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मजदूरी करते लखनऊ में मिली लापता किशोरी
पलियाकलां।
Updated Mon, 07 Sep 2015 07:03 PM IST
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करीब ढाई साल पहले बलात्कार के एक मामले में बयान से पूर्व लापता हुई किशोरी को घरवालों ने लखनऊ के चिनहट इलाके में मजदूरी करते पाया है। उसे यहां लाया गया, जिसमें उसने पुराने आरोपियों समेत करीब आधा दर्जन लोगों पर फिर से दुराचार करने और उसको अगवा कर बेच देने का आरोप लगाया। बलात्कार का मुकदमा निघासन थाने में दर्ज हुआ था इसके बाद पीड़ित परिवार मझगईं में रहने लगा। करीब एक साल बाद जब पीड़िता के बयान होने थे तो उसे अगवा कर लिया गया।
मामले की शुरुआत निघासन थाना क्षेत्र से हुई। यहां के एक गांव के निवासी व्यक्ति की नाबालिग पुत्री के साथ दो लोगों पर बलात्कार करने का आरोप लगा था। इसमें मुकदमा भी दर्ज हो गया कार्रवाई चलती रही। आरोप है कि पीड़ित किशोरी के घरवालों को परेशान किया जाता रहा जिसके चलते वह वहां से सब कुछ छोड़कर मझगईं आ बसे। इस कार्रवाई में वर्ष 2013 में पीड़िता के बयान होने थे लेकिन घरवालों ने आरोप लगाया कि पुत्री को आरोपियों ने अगवा कर लिया है। इस मामले में दर-दर भटकने के बाद पलिया पुलिस ने वर्ष 2014 में दो पुराने आरोपियों समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। तब से उसकी तलाश चल रही थी। मां-पिता को किसी से जानकारी मिली कि उनकी पुत्री लखनऊ में देखी गई है तो उन्होंने लखनऊ में उसकी तलाश शुरू कर दी, इसमें उन्हें कामयाबी भी मिली और करीब तीन दिन पूर्व उनके मुताबिक उनकी पुत्री लखनऊ के चिनहट में एक भवन निर्माण में मजदूरी करती पाई गई। मां-पिता को देख पुत्री उनसे लिपट गई। दोनों उसे यहां पलिया थाने लाए जहां उसने उसे बेचे जाने का आरोप लगाया। इसमें चार पुराने और करीब आधा दर्जन अन्य और लोगों को शामिल किया है। पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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बच्ची को इस हालत में देख बिफर पड़े मां-बाप
सालों से अपनी बच्ची को मजदूरी करते देख मां-बाप की आंखों से आंसू छलक पड़े। मां-बाप दोनों थाने में भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे।
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मामले की शुरुआत निघासन थाना क्षेत्र से हुई। यहां के एक गांव के निवासी व्यक्ति की नाबालिग पुत्री के साथ दो लोगों पर बलात्कार करने का आरोप लगा था। इसमें मुकदमा भी दर्ज हो गया कार्रवाई चलती रही। आरोप है कि पीड़ित किशोरी के घरवालों को परेशान किया जाता रहा जिसके चलते वह वहां से सब कुछ छोड़कर मझगईं आ बसे। इस कार्रवाई में वर्ष 2013 में पीड़िता के बयान होने थे लेकिन घरवालों ने आरोप लगाया कि पुत्री को आरोपियों ने अगवा कर लिया है। इस मामले में दर-दर भटकने के बाद पलिया पुलिस ने वर्ष 2014 में दो पुराने आरोपियों समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। तब से उसकी तलाश चल रही थी। मां-पिता को किसी से जानकारी मिली कि उनकी पुत्री लखनऊ में देखी गई है तो उन्होंने लखनऊ में उसकी तलाश शुरू कर दी, इसमें उन्हें कामयाबी भी मिली और करीब तीन दिन पूर्व उनके मुताबिक उनकी पुत्री लखनऊ के चिनहट में एक भवन निर्माण में मजदूरी करती पाई गई। मां-पिता को देख पुत्री उनसे लिपट गई। दोनों उसे यहां पलिया थाने लाए जहां उसने उसे बेचे जाने का आरोप लगाया। इसमें चार पुराने और करीब आधा दर्जन अन्य और लोगों को शामिल किया है। पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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बच्ची को इस हालत में देख बिफर पड़े मां-बाप
सालों से अपनी बच्ची को मजदूरी करते देख मां-बाप की आंखों से आंसू छलक पड़े। मां-बाप दोनों थाने में भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे।