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चौखड़ा फार्म में फिर झाले के पास आया बाघ, दहशत

Fri, 23 Sep 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मझगईं।
अमर उजाला ब्यूरो/मझगईं। Updated Fri, 23 Sep 2016 11:40 PM IST
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Then came in the form Chaukdha dedicates tiger, panic
tiger - फोटो : amar ujala
ट्रैक्टरों से खदेड़ा, जंगल में हुआ ओझल
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चौखड़ा फार्म में बाघ की दहशत बढ़ती ही जा रही है। बृहस्पतिवार को एक झाले के पास फिर एक बाघ आ धमका। उसे लोगों ने ट्रैक्टर से जंगल की ओर भगाया। बाघ की सूचना वन विभाग को दे दी गई है।
मालूम हो कि चौखड़ा फार्म निवासी सुरेंद्र सिंह के झाले के करीब बुधवार की रात दो बाघ दिखाई पड़े थे। इसके बाद बृहस्पतिवार को रात करीब आठ बजे फिर एक बाघ दिखाई दिया। जिससे झाले में रहने वालों के होश फाख्ता हो गए। हिम्मत कर जसप्रीत सिंह, खुशवंत सिंह, वेद कुमार, वीरेंद्र सिंह, मोहित नाग, इंद्रजीत, सुरेंद्र सिंह, अभिशू अग्रवाल आदि ने ट्रैक्टर पर सवार होकर बाघ को जंगल की ओर भगाया। बाद में वह जंगल में ओझल हो गया। झाले के पास बार-बार आ रहे बाघ से लोग काफी डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को देकर उसको पकड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। वन दरोगा वीरबहादुर सिंह ने बताया कि चौखड़ा फार्म में सूचना पाकर गया था।खेत में मिले पंजों से लगता है गुलदार आया था जो बाघ की तरह ही होता है। कहा कि  जंगल करीब है इसलिए शिकार की तलाश में निकल आया होगा फिर भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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इधर, बेला क्षेत्र में किसान को मारने वाले बाघ की आठ दिन बाद भी वहां लगाए गए दस कैमरों में तस्वीर कैद नहीं हो सकी है। इधर, पार्क और नार्थ खीरी के वनाधिकारियों के अलावा गुलरा , रमुआपुर, सोनारीपुर, मझगईं चौकी के वनकर्मी बराबर हाथियों से तथा पैदल निगरानी कर रहे हैं। 
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बाघ के पग चिह्न दिखे, दहशत
रजागंज। महेशपुर वन रेंज की बिलहरी बीट के हरैया गांव के पास के खेतों में बाघ के पगचिह्न दिखने से दहशत फैल गई। ग्रामीण भयभीत होने से खेतों को जाने से कतराने लगे हैं। दो दिन पहले हर्रैया निवासी दुलारे के खेत में नीलगाय के बच्चे को अपना निवाला बनाया था। वहीं पास के खेतों में बाघ की आहट मिली। फत्तेपुर के ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय उसके दहाड़ने की आवाज भी सुनाई पड़ती है। फिलहाल ग्रामीण रात भर जागने को विवश है। बाघ ने अपनी चहलकदमी से लोगों में दहशत का माहौल बना दिया है। ग्रामीण चंद्रसेन वर्मा, कैलाशचंद्र वर्मा, जमुना प्रसाद, नन्हे, पूरनलाल, पिंटू, विनीत, शिवम, जीतपाल, विजय आदि ग्रामीणों ने वन विभाग  को सूचना दी, जिस पर वन रक्षक श्याम किशोर शुक्ला आए और पगचिह्न का फोटो खींचकर ले गए। उधर महेशपुर रेंजर एसएन यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया बाघ का ही पगचिह्न प्रतीत होता है, फिलहाल एक्सपर्ट की राय ली जा रही है।
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