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विवाह में रोड़ा बनी प्रधानी चुनाव की राजनीति
अमर उजाला ब्यूरो निघासन।
Updated Sun, 01 Jan 2017 10:45 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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युवती ने शादी के लिए भाइयों के नाम कर दी थी अपनी तीन बीघा जमीन
प्रधानी चुनाव की राजनीति के चलते एक प्रेमी युगल वैवाहिक बंधन में नहीं बंध सका। जबकि दोनो सजातीय थे। नतीजतन दोनों ने जान दे दी। युवती के नाम तीन बीघा जमीन थी।
दोनों युवक और युवती ने एक ही स्कूल में कक्षा पांच तक की पढ़ाई की। इधर दो सालों से दोनो के संबंध प्रगाढ़ हो गए थे। करीब पांच साल पहले युवती के पिता की मौत हो गई थी। पिता के मौत के बाद युवती के पांच भाई और उसके नाम तीन-तीन बीघा जमीन छह लोगों के नाम आ गई। जब युवती ने युवक से शादी करने की बात अपने भाइयों से कही तो परिवार वालों ने जमीन के लालच में शादी करने की बात कह युवती को समझाया। लोगों के अनुसार इस बात की जानकारी पर प्रेमी ने उससे भाइयों के नाम जमीन कराने को कह दिया। जिस पर प्रेमिका ने अपने नाम की तीन बीघा जमीन छह माह पहले भाइयों के नाम करवा दी। इसके बाद उसने परिवार को शादी के लिए राजी कर लिया। उधर प्रेमी के घर वाले भी मान गए। दोनों के परिवारों की सहमति से 15 दिसंबर को शादी की तिथि तय हो गई। शादी की तैयारी करके प्रेमी पक्ष के लोग कस्बे के गायत्री मंदिर पहुंचे, लेकिन प्रेमिका पक्ष के लोग नहीं आए। प्रेमी के बड़े भाई ने बताया कि पिछली बार हुए प्रधानी के चुनाव में उन लोगों ने दूसरे प्रत्याशी की मदद की थी। युवती के परिवार वाले दूसरे की मदद कर रहे थे। इसी के चलते कुछ समाज के ठेकेदारों ने शादी न कराने की ठान ली और दोनों को एक होने नहीं दिया। उसका नतीजा यह निकला कि दोनों ने आत्म हत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
युवती घर से लेकर आई थी कीटनाशक
प्रेमी के साथ कीटनाशक पीकर मौत को गले लगाने वाली युवती के परिवार के लोगों ने बताया कि उनके घर में कीटनाशक दवा रखी थी, जिसका इस्तेमाल युवती ने किया। क्योंकि जब उसे उल्टी हो रही थी और कीटनाशक जैसी दुर्गँध आ रही थी। संभावना जताई जा रही है कि कीटनाशक पीने के बाद खाली शीशी प्रेमी युगल ने नाले में फेंक दी होगी।
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प्रधानी चुनाव की राजनीति के चलते एक प्रेमी युगल वैवाहिक बंधन में नहीं बंध सका। जबकि दोनो सजातीय थे। नतीजतन दोनों ने जान दे दी। युवती के नाम तीन बीघा जमीन थी।
दोनों युवक और युवती ने एक ही स्कूल में कक्षा पांच तक की पढ़ाई की। इधर दो सालों से दोनो के संबंध प्रगाढ़ हो गए थे। करीब पांच साल पहले युवती के पिता की मौत हो गई थी। पिता के मौत के बाद युवती के पांच भाई और उसके नाम तीन-तीन बीघा जमीन छह लोगों के नाम आ गई। जब युवती ने युवक से शादी करने की बात अपने भाइयों से कही तो परिवार वालों ने जमीन के लालच में शादी करने की बात कह युवती को समझाया। लोगों के अनुसार इस बात की जानकारी पर प्रेमी ने उससे भाइयों के नाम जमीन कराने को कह दिया। जिस पर प्रेमिका ने अपने नाम की तीन बीघा जमीन छह माह पहले भाइयों के नाम करवा दी। इसके बाद उसने परिवार को शादी के लिए राजी कर लिया। उधर प्रेमी के घर वाले भी मान गए। दोनों के परिवारों की सहमति से 15 दिसंबर को शादी की तिथि तय हो गई। शादी की तैयारी करके प्रेमी पक्ष के लोग कस्बे के गायत्री मंदिर पहुंचे, लेकिन प्रेमिका पक्ष के लोग नहीं आए। प्रेमी के बड़े भाई ने बताया कि पिछली बार हुए प्रधानी के चुनाव में उन लोगों ने दूसरे प्रत्याशी की मदद की थी। युवती के परिवार वाले दूसरे की मदद कर रहे थे। इसी के चलते कुछ समाज के ठेकेदारों ने शादी न कराने की ठान ली और दोनों को एक होने नहीं दिया। उसका नतीजा यह निकला कि दोनों ने आत्म हत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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युवती घर से लेकर आई थी कीटनाशक
प्रेमी के साथ कीटनाशक पीकर मौत को गले लगाने वाली युवती के परिवार के लोगों ने बताया कि उनके घर में कीटनाशक दवा रखी थी, जिसका इस्तेमाल युवती ने किया। क्योंकि जब उसे उल्टी हो रही थी और कीटनाशक जैसी दुर्गँध आ रही थी। संभावना जताई जा रही है कि कीटनाशक पीने के बाद खाली शीशी प्रेमी युगल ने नाले में फेंक दी होगी।
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