फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Damage to crops... stray animals becoming cause of accidents and disputes

Lakhimpur Kheri News: फसलों को नुकसान... हादसे-विवाद की वजह बन रहे छुट्टा पशु

Sat, 10 Aug 2024 03:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2024 03:59 AM IST
विज्ञापन
Damage to crops... stray animals becoming cause of accidents and disputes

विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। शहर, कस्बों की सड़कों और खेतों में घूमते छुट्टा पशु हादसे और विवाद की वजह बन रहे हैं। छुट्टा पशुओं के भगाने के विवाद में भीरा थाना क्षेत्र के रड़ा बाजार में दो ग्रामीणों की हत्या कर दी गई थी। फसलों की सुरक्षा में किसान पहरेदार बन गए हैं। संरक्षण और भरण-पोषण पर लाखों खर्च के बाद भी छुट्टा पशु शहर की गलियों और गांव में घूमते दिखते हैं। प्रशासन और पशुपालन विभाग कागजी आंकड़े दुरुस्त करने में जुटा है।
जिले में छुट्टा पशुओं के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए 131 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। वृहद गोशालाएं भी हैं। पशुपालन विभाग इन आश्रय स्थलों में करीब 29 हजार पशुओं के संरक्षण का दावा भी करता है। तमाम प्रयासों और लाखों खर्च के बाद भी छुट्टा जानवर शहर और कस्बों की सड़कों पर डेरा जमाए दिखते हैं। लखीमपुर-सीतापुर मार्ग, मितौली मार्ग, गोला गोकर्णनाथ, पलिया, धौरहरा और अन्य स्थानों पर भी छुट्टा जानवर आमजन की मुसीबत बने हैं। किसानों की फसलों को नुकसान तो पहुंचा ही रहे। बड़ी घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं।
विज्ञापन

-------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन


केस-एक : दो अगस्त को भीरा थाने के रड़ा बाजार में छुट्टा पशुओं को भगाने के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था। गांव निवासी रामजीत सिंह और रामखेलावन उर्फ गुड्डू की पीटकर हत्या कर दी गई। 11 अन्य लोग चोटिल हुए थे। गांव में तनाव को देख कई थानों की पुलिस तैनात की गई। एक बटालियन पीएसी भी लगाई गई। आईजी रेंज प्रशांत कुमार भी गांव पहुंचे थे।

केस- दो : 14 जून की रात मैलानी थाना क्षेत्र में बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर अचानक से सामने आए छुट्टा पशु को बचाने के चक्कर में बांकेगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत पहाड़ापुर के प्रधान गुरुलाल सिंह की कार हाईटेंशन लाइन के खंभे से टकरा गई थी। हादसे में प्रधान गुरलाल की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हुए थे। कई अन्य हादसे भी छुट्टा पशुओं की वजह से हुए हैं।

आंकड़ों में गो-आश्रय स्थल और संरक्षित पशु
131 कुल गो-आश्रय स्थल संचालित हैं जिले में
43,315 कुल पंजीकृत गोवंश हैं
10,500 गोवंशोंं की सुपुर्दगी की गई है
29 हजार के करीब पशु संरक्षित किए गए हैं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed