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मालगोदाम में आग से नुकसान का आकलन कर रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 29 Oct 2016 10:23 PM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला
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जलने से बचे सामान को किया सूचीबद्ध, लाखों के नुकसान का है अनुमान
रेलवे मालगोदाम के भंडार घर में शुक्रवार की शाम लगी आग के कारणों का शनिवार को भी पता नहीं लग सका। शनिवार को कर्मचारी जलने से बचे सामान को अलग कर सूचीबद्ध करते रहे। कार्यदायी संस्था के कर्मचारी और अधिकारी आग की वजह शार्ट सर्किट का होना मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे लोहे के एंगल काटने के दौरान मजदूरों की ओर से बरती गई लापरवाही बता रहे हैं। वहीं कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार लोग शनिवार की शाम तक आग से होने वाले नुकसान का आकलन नहीं लगा सके। वहीं इस मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को भी दी गई है। आग से सबसे ज्यादा रबर पैड का जलना बताया जा रहा है।
शुक्रवार को ब्राडगेज निर्माण सामग्री के जिस भंडार घर में आग गई थी, उसमें पटरियों के नीचे डालने वाले रबर पैड और स्लीपर से पटरी को जोड़ने वाले हुक, सिग्नल में लगने वाले सामान सहित अन्य लोहे की सामग्री रखी हुई थी। रबर पैड की संख्या साढ़े तीन लाख से लेकर चार लाख के करीब बताई जाती है। बतातेे हैं कि एक रबर पैड की कीमत बीस रुपये के करीब होती है, लेकिन कार्यदायी संस्था के लोगों एवं मजूदरों का कहना है रबर पैड पेटियों में रखे थे, जिससे आग लगने से ऊपर रखे पैड ही प्रभावित हुए हैं जबकि अंदर के सही निकल रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि तीस से चालीस प्रतिशत ही पैड प्रभावित हुए होंगे। बताया जाता है कि लोहे के हुक एवं अन्य निर्माण सामग्रियां ज्यादा प्रभावित नहीं हुई हैं। हालांकि फिर भी इस आग से लाखों का नुकसान होना बताया जा रहा है। आरवीएनएल की सहयोगी संस्था कालिंदी के डिप्टी मैनेजर मोहम्मद इस्लाम ने कोतवाली पुलिस को अज्ञात कारणों से लगी आग के बाबत तहरीर दे दी है।
रेलवे मालगोदाम के भंडार घर में शुक्रवार की शाम लगी आग के कारणों का शनिवार को भी पता नहीं लग सका। शनिवार को कर्मचारी जलने से बचे सामान को अलग कर सूचीबद्ध करते रहे। कार्यदायी संस्था के कर्मचारी और अधिकारी आग की वजह शार्ट सर्किट का होना मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे लोहे के एंगल काटने के दौरान मजदूरों की ओर से बरती गई लापरवाही बता रहे हैं। वहीं कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार लोग शनिवार की शाम तक आग से होने वाले नुकसान का आकलन नहीं लगा सके। वहीं इस मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को भी दी गई है। आग से सबसे ज्यादा रबर पैड का जलना बताया जा रहा है।
शुक्रवार को ब्राडगेज निर्माण सामग्री के जिस भंडार घर में आग गई थी, उसमें पटरियों के नीचे डालने वाले रबर पैड और स्लीपर से पटरी को जोड़ने वाले हुक, सिग्नल में लगने वाले सामान सहित अन्य लोहे की सामग्री रखी हुई थी। रबर पैड की संख्या साढ़े तीन लाख से लेकर चार लाख के करीब बताई जाती है। बतातेे हैं कि एक रबर पैड की कीमत बीस रुपये के करीब होती है, लेकिन कार्यदायी संस्था के लोगों एवं मजूदरों का कहना है रबर पैड पेटियों में रखे थे, जिससे आग लगने से ऊपर रखे पैड ही प्रभावित हुए हैं जबकि अंदर के सही निकल रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि तीस से चालीस प्रतिशत ही पैड प्रभावित हुए होंगे। बताया जाता है कि लोहे के हुक एवं अन्य निर्माण सामग्रियां ज्यादा प्रभावित नहीं हुई हैं। हालांकि फिर भी इस आग से लाखों का नुकसान होना बताया जा रहा है। आरवीएनएल की सहयोगी संस्था कालिंदी के डिप्टी मैनेजर मोहम्मद इस्लाम ने कोतवाली पुलिस को अज्ञात कारणों से लगी आग के बाबत तहरीर दे दी है।
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