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ट्रेन की चपेट से होमगार्ड की मौत
गोला गोकर्णनाथ
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:19 AM IST
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रेलवे प्लेटफार्म पर ट्रेन की चपेट में आकर एक होमगार्ड की मौत हो गई है। हादसे के बाद काफी देर तक उसे प्राथमिक चिकित्सा नहीं मिली और एंबुलेंस के देर से आने के कारण वह जमीन पर पड़ा दर्द से तड़पता रहा। काफी देर बाद फरधान से आई एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शनिवार की सुबह 7.10 बजे 52237 अप पैसेंजर ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म पर आई, वैसे ही एक व्यक्ति ट्रेन के इंजन के नीचे आ गया। प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों के शोर मचाने पर चालक ने ट्रेन रोक दी। चालक की सूचना पर पहुंचे जीआरपी चौकी इंजार्च राजकुमार सिंह और सिपाही अनिल कुमार तिवारी ने इंजन के नीचे फंसे व्यक्ति को बाहर निकाला। उसकी दाईं बांह कट चुकी थी।
व्यक्ति की वर्दी और जेब में मिले परिचय पत्र के आधार पर उसकी पहचान विजय बहादुुुर यादव निवासी गांव चकलुआ पोस्ट अदलाबाद थाना फूलबेहड़ निवासी होमगार्ड के रूप में हुई है। लखीमपुर में पोस्टमार्टम से पूर्व हुए पंचनामे के दौरान जानकारी मिली कि 25 नवंबर से वह ड्यूटी से गैर हाजिर चल रहा था, जिसकी पुष्टि जेलगेट चौकी इंचार्ज राजबली सिंह ने की। वहीं परिवार वालों ने बताया है कि वह ड्यूटी के लिए घर से निकला था।
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प्राथमिक चिकित्सा मिलती तो बच जाती जान
ट्रेन से कटने के बाद होमगार्ड काफी देेर तक प्लेटफार्म पर तड़पता रहा, उसे रेलवे प्रशासन ने फर्स्ट एड देना भी जरूरी नहीं समझा। चौकी इंजार्च राजकुमार सिंह ने उसे तत्काल अस्पताल भेजने के लिए 108 एंबुलेंस पर फोन किया, लेकिन सीएचसी गोला से एंबुलेंस सुविधा न मिल सकी। फरधान सीएचसी से एंबुलेंस 7.55 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तब उसे जिला मुख्यालय भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि यदि तत्काल फर्स्ट एड और एंबुलेंस मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
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शनिवार की सुबह 7.10 बजे 52237 अप पैसेंजर ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म पर आई, वैसे ही एक व्यक्ति ट्रेन के इंजन के नीचे आ गया। प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों के शोर मचाने पर चालक ने ट्रेन रोक दी। चालक की सूचना पर पहुंचे जीआरपी चौकी इंजार्च राजकुमार सिंह और सिपाही अनिल कुमार तिवारी ने इंजन के नीचे फंसे व्यक्ति को बाहर निकाला। उसकी दाईं बांह कट चुकी थी।
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व्यक्ति की वर्दी और जेब में मिले परिचय पत्र के आधार पर उसकी पहचान विजय बहादुुुर यादव निवासी गांव चकलुआ पोस्ट अदलाबाद थाना फूलबेहड़ निवासी होमगार्ड के रूप में हुई है। लखीमपुर में पोस्टमार्टम से पूर्व हुए पंचनामे के दौरान जानकारी मिली कि 25 नवंबर से वह ड्यूटी से गैर हाजिर चल रहा था, जिसकी पुष्टि जेलगेट चौकी इंचार्ज राजबली सिंह ने की। वहीं परिवार वालों ने बताया है कि वह ड्यूटी के लिए घर से निकला था।
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प्राथमिक चिकित्सा मिलती तो बच जाती जान
ट्रेन से कटने के बाद होमगार्ड काफी देेर तक प्लेटफार्म पर तड़पता रहा, उसे रेलवे प्रशासन ने फर्स्ट एड देना भी जरूरी नहीं समझा। चौकी इंजार्च राजकुमार सिंह ने उसे तत्काल अस्पताल भेजने के लिए 108 एंबुलेंस पर फोन किया, लेकिन सीएचसी गोला से एंबुलेंस सुविधा न मिल सकी। फरधान सीएचसी से एंबुलेंस 7.55 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तब उसे जिला मुख्यालय भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि यदि तत्काल फर्स्ट एड और एंबुलेंस मिल जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।