फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The attack wounded elephant fodder cutter succumbs

हाथी के हमले से घायल चारा कटर ने दम तोड़ा

Tue, 31 Jan 2017 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पलियाकलां खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो  पलियाकलां खीरी। Updated Tue, 31 Jan 2017 10:46 PM IST
विज्ञापन
The attack wounded elephant fodder cutter succumbs
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर वन अफसरों ने जताई संवेदना 
विज्ञापन

दुधवा बेस कैंप सलूकापुर में पालतू हाथी के हमले में घायल हुए गांव बुद्धापुरवा निवासी चारा कटर की जिला अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
गांव बुद्धापुरवा निवासी 45 वर्षीय छोटेलाल दुधवा नेशनल पार्क में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी थे। वह बेस कैंप में चारा कटर के पद पर कार्यरत था। सोमवार को वह हाथी को लेकर चारा लेने जंगल गया था, इसी बीच हाथी ने छोटेलाल पर हमला बोल दिया और सूड़ और दातों से कई वार कर उसे घायल कर दिया। चारा कटर के शोर शराबा करने पर वन वॉचर मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी वन अफसरों को दी। इससे वहां हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने घायल छोटेलाल को सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टरों के रेफर करने पर रेंजर कलीम अहमद ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सोमवार की देर शाम छोटेलाल ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को रेंजर सहित तमाम वनकर्मी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मृतक के परिवार वालों से शोक संवेदना जताते हुए ढांढस बंधाया। 
विज्ञापन

मझगईं। दक्षिण सोनारी पुर बेस कैंप में मूलरूप से मटेहिया गांव निवासी 45 वर्षीय छोटेलाल 2007 से नौकरी कर रहा था। माता पिता की मौत के बाद वह बुद्धापुरवा में ही अपने भाईयों के साथ रहता था। छोटेलाल की मौत से भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंसान और जानवर की दोस्ती के थे दोनों मिसाल
लखीमपुर खीरी। दुधवा बेस कैंप में पर्यटकों को सैर कराने वाला हाथी मोहन अचानक अपने दोस्त और पालनहार छोटेलाल का दुश्मन बन बैठा। इन दोनों के संबंध इंसान और जानवर के बीच दोस्ती की मिसाल थे। आखिर सोमवार की दोपहर ऐसा क्या हुआ जो मोहन अपने ही चारा कटर दोस्त पर हमलावर हो गया, जिससे उसकी जान चली गई।  हालांकि दोस्त की मौत के बाद मोहन सुस्त है। शायद उसे अब अपनी गलती का अहसास हो रहा है।
थाना पलिया कलां के गांव बुद्धापुरवा निवासी 45 वर्षीय छोटेलाल दुधवा नेशनल पार्क में पिछले आठ साल से चारा कटर के रूप में कार्यरत था। वह रोज मोहन के साथ जाकर उसका चारा लाता था। छोटेलाल को जरा सी भी देर होने पर हाथी मोहन बेचैन हो उठता था। रेंजर दक्षिण सोनारीपुर कलीम अहमद की माने तो चारा काटने के दौरान यदि छोटेलाल थक कर सो जाता तो मोहन उसकी रखवाली में तब तक अपने चारों पैरों के बीच लेकर खड़ा रहता जब तक वह खुद जग नहीं जाता। रेंजर के मुताबिक छोटेलाल और मोहन पक्के दोस्त थे। उन दोनों के बीच का आपसी लगाव इतना था कि अन्य हाथियों के महावत और चारा कटर भी दांतों तले उंगली दबा लेते थे। रोज की तरह सोमवार की सुबह भी छोटेलाल मोहन के साथ चारा लेने जंगल गया था, लेकिन दोस्त के लिए बेचैन होने वाले मोहन को पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि उसने छोटेलाल पर हमला कर सूंड़ और अपने नुकीले दांतों से बुरी तरह से जख्मी कर दिया। दोस्त को घायल करने के बाद वह वहीं बैठा रहा। वनवाचरों ने इसकी जानकारी जब वनाधिकारियों को दी तो अधिकारी मौके पर पहुंचे और सीएचसी में भर्ती कराया। बाद में उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। रेंजर कलीम अहमद ने बताया कि उपचार के दौरान छोटेलाल की मौत हो गई। उन्होंने बताया घटना के बाद से मोहन भी काफी सुस्त है। उसने पेट भर चारा भी नहीं खाया है। मृतक अविवाहित था।


क्या कहते हैं वन्य जीव विशेषज्ञ
नर हाथी जब मद में होता है। तब वह न अपने मालिक और न ही महावत किसी की परवाह नहीं करता है। मादा की ओर जाने में जो बाधक बनने लगता है, उसे हाथी नुकसान पहुंचा देता है। संभवता: इसी के चलते हाथी ने अपने चारा कटर को घायल कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई है।
- डॉ. वीपी सिंह, पूर्व सदस्य राज्य वन्य जीव सलाहकार परिषद 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed