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.... तो वैन सवार बदमाशों ने किया था किशोर का अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो महेवागंज खीरी।
Updated Sun, 11 Sep 2016 11:32 PM IST
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अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
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- वैन में किडनैप किए गए अन्य पांच बच्चे भी थे कैद
- मौका पाकर भागा किशोर पांचवें दिन पहुंचा घर
गांव ओदहरना निवासी असलम का 14 वर्षीय पुत्र महफूज मंगलवार को न तो भटका था और न ही वह नाराज होकर कहीं गया था। महफूज की माने तो वैन सवार बदमाश ने उसे चिकवा मंडी के पास पकड़ लिया और रुमाल सुंघाकर अगवा कर ले गए थे। उसे जब होश आया तो वैन में पांच अन्य बच्चे भी थे। गुरुवार की रात जंगल में अपहरणकर्ता शराब पीने लगे। इसी बीच सभी बच्चे मौका पाकर भाग निकले। भटक रहे महफूज को परिवार वाले पांचवें दिन घर वापस ले आए। उसके पिता ने चौकी पुलिस को पुत्र के अपहरण की तहरीर दी है, लेकिन पुलिस गुमशुदगी को अपहरण की धाराओं में तरमीम करने से कतरा रही है।
रविवार को अपने घर पर मौजूद अगवा किए गए महफूज ने आपबीती बताई। उसने बताया कि वह छह सितंबर को कस्बे में एक टेलर की दुकान पर सिलाई सीखने गया था। शाम दुकान बंद होने के बाद वह मोबाइल खरीदने शहर जा पहुंचा। पैसे कम होने की वजह से मोबाइल लिए बगैर वह पैदल घर आ रहा था। मेला मैदान ढाल स्थित चिकवा मंडी के पास सड़क किनारे एक वैन खड़ी थी। पास में खड़े कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और रुमाल सुंघाकर वैन के अंदर खींच लिया। जब उसे होश आया तो चारों ओर पेड़ और अंधेरा था। वैन में उसकी उम्र के पांच अन्य बच्चे भी थे। होश आने पर देखा तो वैन में पांच लोग सवार थे। पांच लोगों ने फिर सभी को रुमाल सुंघा दिया। बृहस्पतिवार सुबह पिस्टल और चाकू दिखाकर चुपचाप पड़े रहने को कहा। वैन जंगल के बीच ही घूमती रही। उसने बताया कि बृहस्पतिवार की रात बदमाश वैन से उतरकर शराब पीने लगे। यह देख मौका पाकर सभी लड़के भाग खड़े हुए। भागते समय सभी एक दूसरे से बिछड़ गए। छुपते-छुपाते रात पता नहीं चली कि कहां कटी। शुक्रवार सुबह वह एक गुरुद्वारे के निकट पहुंचा और पानी पिया। वहां उसे पता चला कि वह खीरी जिले के बार्डर और शाहजहांपुर जिले के करीब है। किसी ने बताया कि पास ही एक बड़ी लाइन का स्टेशन है। वह स्टेशन की ओर बढ़ा। इस बीच उसने रेलवे के एक गेटमैन को आपबीती बताई और उसके फोन से घर वालों से बात की। वह स्टेशन का नाम नहीं बता पा रहा है। शुक्रवार को परिवार वाले किशोर के बताए पते पर जा पहुंचे और उसे सकुशल घर ले आए। महफूज बदमाशों के डर से अभी भी सहमा है। उन्होंने मदद करने वाले गेट मैन की प्रशंसा भी की है।
गुमशुदगी अपहरण में तरमीम करने से कतरा रही पुलिस
शहर से अगवा किए गए किशोर के पिता असलम ने बताया कि महफूज जब गायब हुआ तो उन्होंने सदर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसके पुत्र ने अपहरण होने की पूरी बात महेवागंज चौकी पुलिस को भी बताई। उन्होंने पुत्र के अपहरण की तहरीर पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस आजकल कर उन्हें टहला रही है। दो दिन बाद भी पुलिस ने गुमशुदगी के अपहरण की धाराओं में तरमीम नहीं किया है। वह सोमवार को एसपी से मिलकर इसकी शिकायत भी करेंगे।
