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सिपाहियों ने स्टाफ नर्स को जमकर पीटा
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:29 PM IST
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nurse
- फोटो : amar ujala
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खाकी की गुंडई
अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस हटाने को लेकर हुआ विवाद
गुस्साए कर्मचारियों ने कोतवाली का घेराव कर की नारेबाजी
कार्य बहिष्कार और धरने पर बैठे कर्मचारी, हड़ताल जारी
दो सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
जिला अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस हटाने को लेकर सोमवार की आधी रात ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स अमित पांडेय और जेल गेट चौकी के दो सिपाहियों के बीच विवाद हो गया। खाकी का रौब झाड़ते हुए गुस्साए सिपाहियों ने स्टाफ नर्स की जमकर पिटाई कर दी। इससे कर्मचारी भड़क उठे। मंगलवार की सुबह कर्मचारियों ने कोतवाली का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सदर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपी सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है, लेकिन सिपाहियों को निलंबित न किए जाने से नाराज कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया और धरने पर बैठ गए। पहले एसडीएम-सीओ उसके बाद एडीएम-एएसपी ने हड़ताली कर्मचारियों के साथ वार्ता की, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला।
थाना और कस्बा नीमगांव निवासी अमित पांडेय जिला अस्पताल में संविदा पर स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है। अमित पांडेय ने बताया कि सोमवार की रात वह ड्यूटी पर था। रात करीब दो बजे जेल गेट पुलिस चौकी के सिपाही योगेंद्र पाल सिंह और सिपाही केशव यादव आए और अस्पताल परिसर में खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस हटाने को कहा। मना करने पर दोनों सिपाहियों ने उसकी डंडों और लात-घूसों से पिटाई कर दी और उसे बाइक पर बैठाकर ले जाने की कोशिश की। शोरशराबा होने पर तमाम साथी कर्मचारी मौके पर आ गए तो दोनों आरोपी उसे छोड़कर भाग निकले। रात में ही घटना की सूचना सीएमओ जावेद अहमद और सीएमएस मनोज कुमार को दी। सुबह होने पर कर्मचारी भड़क उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बाद में तमाम कर्मचारी नारेबाजी करते हुए सदर कोतवाली पहुंचे और घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कार्यवाहक कोतवाल जेपी यादव ने एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया तब जाकर लोग शांत हुए। कोतवाली से वापस लौटे कर्मचारी आरोपी सिपाहियों के निलंबन और दर्ज रिपोर्ट में मेडिकल प्रोट्ेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया और धरने पर बैठ गए। सूचना पर एसडीएम सदर आलोक वर्मा और सीओ सिटी एमपी सिंह मौके पर पहुंचे और समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इसी बीच किसी बात को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हो गई। दोपहर करीब दो बजे एडीएम और एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी अस्पताल पहुंचे और हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता की। वार्ता के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रतिनिधि मंडल तो संतुष्ट हो गया, लेकिन कर्मचारी आरोपी सिपाहियों के निलंबित न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का फरमान सुना दिया। काफी समझाने के बाद भी जब हड़ताली कर्मचारी नहीं माने तो दोनों अधिकारी वापस लौट गए। उधर पुलिस ने घायल स्टाफ नर्स अमित पांडेय की तहरीर पर दोनों सिपाहियों के खिलाफ धारा 323 और 504 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घायल का मेडिकल परीक्षण भी कराया है।
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सीएमओ ने प्राइवेट एंबुलेंसों को हटवाने को भेजा था पत्र
