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आदमखोर बाघिन की दो दिनों से नहीं मिली लोकेशन

Sat, 27 Aug 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मैलानी (लखीमपुर खीरी)।
अमर उजाला ब्यूरो/मैलानी (लखीमपुर खीरी)। Updated Sat, 27 Aug 2016 11:22 PM IST
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Location was not the man-eating tigress two days
tiger - फोटो : amar ujala
प्रमुख सचिव वन ने किया दौरा, बाघिन को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए
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50 पीआरडी जवानों की भी लगेगी ड्यूटी, रात्रिकालीन बिजली कटौती बंद करने को कहा
ग्रामीणों को मिलेंगें मुखौटे, नाइट पेट्रोलिंग होगी तेज
टीकाराम की पत्नी को दिया पांच लाख का चेक

छेदीपुर में दो ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने वाली खूनी बाघिन की दो दिनों से कोई लोकेशन नहीं मिल सकी है। बाघिन अब जंगल में है या गन्ने के खेत में, यह किसी को पता नहीं है। शनिवार को छेदीपुर पहुंचे प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ने बाघिन के हमले में मारे गए टीकाराम की पत्नी को पांच लाख रुपये के मुआवजे का चेक दिया और जंगल का दौरा कर अधीनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से एहतियात बरतने, वनकर्मियों को नाइट पेट्रोलिंग तेज करने के साथ बाघिन को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव वन के दौरे से पहले मुख्य वन संरक्षक इवा शर्मा शुक्रवार की शाम को ही मैलानी पहुंच गईं थीं और शनिवार को सुबह वह छेदीपुर पहुंचीं। उन्होंने जंगल का दौरा कर बाघिन को पकड़ने के लिए लगाया गया चौथा पिंजरा, बाघिन के पगमार्क देखे और अधीनस्थों तथा डब्ल्यूटीआई के सदस्यों से टाइगर की गतिविधियों की जानकारी ली। दोपहर में प्रमुख सचिव वन संजीव सरन, प्रधान प्रमुख वन सरंक्षक उमेंद्र शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वनकर्मियों से बाघिन को पकड़ने के लिए अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी की। 
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ऑपरेशन टाइगर रेस्क्यू के इंचार्ज डीएफओ संजय बिस्वाल ने बताया कि दो दिनों से बाघिन की कोई लोकेशन नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि अब तक चार पिंजरे बाघिन को कैद करने के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा बारह ऑटोमोशन कैमरे लगाए गए हैं। 
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प्रमुख सचिव वन ने बाघिन से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए नाइट पेट्रोलिंग तेज करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए पेट्रोलिंग के लिए 50 पीआरडी जवानों की भी ड्यूटी लगाई जाए। इसके लिए उन्होंने एडीएम एसपी सिंह को पीआरडी जवानों का इंतजाम करने को कहा। उन्होंने बाघिन की लोकेशन लेने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाने को कहा। प्रमुख सचिव वन ने कहा कि ग्रामीणों की जलौनी लकड़ी की समस्या को दूूर करने के लिए गांव में कैंप लगाकर इच्छुक ग्रामीणों को गैस कनेक्शन दिए जाएंगे, ताकि ग्रामीण लकड़ी लेने के लिए जंगल में न जाएं और बाघ से सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि जब तक बाघिन का आतंक है, तब तक गांव में रात्रिकालीन बिजली कटौती न करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने एडीएम से ग्रामीणों को कैंप लगाकर केरोसिन बांटने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद गांव पहुंचकर बैठक में प्रमुख सचिव वन ने 19 अगस्त को बाघिन के हमले में मारे गए टीकाराम की पत्नी जयदेवी को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये मुआवजे का चेक दिया। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को बाघिन के हमले में मारे गए बाबूराम के तीन दावेदार होने की वजह से मुआवजा नहीं मिल सका है। तहसील प्रशासन की रिपोर्ट आने के बाद उनके दावेदार को भी जल्द ही मुआवजे का चेक दे दिया जाएगा। 
उन्होंने बैठक में ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आदमखोर बाघिन को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा, लेकिन तब तक उन्होंने ग्रामीणों को एहतियात बरतने के निदेश दिए। उन्होंने कहा कि बंगाल की तर्ज पर यहां भी ग्रामीणों को मुखौटे दिए जाएंगे। इसके लिए डब्ल्यूटीआई के सदस्यों को कहा गया है। उन्होंने वनकर्मियों आसपास के गांवों के लोगों को बैनर, पोस्टर और फ्लेक्स बोर्ड लगाकर बाघिन के हमले से जागरूक करने का अभियान चलाने को निर्देश भी दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शौचालयों की संख्या बेहद कम है, जिससे ग्रामीण शौच के लिए खेतों में जाने को विवश हैं। इस पर प्रमुख सचिव वन ने कहा कि इसके लिए वह शासन से बजट दिलवाने को प्रयास करेंगे। उन्होंने बाघिन पकड़ने की डेली प्रगति रिपोर्ट उनको तथा सरकार को भेजने के निर्देश डीएफओ संजय बिस्वाल को दिए। कहा कि उन्हें इस बाबत सरकार को रोज रिपोर्ट देनी पड़ती है।
दौरे के दौरान दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर सुनील चौधरी, डीडी दुधवा पार्क महावीर कौजालगि, एसडीओ आरपी सिंह, एडीएम एसपी सिंह, एसडीएम गोला घनश्याम त्रिपाठी, वन क्षेत्राधिकारी मैलानी डीएस यादव, गोला उमेश राय, ट्रैंक्युलाइजिंग एक्सपर्ट लखनऊ चिड़ियाघर के हेड वेटरनरी सर्जन डॉ उत्कर्ष शुक्ला, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट आफताब वली खां, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के दबीर हसन, डॉ मुदित गुप्ता सहित अन्य तमाम वन अधिकारी मौजूद रहे।

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संभवत: गर्भवती है बाघिन
डब्ल्यूटीआई के सदस्यों ने दौरे के दौरान प्रमुख सचिव वन को बताया कि कैमरों में बाघिन कैद हो गई है। कैमरे में वह बैठी हुई दिखाई दी है, जिसमें उसका पेट कुछ बड़ा दिखाई दे रहा है, इससे बाघिन के गर्भवती होने की संभावना डब्ल्यूटीआई के सदस्यों ने जताई।
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