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गुमशुदगी दर्ज हुई थी। बच्चे की तलाश की जा रही थी। मेरी अभी बच्चे से बात नहीं हुई है, न ही उसका पिता बच्चे को लेकर कोतवाली उनके पास आया है। बच्चे से बात करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रामजी चौधरी, शहर कोतवाल
- मौका पाकर भागा किशोर पांचवें दिन पहुंचा घर
गांव ओदहरना निवासी असलम का 14 वर्षीय पुत्र महफूज मंगलवार को न तो भटका था और न ही वह नाराज होकर कहीं गया था। महफूज की माने तो वैन सवार बदमाश ने उसे चिकवा मंडी के पास पकड़ लिया और रुमाल सुंघाकर अगवा कर ले गए थे। उसे जब होश आया तो वैन में पांच अन्य बच्चे भी थे। गुरुवार की रात जंगल में अपहरणकर्ता शराब पीने लगे। इसी बीच सभी बच्चे मौका पाकर भाग निकले। भटक रहे महफूज को परिवार वाले पांचवें दिन घर वापस ले आए। उसके पिता ने चौकी पुलिस को पुत्र के अपहरण की तहरीर दी है, लेकिन पुलिस गुमशुदगी को अपहरण की धाराओं में तरमीम करने से कतरा रही है।
रविवार को अपने घर पर मौजूद अगवा किए गए महफूज ने आपबीती बताई। उसने बताया कि वह छह सितंबर को कस्बे में एक टेलर की दुकान पर सिलाई सीखने गया था। शाम दुकान बंद होने के बाद वह मोबाइल खरीदने शहर जा पहुंचा। पैसे कम होने की वजह से मोबाइल लिए बगैर वह पैदल घर आ रहा था। मेला मैदान ढाल स्थित चिकवा मंडी के पास सड़क किनारे एक वैन खड़ी थी। पास में खड़े कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और रुमाल सुंघाकर वैन के अंदर खींच लिया। जब उसे होश आया तो चारों ओर पेड़ और अंधेरा था। वैन में उसकी उम्र के पांच अन्य बच्चे भी थे। होश आने पर देखा तो वैन में पांच लोग सवार थे। पांच लोगों ने फिर सभी को रुमाल सुंघा दिया। बृहस्पतिवार सुबह पिस्टल और चाकू दिखाकर चुपचाप पड़े रहने को कहा। वैन जंगल के बीच ही घूमती रही। उसने बताया कि बृहस्पतिवार की रात बदमाश वैन से उतरकर शराब पीने लगे। यह देख मौका पाकर सभी लड़के भाग खड़े हुए। भागते समय सभी एक दूसरे से बिछड़ गए। छुपते-छुपाते रात पता नहीं चली कि कहां कटी। शुक्रवार सुबह वह एक गुरुद्वारे के निकट पहुंचा और पानी पिया। वहां उसे पता चला कि वह खीरी जिले के बार्डर और शाहजहांपुर जिले के करीब है। किसी ने बताया कि पास ही एक बड़ी लाइन का स्टेशन है। वह स्टेशन की ओर बढ़ा। इस बीच उसने रेलवे के एक गेटमैन को आपबीती बताई और उसके फोन से घर वालों से बात की। वह स्टेशन का नाम नहीं बता पा रहा है। शुक्रवार को परिवार वाले किशोर के बताए पते पर जा पहुंचे और उसे सकुशल घर ले आए। महफूज बदमाशों के डर से अभी भी सहमा है। उन्होंने मदद करने वाले गेट मैन की प्रशंसा भी की है।
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गुमशुदगी अपहरण में तरमीम करने से कतरा रही पुलिस
शहर से अगवा किए गए किशोर के पिता असलम ने बताया कि महफूज जब गायब हुआ तो उन्होंने सदर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसके पुत्र ने अपहरण होने की पूरी बात महेवागंज चौकी पुलिस को भी बताई। उन्होंने पुत्र के अपहरण की तहरीर पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस आजकल कर उन्हें टहला रही है। दो दिन बाद भी पुलिस ने गुमशुदगी के अपहरण की धाराओं में तरमीम नहीं किया है। वह सोमवार को एसपी से मिलकर इसकी शिकायत भी करेंगे।
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गुमशुदगी दर्ज हुई थी। बच्चे की तलाश की जा रही थी। मेरी अभी बच्चे से बात नहीं हुई है, न ही उसका पिता बच्चे को लेकर कोतवाली उनके पास आया है। बच्चे से बात करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रामजी चौधरी, शहर कोतवाल