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विदेशी युवती से नहीं हो पा रही पूछताछ
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:37 PM IST
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जिला कारागार में निरुद्ध किर्गिस्तान की युवती के मामले में आठ दिन बाद भी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की सक्रियता नजर नहीं आ रही है। दुभाषिया न मिलने के चलते उससे महत्वपूर्ण जानकारी नहीं जुटाई जा सकी। क्योंकि वह हिंदी और इंग्लिश दोनो नहीं समझ पा रही है।
25 जुलाई 2015 को इंडो-नेपाल बार्डर पर एसएसबी ने उत्तराखंड की कार से बगैर पासपोर्ट-वीजा के किर्गिस्तान की युवती को पकड़ा था। युवती के साथ बरेली के थाना सुभाष नगर के शांति विहार निवासी कार चालक हरिश्चंद्र शर्मा और सतेंद्र मिश्रा निवासी सिकलापुर थाना बारादरी को पकड़ा गया था। गौरीफंटा पुलिस ने एसएसबी के एक जवान की तहरीर पर विदेशी महिला के खिलाफ पासपोर्ट-वीजा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। एसपी अरविंद सेन ने खुफिया एजेंसी को सूचना देते हुए दुभाषिए की मांग की थी, लेकिन अभी तक दूतावास की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
लड़की की भाषा बनी दिक्कत
जेल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी समस्या विदेशी लड़की की भाषा है। जेलर ज्ञान प्रकाश का कहना है कि भाषा की समस्या के चलते न जेल स्टाफ अपनी बात उसे समझा पा रहे हैं और न ही उसकी बात उन्हें समझ में आती है। वह अपने खानपान, रहनसहन और इलाज संबंधी जरूरतों को भी नहीं समझा पा रही है।
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एसपी अरविंद सेन ने बताया कि विदेशी मूल की युवती से जुड़े मामले में गौरीफंटा पुलिस पासपोर्ट-वीजा अधिनियम के तहत विवेचना कर रही है। इसमें युवती को तीन माह की कैद हो सकती है। इसके अलावा अन्य मामलों की तफ्तीश के लिए इंटेलीजेंस और दूतावास को सूचना दी गई हैै।
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25 जुलाई 2015 को इंडो-नेपाल बार्डर पर एसएसबी ने उत्तराखंड की कार से बगैर पासपोर्ट-वीजा के किर्गिस्तान की युवती को पकड़ा था। युवती के साथ बरेली के थाना सुभाष नगर के शांति विहार निवासी कार चालक हरिश्चंद्र शर्मा और सतेंद्र मिश्रा निवासी सिकलापुर थाना बारादरी को पकड़ा गया था। गौरीफंटा पुलिस ने एसएसबी के एक जवान की तहरीर पर विदेशी महिला के खिलाफ पासपोर्ट-वीजा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। एसपी अरविंद सेन ने खुफिया एजेंसी को सूचना देते हुए दुभाषिए की मांग की थी, लेकिन अभी तक दूतावास की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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लड़की की भाषा बनी दिक्कत
जेल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी समस्या विदेशी लड़की की भाषा है। जेलर ज्ञान प्रकाश का कहना है कि भाषा की समस्या के चलते न जेल स्टाफ अपनी बात उसे समझा पा रहे हैं और न ही उसकी बात उन्हें समझ में आती है। वह अपने खानपान, रहनसहन और इलाज संबंधी जरूरतों को भी नहीं समझा पा रही है।
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एसपी अरविंद सेन ने बताया कि विदेशी मूल की युवती से जुड़े मामले में गौरीफंटा पुलिस पासपोर्ट-वीजा अधिनियम के तहत विवेचना कर रही है। इसमें युवती को तीन माह की कैद हो सकती है। इसके अलावा अन्य मामलों की तफ्तीश के लिए इंटेलीजेंस और दूतावास को सूचना दी गई हैै।