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Lakhimpur Kheri News: फसल गई पानी में, मुआवजे की बारी आई तो छूट गए किसान
Fri, 30 Oct 2026 11:22 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:22 PM IST
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निघासन क्षेत्र में धान के खेत में भरा पानी। फाइल फोटो
निघासन। बाढ़ और आंधी-पानी ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दीं, लेकिन मुआवजे के सर्वे में कई किसान छूट गए। किसानों का आरोप है कि राजस्व विभाग ने सर्वे में मनमानी की। किसी को दो हजार तो किसी को 20 हजार रुपये मुआवजा मिला, जबकि कई प्रभावित किसानों को सूची में शामिल तक नहीं किया गया। अब किसानों ने दोबारा सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
रकेहटी के किसान प्रदीप गुप्ता की सात बीघा गन्ने की फसल पानी में डूबने से गलने के कगार पर है। किसान राममनोहर के मुताबिक, उनकी करीब साढ़े आठ बीघा गन्ने की फसल में दो महीने से तीन से चार फुट तक पानी भरा है। इसके बावजूद लेखपाल ने गांव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बाहर बताया।
ढखेरवा खालसा के सुनील जायसवाल ने बताया कि चार बीघा धान की फसल तीन दिन तक पानी में डूबी रही। काफी प्रयास के बाद भी वह कुछ भीगे हुए बोझ ही निकाल सके। किसान रामगोपाल यादव ने दो बीघा धान परिवार के सालभर के भोजन के लिए लगाया था, लेकिन पूरी फसल बर्बाद हो गई। अब आधी-अधूरी फसल औने-पौने दामों पर कटवानी पड़ रही है।
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किसानों के मुताबिक, राजकुमार, कमलेश, बदलू, रमन, धनी और विनोद की धान की फसल प्रभावित हुई है। वहीं, ढखेरवा खालसा के रामआसरे यादव, रामकिशोर, रामसिंह, श्रीराम, मुखिया, जगप्रताप, रामऔतार, श्यामू, चुनमुन्ना, प्रेमसागर, शिवपूजन, मोहित और रामकुमार की केले की फसल खराब हुई है।
एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि जिन गांवों में पहले बाढ़ का पानी आया था, उनका सर्वे कराकर मुआवजा दिया जा चुका है। जो गांव सर्वे में छूट गए हैं, वहां के लेखपालों को दोबारा सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए जाएंगे।
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रकेहटी के किसान प्रदीप गुप्ता की सात बीघा गन्ने की फसल पानी में डूबने से गलने के कगार पर है। किसान राममनोहर के मुताबिक, उनकी करीब साढ़े आठ बीघा गन्ने की फसल में दो महीने से तीन से चार फुट तक पानी भरा है। इसके बावजूद लेखपाल ने गांव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बाहर बताया।
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ढखेरवा खालसा के सुनील जायसवाल ने बताया कि चार बीघा धान की फसल तीन दिन तक पानी में डूबी रही। काफी प्रयास के बाद भी वह कुछ भीगे हुए बोझ ही निकाल सके। किसान रामगोपाल यादव ने दो बीघा धान परिवार के सालभर के भोजन के लिए लगाया था, लेकिन पूरी फसल बर्बाद हो गई। अब आधी-अधूरी फसल औने-पौने दामों पर कटवानी पड़ रही है।
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किसानों के मुताबिक, राजकुमार, कमलेश, बदलू, रमन, धनी और विनोद की धान की फसल प्रभावित हुई है। वहीं, ढखेरवा खालसा के रामआसरे यादव, रामकिशोर, रामसिंह, श्रीराम, मुखिया, जगप्रताप, रामऔतार, श्यामू, चुनमुन्ना, प्रेमसागर, शिवपूजन, मोहित और रामकुमार की केले की फसल खराब हुई है।
एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि जिन गांवों में पहले बाढ़ का पानी आया था, उनका सर्वे कराकर मुआवजा दिया जा चुका है। जो गांव सर्वे में छूट गए हैं, वहां के लेखपालों को दोबारा सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए जाएंगे।