कार्यवाहक कोतवाल जेपी यादव ने बताया कि 23 जून 16 को सीएमओ ने एक पत्र एसपी को भेजा था। जिसमें अस्पताल परिसर में खड़ी होने वाली प्राइवेट एंबुलेंस को हटाने की मांग की गई थी। इसी के क्रम में सिपाही अस्पताल गए थे। वहां कथित खड़ी एंबुलेंस घायल स्टाफ नर्स की थी। घायल स्टाफ नर्स ने एंबुलेंस को हटाने से मना कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी के बाद घटना हुई।
स्टाफ नर्स पर खुद की एंबुलेंस बुक करने का आरोप
स्टाफ नर्स और पुलिस के बीच हुए विवाद में प्राइवेट एंबुलेंस के चालक भी अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ उतर आए हैं। दर्जनों चालकों ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है। चालकों ने पुलिस को बताया कि स्टाफ नर्स अमित पांडेय की खुद की एंबुलेंस है। मरीज रेफर करने के पहले वह अपनी गाड़ी बुक कराने का मरीजों पर दबाव बनाते हैं। रेफर के कागजात भी रोक लेते हैं। अस्पताल के कई कर्मचारी उनका साथ देते हैं।
साथी की पिटाई से नाराज नर्सों ने दिया धरना
लखीमपुर खीरी। मेडिकल मेल वार्ड में तैनात संविदा स्टाफ नर्स की ड्यूटी के दौरान पुलिस द्वारा की गई से पिटाई से जिला अस्पताल की नर्सें आक्रोशित हो उठी। नर्सों ने राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले मंगलवार को हड़ताल कर दी और सीएमएस कार्यालय के सामने धरना दिया। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की । साथ ही इस एक्ट के तहत कार्रवाई न होने पर हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है।
धरने पर बैठी नर्सों को सम्बोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष रमाकांत पांडे ने कहा कि सोमवार की रात जेल चौकी इंचार्ज के सिपाही केशव यादव और योगेंद्र पाल सिंह ने अस्पताल आकर स्टाफ नर्स अमित पांडे की पिटाई कर दी, जिसकी तहरीर कोतवाली पर दी गई थी। लेकिन पुलिस ने मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 और सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने की धाराओं में मुुकदमा दर्ज नही किया है। इनका कहना है कि जब तक दोषी पुलिसवालों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई नही होती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। पीड़ित अमित पांडे ने बताया कि पिटाई करने के दौरान दोनों पुलिस वाले हमें अपने साथ ले जाने लगे, लेकिन इस दौरान मौके पर आए ईएमओ आरपी वर्मा, फार्मासिस्ट सर्वेश कुमार, स्टाफ नर्स शुभम अवस्थी और सिस्टर अंजू ने किसी तरह इनके चंगुल से बचाया। धरना दे रहीं नर्सों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबजी की और डीएम को ज्ञापन देकर दोनों पुलिसवालों के पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई करने की मांग की है। धरने पर उपाध्यक्ष प्रतिभा पांडे, रजनी मसीह, अंजू कनौजिया, ममता, छंदा पांडे सहित सभी नर्से एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस हटाने को लेकर हुआ विवाद
गुस्साए कर्मचारियों ने कोतवाली का घेराव कर की नारेबाजी
कार्य बहिष्कार और धरने पर बैठे कर्मचारी, हड़ताल जारी
दो सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
जिला अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस हटाने को लेकर सोमवार की आधी रात ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स अमित पांडेय और जेल गेट चौकी के दो सिपाहियों के बीच विवाद हो गया। खाकी का रौब झाड़ते हुए गुस्साए सिपाहियों ने स्टाफ नर्स की जमकर पिटाई कर दी। इससे कर्मचारी भड़क उठे। मंगलवार की सुबह कर्मचारियों ने कोतवाली का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सदर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपी सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है, लेकिन सिपाहियों को निलंबित न किए जाने से नाराज कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया और धरने पर बैठ गए। पहले एसडीएम-सीओ उसके बाद एडीएम-एएसपी ने हड़ताली कर्मचारियों के साथ वार्ता की, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला।
