव सिंह के साथ नीट की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना डॉक्टर बनने का है। मोबाइल पर बात करते हुए स्मृति भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने हाईस्कूल में जिला टॉप किया था। जिल दिन रिजल्ट आया, पिता की हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें पैरालिसिस की बीमारी थी। जब स्मृति ने हाई स्कूल टॉप करने की बात अपने पिता के कान में कही तो वह बोल नहीं सके, बस उनकी आंखों से आंसू बह निकले। अगले दिन पिता की मृत्यु हो गई थी।
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स्मृति सिंह ने 97 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉप तो किया ही, प्रदेश में पांचवां स्थान पाकर अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि भी दी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को देती हैं। बड़े भाई अनुभव सिंह पिता की बर्तन की दुकान संभाल रहे हैं। मां इंदुजा सिंह बेटी की इस सफलता पर बेहद खुश हैं।
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लक्ष्य पर केंद्रित हाेकर काम करने से मिलती है सफलता
स्मृति सिंह का कहना है कि पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य पर केंद्रित होकर काम किया जाए, तो सफलता मिलना तय है। वह 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती हैं। मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग वह केवल अपनी पढ़ाई संबंधी तैयारी के लिए ही करती है।