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हजारों नम आंखों ने दी जवान को अंतिम विदाई
अमर उजाला ब्यूरो/महेवागंज खीरी।
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:07 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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शवयात्रा में उमड़ा जन सैलाब, गार्ड आफ ऑनर दिया
ज्ञानपुर गांव निवासी सेना के जवान 24 वर्षीय अमित सिंह का शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। आर्मी की लखनऊ यूनिट, लखीमपुर एनसीसी बटालियन, राजपूत रेजिमेंट के लोगों ने दिवंगत जवान को गार्ड आफ ऑनर के साथ पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सिक्किम में आर्मी की इंजीनियरिंग कोर में तैनात सदर कोतवाली क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव निवासी 27 वर्षीय अमित सिंह कुछ दिन पहले छुट्टी पर घर आया था। चार अगस्त को वह अपने पिता जसवंत सिंह के साथ बाइक से लखनऊ मे बीएड की पढ़ाई कर रही बहन लक्ष्मी की फीस जमा करने जा रहा था। इस बीच किसी तरह बाइक अनियंत्रित होकर अटरिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाइवे पर बने डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में अमित गंभीर रूप से चोटिल हो गया था, जबकि उसके पिता को मामूली चोट आई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को नजदीक के हास्पिटल भेजा। यहां दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर घायल अमित को लखनऊ के कमांड अस्पताल मे भर्ती कराया गया। कुछ दिन चले इलाज के बाद अमित को घर भेज दिया गया था। करीब हफ्ते भर बाद वह चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचा। बताते हैं कि टांके कटवाने के बाद वह घर आ गया। दूसरे ही दिन उसे कुछ उलझन महसूस हुई और तेज बुखार के बीच उल्टियां शुरू हो गईं। परिवार वाले फिर उसे कमांड हास्पिटल ले गए जहां कुछ घंटे चले उपचार के बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घर से लेकर गांव तक में मातम पसर गया। पत्नी प्रीति सिंह पर तो मानो पहाड़ ही टूट पड़ा।
अंतिम दर्शन को उमड़ा हुजूम
शनिवार शाम तिरंगे मे लिपटा शव जैसे ही घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिवार के लोग शव देख बिलख पड़े। पिता जसवंत सिंह ने बेटे को मुखग्नि दी। जवान की अंतिम यात्रा में सपा के श्रीनगर विधायक रामसरन समेत हजारों लोग शामिल हुए।
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दिया गार्ड आफ आनर
अंमित संस्कार मे 26 बटालियन एनसीसी, शाहजहांपुर आर्मी कैंट और लखनऊ यूनिट के सेना के अधिकारीे और जवान शामिल हुए। जवानों ने गार्ड आफ ऑनर दिया और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सूबेदार रमाशंकर सिंह, पवन कुमार पांडेय, प्रेम सिंह हवलदार देव कुमार, शंभू सिंह, सरनजीत सिंह, समेत कई जवान मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार को दी मदद
शहजहंापुर हेड क्वार्टर से आए सूबेदार सिंह ने आर्मी की ओर से शव के अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली आर्थिक मदद दी।
राखी के एक दिन बाद ही छोड़ गया लक्ष्मी का भाई
अमित सिंह की शादी 19 अपैल को हुई थी। पत्नी प्रीति ने तो सपने संजोए ही थे, वह पूरे घर का दुलारा था। छोटी बहन लक्ष्मी के बीएड की पढ़ाई में सहयोग कर रहा था। उसी की फीस जमा करने वह लखनऊ जा रहा था कि उसका एक्सीडेंट हो गया और 19 अगस्त को उसकी मौत हो गई। दहाड़े मार कर रोती बिलखती लक्ष्मी कहती है, कि भइया इतनी फिक्र न करता तो आज वह हम सबके बीच होता।
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ज्ञानपुर गांव निवासी सेना के जवान 24 वर्षीय अमित सिंह का शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। आर्मी की लखनऊ यूनिट, लखीमपुर एनसीसी बटालियन, राजपूत रेजिमेंट के लोगों ने दिवंगत जवान को गार्ड आफ ऑनर के साथ पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सिक्किम में आर्मी की इंजीनियरिंग कोर में तैनात सदर कोतवाली क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव निवासी 27 वर्षीय अमित सिंह कुछ दिन पहले छुट्टी पर घर आया था। चार अगस्त को वह अपने पिता जसवंत सिंह के साथ बाइक से लखनऊ मे बीएड की पढ़ाई कर रही बहन लक्ष्मी की फीस जमा करने जा रहा था। इस बीच किसी तरह बाइक अनियंत्रित होकर अटरिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाइवे पर बने डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में अमित गंभीर रूप से चोटिल हो गया था, जबकि उसके पिता को मामूली चोट आई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को नजदीक के हास्पिटल भेजा। यहां दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर घायल अमित को लखनऊ के कमांड अस्पताल मे भर्ती कराया गया। कुछ दिन चले इलाज के बाद अमित को घर भेज दिया गया था। करीब हफ्ते भर बाद वह चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचा। बताते हैं कि टांके कटवाने के बाद वह घर आ गया। दूसरे ही दिन उसे कुछ उलझन महसूस हुई और तेज बुखार के बीच उल्टियां शुरू हो गईं। परिवार वाले फिर उसे कमांड हास्पिटल ले गए जहां कुछ घंटे चले उपचार के बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घर से लेकर गांव तक में मातम पसर गया। पत्नी प्रीति सिंह पर तो मानो पहाड़ ही टूट पड़ा।
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अंतिम दर्शन को उमड़ा हुजूम
शनिवार शाम तिरंगे मे लिपटा शव जैसे ही घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिवार के लोग शव देख बिलख पड़े। पिता जसवंत सिंह ने बेटे को मुखग्नि दी। जवान की अंतिम यात्रा में सपा के श्रीनगर विधायक रामसरन समेत हजारों लोग शामिल हुए।
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दिया गार्ड आफ आनर
अंमित संस्कार मे 26 बटालियन एनसीसी, शाहजहांपुर आर्मी कैंट और लखनऊ यूनिट के सेना के अधिकारीे और जवान शामिल हुए। जवानों ने गार्ड आफ ऑनर दिया और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सूबेदार रमाशंकर सिंह, पवन कुमार पांडेय, प्रेम सिंह हवलदार देव कुमार, शंभू सिंह, सरनजीत सिंह, समेत कई जवान मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार को दी मदद
शहजहंापुर हेड क्वार्टर से आए सूबेदार सिंह ने आर्मी की ओर से शव के अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली आर्थिक मदद दी।
राखी के एक दिन बाद ही छोड़ गया लक्ष्मी का भाई
अमित सिंह की शादी 19 अपैल को हुई थी। पत्नी प्रीति ने तो सपने संजोए ही थे, वह पूरे घर का दुलारा था। छोटी बहन लक्ष्मी के बीएड की पढ़ाई में सहयोग कर रहा था। उसी की फीस जमा करने वह लखनऊ जा रहा था कि उसका एक्सीडेंट हो गया और 19 अगस्त को उसकी मौत हो गई। दहाड़े मार कर रोती बिलखती लक्ष्मी कहती है, कि भइया इतनी फिक्र न करता तो आज वह हम सबके बीच होता।