थाना और कस्बा नीमगांव निवासी अमित पांडेय जिला अस्पताल में संविदा पर स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है। अमित पांडेय ने बताया कि सोमवार की रात वह ड्यूटी पर था। रात करीब दो बजे जेल गेट पुलिस चौकी के सिपाही योगेंद्र पाल सिंह और सिपाही केशव यादव आए और अस्पताल परिसर में खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस हटाने को कहा। मना करने पर दोनों सिपाहियों ने उसकी डंडों और लात-घूसों से पिटाई कर दी और उसे बाइक पर बैठाकर ले जाने की कोशिश की। शोरशराबा होने पर तमाम साथी कर्मचारी मौके पर आ गए तो दोनों आरोपी उसे छोड़कर भाग निकले। रात में ही घटना की सूचना सीएमओ जावेद अहमद और सीएमएस मनोज कुमार को दी। सुबह होने पर कर्मचारी भड़क उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बाद में तमाम कर्मचारी नारेबाजी करते हुए सदर कोतवाली पहुंचे और घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सीएमओ ने प्राइवेट एंबुलेंसों को हटवाने को भेजा था पत्र
कार्यवाहक कोतवाल जेपी यादव ने बताया कि 23 जून 16 को सीएमओ ने एक पत्र एसपी को भेजा था। जिसमें अस्पताल परिसर में खड़ी होने वाली प्राइवेट एंबुलेंस को हटाने की मांग की गई थी। इसी के क्रम में सिपाही अस्पताल गए थे। वहां कथित खड़ी एंबुलेंस घायल स्टाफ नर्स की थी। घायल स्टाफ नर्स ने एंबुलेंस को हटाने से मना कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी के बाद घटना हुई।
स्टाफ नर्स पर खुद की एंबुलेंस बुक करने का आरोप
स्टाफ नर्स और पुलिस के बीच हुए विवाद में प्राइवेट एंबुलेंस के चालक भी अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ उतर आए हैं। दर्जनों चालकों ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है। चालकों ने पुलिस को बताया कि स्टाफ नर्स अमित पांडेय की खुद की एंबुलेंस है। मरीज रेफर करने के पहले वह अपनी गाड़ी बुक कराने का मरीजों पर दबाव बनाते हैं। रेफर के कागजात भी रोक लेते हैं। अस्पताल के कई कर्मचारी उनका साथ देते हैं।
साथी की पिटाई से नाराज नर्सों ने दिया धरना
लखीमपुर खीरी। मेडिकल मेल वार्ड में तैनात संविदा स्टाफ नर्स की ड्यूटी के दौरान पुलिस द्वारा की गई से पिटाई से जिला अस्पताल की नर्सें आक्रोशित हो उठी। नर्सों ने राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले मंगलवार को हड़ताल कर दी और सीएमएस कार्यालय के सामने धरना दिया। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की । साथ ही इस एक्ट के तहत कार्रवाई न होने पर हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है।
धरने पर बैठी नर्सों को सम्बोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष रमाकांत पांडे ने कहा कि सोमवार की रात जेल चौकी इंचार्ज के सिपाही केशव यादव और योगेंद्र पाल सिंह ने अस्पताल आकर स्टाफ नर्स अमित पांडे की पिटाई कर दी, जिसकी तहरीर कोतवाली पर दी गई थी। लेकिन पुलिस ने मेड़िकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 और सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने की धाराओं में मुुकदमा दर्ज नही किया है। इनका कहना है कि जब तक दोषी पुलिसवालों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई नही होती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। पीड़ित अमित पांडे ने बताया कि पिटाई करने के दौरान दोनों पुलिस वाले हमें अपने साथ ले जाने लगे, लेकिन इस दौरान मौके पर आए ईएमओ आरपी वर्मा, फार्मासिस्ट सर्वेश कुमार, स्टाफ नर्स शुभम अवस्थी और सिस्टर अंजू ने किसी तरह इनके चंगुल से बचाया। धरना दे रहीं नर्सों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबजी की और डीएम को ज्ञापन देकर दोनों पुलिसवालों के पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 के तहत कारवाई करने की मांग की है। धरने पर उपाध्यक्ष प्रतिभा पांडे, रजनी मसीह, अंजू कनौजिया, ममता, छंदा पांडे सहित सभी नर्से एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।