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जंगली हाथियों ने दो गांवों को बनाया निशाना
अमर उजाला ब्यूरो चंदनचौकी।
Updated Mon, 09 Jan 2017 11:03 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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- सारभूसी और चंदनचौकी गांव में रौंदी फसल
थारू क्षेत्र में बीते कई दिनों से जंगली हाथियों का कहर लगातार जारी है। जंगली हाथी किसानों की खड़ी गेहूं और गन्ने की फसल को खाकर और रौंदकर लगातार नष्ट कर रहे हैं। इसी में बीती रात सारभूसी गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है।
रविवार रात दुधवा पार्क के जंगल से निकले चार दर्जन से ज्यादा हाथियों के झुंड ने थारु ग्राम सारभूसी में जमकर तबाही मचाई। उन्होंने वहां के किसान बाबूराम, हरिराम, गनशा, दुखीराम, खुशीराम, छिद्दू चौधरी, बालगोविंद, बुधराम, रामकिशन, सेवाराम, भगन, गजोधर, नेवाराम और मूलचंद राना की खड़ी गेहूं और गन्ने की फसल को खाकर तथा पैरों से रौंदकर नष्ट कर डाला। ग्रामीणों ने किसी तरह गोला पटाखा आदि दगा कर हाथियों को वापस जंगल में खदेड़ा। थोड़ी देर बाद हाथियों का झुंड चंदनचौकी गांव के खेतों में घुस गया और वहां के किसान पूरन लाल राना का तीन बीघा गन्ना और मिथलेश का दो बीघा खड़ी गेहूं की फसल को खाकर पैरों से रौंद डाला। इससे पूर्व भी जंगली हाथियों का झुंड थारू क्षेत्र के ग्राम भूंडा, हिम्मतनगर, बजाही, सूरमा, बलेरा आदि गांवों में तबाही मचा चुके हैं।
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सारभूशी गांव में हाथियों का झुंड आबादी तक पहुंच गया और वहां के किसान मूलचंद की रखवाली के लिए नजदीक बनी झोपड़ी को तोड़ डाला तथा उसमें रखे बर्तनों को पैरों से रौंदकर तोड़ डाला और रखा राशन भी बिखेर दिया।
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थारू क्षेत्र में बीते कई दिनों से जंगली हाथियों का कहर लगातार जारी है। जंगली हाथी किसानों की खड़ी गेहूं और गन्ने की फसल को खाकर और रौंदकर लगातार नष्ट कर रहे हैं। इसी में बीती रात सारभूसी गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है।
रविवार रात दुधवा पार्क के जंगल से निकले चार दर्जन से ज्यादा हाथियों के झुंड ने थारु ग्राम सारभूसी में जमकर तबाही मचाई। उन्होंने वहां के किसान बाबूराम, हरिराम, गनशा, दुखीराम, खुशीराम, छिद्दू चौधरी, बालगोविंद, बुधराम, रामकिशन, सेवाराम, भगन, गजोधर, नेवाराम और मूलचंद राना की खड़ी गेहूं और गन्ने की फसल को खाकर तथा पैरों से रौंदकर नष्ट कर डाला। ग्रामीणों ने किसी तरह गोला पटाखा आदि दगा कर हाथियों को वापस जंगल में खदेड़ा। थोड़ी देर बाद हाथियों का झुंड चंदनचौकी गांव के खेतों में घुस गया और वहां के किसान पूरन लाल राना का तीन बीघा गन्ना और मिथलेश का दो बीघा खड़ी गेहूं की फसल को खाकर पैरों से रौंद डाला। इससे पूर्व भी जंगली हाथियों का झुंड थारू क्षेत्र के ग्राम भूंडा, हिम्मतनगर, बजाही, सूरमा, बलेरा आदि गांवों में तबाही मचा चुके हैं।
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सारभूशी गांव में हाथियों का झुंड आबादी तक पहुंच गया और वहां के किसान मूलचंद की रखवाली के लिए नजदीक बनी झोपड़ी को तोड़ डाला तथा उसमें रखे बर्तनों को पैरों से रौंदकर तोड़ डाला और रखा राशन भी बिखेर दिया।
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