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व्यापारी अगवा किया, लूटा और दूसरे दिन छोड़ दिया
लखीमपुरखीरी
Updated Tue, 23 May 2017 12:07 AM IST
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कार सवार बदमाशों ने झरेखापुर से व्यापारी को किया अगवा
बाइक, मोबाइल और 40 हजार रुपये लूटे
18 घंटे बाद लखनऊ के नाका पर छोड़ा
उधारी लेने बाइक से जा रहा था सीतापुर
मोबाइल पर आई एक कॉल के बाद उधारी का पांच हजार रुपये लेने शनिवार को बाइक से सीतापुर जा रहे नीमगांव थाना क्षेत्र के सचिन को सीतापुर के झरेखापुर में कार सवार बदमाशों ने अगवा कर उसकी बाइक, 40 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया। बदमाश उसे कार से लखनऊ ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। रविवार की रात उसे लखनऊ के नाका इलाके में छोड़ दिया। इसके बाद व्यापारी ने पुलिस की मदद से घटना की सूचना परिवार वालों को दी। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग उसे घर ले आए हैं। घटना के बाद व्यापारी काफी डरा सहमा है। घटना की तहरीर पिता ने थाना हरगांव पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
गांव भरेहटा निवासी सचिन कुमार ने बताया कि वह मोबाइल रिचार्ज करने का काम करता है। उसे सीतापुर के एक युवक से पांच हजार रुपये लेने थे। शनिवार को कथित युवक ने उसे मोबाइल पर कॉल कर रुपये ले जाने को कहा। इस पर वह सुबह करीब 10.30 बजे बाइक से सीतापुर जा रहा था। इस बीच उसने रिचार्ज की उधारी भी 40 हजार रुपये वसूल की, जो बाइक की डिग्गी में रखे थे। दोपहर करीब 12.30 बजे झरेखापुर पुलिया के पास एक कार ने उसे ओवरेटक कर रोक लिया। बाइक रोकते ही कार से चार लोग नीचे उतरे। तीन लोगों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया। एक व्यक्ति ने बाइक और मोबाइल लूट लिया। सचिन ने बताया कि कार में बैठाने के बाद उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी। उसने बताया कि संभवत: सीतापुर में ही एक जगह पर कार रुकी, जहां पर एक और युवक कार में सवार हुआ। उसने बताया कि उसकी आंख पर बंधी पट्टी खोली तो रात का वक्त था और वह एक कमरे में था। अपहरणकर्ताओं ने उसे रविवार की देर शाम कमरे से बाहर निकालने से पहले उसकी आंख पर फिर पट्टी बांध दी और कार में बैठाकर कुछ दूर लाने के बाद पट्टी खोलकर कार से उतार दिया और भाग निकले। उसने जब आसपास के लोगों से पता किया तो पता चला कि वह नाका इलाके में है। इस पर वह वाहन चेकिंग कर रही पुलिस के पास पहुंचा और पूरी घटना बताई। पुलिस ने उसकी परिवार वालों से बातचीत कराकर उसे थाना नाका भेजा।
इधर शनिवार की देर शाम तक जब सचिन घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने उसकी रात भर खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रविवार की सुबह पिता आशाराम थाना नीमगांव पहुंचे और गुमशुदगी की तहरीर दी थी। रविवार की ही देर रात सचिन के नाका थाना पर होने की सूचना जब मिली तो परिवार के लोग भी थाना नाका पहुंचे और सचिन को साथ लेकर थाना हरगांव पहुंचकर पुलिस को घटना की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बाइक, मोबाइल और 40 हजार रुपये लूटे
18 घंटे बाद लखनऊ के नाका पर छोड़ा
उधारी लेने बाइक से जा रहा था सीतापुर
मोबाइल पर आई एक कॉल के बाद उधारी का पांच हजार रुपये लेने शनिवार को बाइक से सीतापुर जा रहे नीमगांव थाना क्षेत्र के सचिन को सीतापुर के झरेखापुर में कार सवार बदमाशों ने अगवा कर उसकी बाइक, 40 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया। बदमाश उसे कार से लखनऊ ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। रविवार की रात उसे लखनऊ के नाका इलाके में छोड़ दिया। इसके बाद व्यापारी ने पुलिस की मदद से घटना की सूचना परिवार वालों को दी। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग उसे घर ले आए हैं। घटना के बाद व्यापारी काफी डरा सहमा है। घटना की तहरीर पिता ने थाना हरगांव पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
गांव भरेहटा निवासी सचिन कुमार ने बताया कि वह मोबाइल रिचार्ज करने का काम करता है। उसे सीतापुर के एक युवक से पांच हजार रुपये लेने थे। शनिवार को कथित युवक ने उसे मोबाइल पर कॉल कर रुपये ले जाने को कहा। इस पर वह सुबह करीब 10.30 बजे बाइक से सीतापुर जा रहा था। इस बीच उसने रिचार्ज की उधारी भी 40 हजार रुपये वसूल की, जो बाइक की डिग्गी में रखे थे। दोपहर करीब 12.30 बजे झरेखापुर पुलिया के पास एक कार ने उसे ओवरेटक कर रोक लिया। बाइक रोकते ही कार से चार लोग नीचे उतरे। तीन लोगों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया। एक व्यक्ति ने बाइक और मोबाइल लूट लिया। सचिन ने बताया कि कार में बैठाने के बाद उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी। उसने बताया कि संभवत: सीतापुर में ही एक जगह पर कार रुकी, जहां पर एक और युवक कार में सवार हुआ। उसने बताया कि उसकी आंख पर बंधी पट्टी खोली तो रात का वक्त था और वह एक कमरे में था। अपहरणकर्ताओं ने उसे रविवार की देर शाम कमरे से बाहर निकालने से पहले उसकी आंख पर फिर पट्टी बांध दी और कार में बैठाकर कुछ दूर लाने के बाद पट्टी खोलकर कार से उतार दिया और भाग निकले। उसने जब आसपास के लोगों से पता किया तो पता चला कि वह नाका इलाके में है। इस पर वह वाहन चेकिंग कर रही पुलिस के पास पहुंचा और पूरी घटना बताई। पुलिस ने उसकी परिवार वालों से बातचीत कराकर उसे थाना नाका भेजा।
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इधर शनिवार की देर शाम तक जब सचिन घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने उसकी रात भर खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रविवार की सुबह पिता आशाराम थाना नीमगांव पहुंचे और गुमशुदगी की तहरीर दी थी। रविवार की ही देर रात सचिन के नाका थाना पर होने की सूचना जब मिली तो परिवार के लोग भी थाना नाका पहुंचे और सचिन को साथ लेकर थाना हरगांव पहुंचकर पुलिस को घटना की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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