‘नेताजी’ का फोन आ गया तो बता दिया बेगुनाह
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आरोपी युवक पर पहले भी लग चुके हैं छेड़छाड़ के आरोप
पंचायत ने माफी मांगने के बाद मामले कर दिए थे रफादफा
पुलिस अदालत बनने लगी है। दलित किशोरी के हाथ बांधकर उससे दुराचार के प्रयास के मामले में चौकी इंचार्ज ने नेताओं के दबाव में पीड़ित से तहरीर नहीं ली और बिना मौका मुआयना एवं जांच के आरोपी को क्लीन चिट दे दी। पीड़ित के पिता का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने अभद्रता कर भगा दिया। तहरीर नहीं लिए जाने की बाबत चौकी इंचार्ज का कहना है कि किशोरी की शिकायत से पहले गांव से फोन आ गया था कि दलित का परिवार पुराने मामले में युवक को फंसाने की साजिश कर रहा है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि आरोपी युवक की सिफारिश में दो पूर्व विधायकों की पैरवी के चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
पीड़ित के मजदूर पिता ने बताया कि सोमवार की शाम उसकी 16 वर्षीय बेटी शौच को गई थी। गन्ने के खेत में पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही दूसरे समुदाय के युवक ने उसे दबोच लिया और गन्ने की पत्तियों से हाथ बांधकर दुराचार की कोशिश। किशोरी के चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गया। ग्रामीणों ने किशोरी के बंधे हाथ खोले और उसे घर ले गए। किशोरी ने आपबीती बताई। घरवाले किशोरी को लेकर आरोपी के घर गए तो उसके घरवाले लड़ाई पर उतारू हो गए और धमकाने लगे। घरवाले पुलिस चौकी ढखेरवा पहुंचे और चौकी इंचार्ज शमसेर बहादुर सिंह को पूरी बात बताई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने आरोपों को गलत बताते हुए किशोरी और उसके घरवालों को हड़काना शुरू कर दिया। पीड़ित ने तहरीर देने की कोशिश की तो चौकी इंचार्ज अभद्रता कर भगा दिया। दिलचस्प है चौकी इंचार्ज ने मौका मुआयना तक नहीं किया और न ही जांच की। उन्होंने चौकी में बैठे बैठे ही आरोपी को क्लीन चिट दे दी।
आरोपी पर पहले भी लगे हैं आरोप
आरोपी युवक का परिवार दो पूर्व विधायकों का नजदीकी है। युवक पर पहले भी गांव में छेड़छाड़ के दो आरोप लग चुके हैं। लड़कियों की शिकायत पर उसे समझाया भी गया है लेकिन सत्ता से नजदीकी के चलते परिवार किसी की नहीं सुनता। एक परिवार की शिकायत पर गांव में ही पंचायत हुई थी। इसमें आरोपी के माफी मांगने पर मामला रफा-दफा कर दिया गया था।
किशोरी के परिवार का युवक के परिवार से पांच-छह साल पहले गन्ना छीलने को लेकर विवाद हुआ था। उसी रंजिश में आरोप लगाया जा रहा है। किशोरी के चौकी आने से पहले ही गांव से मेरे पास एक फोन आ गया था कि युवक को फंसाने के लिए किशोरी का परिवार झूठी शिकायत लेकर आ रहा है। मुझे पहले पता चल गया इसीलिए तहरीर नहीं ली।
- शमसेर बहादुर सिंह, चौकी इंचार्ज ढखेरवा
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। चौकी इंचार्ज को तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कर जांच करनी चाहिए थी। पीड़ित के साथ अशोभनीय व्यवहार गंभीर बात है। मैं मामले की जांच कराऊंगा। आरोप सही हुए तो कार्रवाई की जाएगी।
- दीपेंद्र नाथ चौधरी, एएसपी