{"_id":"a7f3fcb4e87467a2330b530ae7210e8c","slug":"sumit-deadbody-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर में मिला सुमित का शव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लखीमपुर में मिला सुमित का शव
गोला गोकर्णनाथ
Updated Wed, 22 Jul 2015 07:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर रेलवे लाइन पर मंगलवार को मिली लाश नगर के मोहल्ला कुम्हारन टोला निवासी सुमित शुक्ला (40) की थी। सुमित नगर पालिका के ठेका कर्मी थे, जिसे जीआरपी ने लावारिस में सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अमर उजाला में छपी खबर के आधार पर परिवार वालों ने सुमित की पहचान लखीमपुर पोस्टमार्टम हाउस पर जाकर की।
मृतक के साले अनूप दीक्षित ने बताया कि सुमित 20 जुलाई सोमवार को अपराह्न ढाई बजे लखीमपुर जिला सहकारी बैंक में निकली चतुर्थकर्मी के रिक्त पदों पर भर्ती का रिजल्ट देखने गया था। रिजल्ट में नाम न आने पर उसने निराशा जताकर रायटाडा बंडा स्थित अपनी ससुराल अपने साले अनूप दीक्षित को शाम को फोन किया और उसके बाद अपने छोटे भाई उदित को फोन कर बताया कि वह शाम को सेंचुरी ट्रेन से घर आ रहा है। रात भर घर न आने पर परिवार वालों को चिंता हुई, तो उन्होंने लखीमपुर स्थित अपनी रिश्तेदारी में फोन किया। रिश्तेदार नवीन अवस्थी ने बताया कि सुमित उनके साथ खाना खाकर साढ़े नौ बजे रिक्शे पर बैठकर स्टेशन के लिए चले गए थे, उसके बालद उन्हें जानकारी नहीं है। 22 जुलाई को अमर उजाला में छपी खबर के आधार पर परिवार वालों ने लखीमपुर जाकर कपड़ों से सुमित की पहचान की।
मौत से बिखरा परिवार
मृतक अपने घर का कमाने वाला इंसान था जिसकी मौत से पूरा परिवार बेहाल हो गया है। सुमित अपने पीछे पत्नी पूनम शुक्ला (38), पुत्री कोमल (12), पुत्र अंश शुक्ला (5) छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
बेटे ने दी मुखाग्नि
मृतक सुमित शुक्ला का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में किया गया। मुखाग्नि उनके पांच वर्षीय बेटे अंश ने दी। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
विज्ञापन
मृतक के साले अनूप दीक्षित ने बताया कि सुमित 20 जुलाई सोमवार को अपराह्न ढाई बजे लखीमपुर जिला सहकारी बैंक में निकली चतुर्थकर्मी के रिक्त पदों पर भर्ती का रिजल्ट देखने गया था। रिजल्ट में नाम न आने पर उसने निराशा जताकर रायटाडा बंडा स्थित अपनी ससुराल अपने साले अनूप दीक्षित को शाम को फोन किया और उसके बाद अपने छोटे भाई उदित को फोन कर बताया कि वह शाम को सेंचुरी ट्रेन से घर आ रहा है। रात भर घर न आने पर परिवार वालों को चिंता हुई, तो उन्होंने लखीमपुर स्थित अपनी रिश्तेदारी में फोन किया। रिश्तेदार नवीन अवस्थी ने बताया कि सुमित उनके साथ खाना खाकर साढ़े नौ बजे रिक्शे पर बैठकर स्टेशन के लिए चले गए थे, उसके बालद उन्हें जानकारी नहीं है। 22 जुलाई को अमर उजाला में छपी खबर के आधार पर परिवार वालों ने लखीमपुर जाकर कपड़ों से सुमित की पहचान की।
विज्ञापन
मौत से बिखरा परिवार
मृतक अपने घर का कमाने वाला इंसान था जिसकी मौत से पूरा परिवार बेहाल हो गया है। सुमित अपने पीछे पत्नी पूनम शुक्ला (38), पुत्री कोमल (12), पुत्र अंश शुक्ला (5) छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
बेटे ने दी मुखाग्नि
मृतक सुमित शुक्ला का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में किया गया। मुखाग्नि उनके पांच वर्षीय बेटे अंश ने दी। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।