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दुराचारी को सात साल की कैद, जुर्माना भी
लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:09 PM IST
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11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
- फोटो : Demo
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महिला से दुराचार करने के मामले में एफटीसी जज नीलू मोघा ने दुराचारी को दोषसिद्ध पाया। अदालत ने दुराचारी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही अलग-अलग धाराओं में सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता 28 दिसंबर 2008 की सुबह नौ बजे शौच के लिए गई थी। आरोप है कि घर लौटते समय ग्राम धरमुलिया के रामकिशोर ने विवाहिता को पकड़ लिया और पड़ोस की बाग में ले जाकर उससे दुराचार किया। दुराचारी के चंगुल से छूटने के बाद विवाहिता के शोर मचाने पर कई लोग आ गए लेकिन वह उनके हत्थे नहीं लगा। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पीड़िता कई दिन थाने पर चक्कर लगाती रही लेकिन उसकी फरियाद अनसुनी रही। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप पर पांच जनवरी 2009 को पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकी। मामला अदालत में साबित करने के लिए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने पीड़ित महिला और उसकी सास अनीता देवी, ससुर रामलखन और एसआई योगेंद्र मलिक की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। सुनवाई के बाद अदालत ने दुराचार के आरोपी रामकिशोर को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही अलग-अलग धाराओं में सात हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता 28 दिसंबर 2008 की सुबह नौ बजे शौच के लिए गई थी। आरोप है कि घर लौटते समय ग्राम धरमुलिया के रामकिशोर ने विवाहिता को पकड़ लिया और पड़ोस की बाग में ले जाकर उससे दुराचार किया। दुराचारी के चंगुल से छूटने के बाद विवाहिता के शोर मचाने पर कई लोग आ गए लेकिन वह उनके हत्थे नहीं लगा। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पीड़िता कई दिन थाने पर चक्कर लगाती रही लेकिन उसकी फरियाद अनसुनी रही। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप पर पांच जनवरी 2009 को पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकी। मामला अदालत में साबित करने के लिए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने पीड़ित महिला और उसकी सास अनीता देवी, ससुर रामलखन और एसआई योगेंद्र मलिक की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। सुनवाई के बाद अदालत ने दुराचार के आरोपी रामकिशोर को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही अलग-अलग धाराओं में सात हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है।
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