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आग की चपेट में आकर बालिका की मौत
अमर उजाला ब्यूूरो/बेहजम।
Updated Thu, 14 Apr 2016 10:19 PM IST
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अाग
- फोटो : अमर उजाला
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अलवापुुर में अग्निकांड में 71 घर जले
ग्रामीणों ने परिवार सहित खेतों में शरण ली
फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणोें की मदद से आग पर किया काबू
एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और एसओ गांव पहुंचे
क्षेत्र के गांव अलवापुर में बृहस्पतिवार की दोपहर भीषण आग लगने से 71 घर जलकर राख हो गए। अग्निकांड में झुलसकर पांच वर्षीय बालिका की मौत हो गई। जबकि कई मवेशी भी झुलसकर मर गए। सूचना पाकर गांव पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की मदद सेे आग पर काबू किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। एसडीएम शादाब असलम, सीओ मिथिलेश दीक्षित और एसओ बृजेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया हैै। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत के तौर पर खाने की व्यवस्था कराने के निर्देश ग्राम प्रधान और लेखपाल को दिए हैं। पीड़ितों को हुए नुकसान की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बृहस्पतिवार को इतवारी के घर खाना बनाते समय आग लग गई, जिसके बाद आग के शोले भड़क उठे। देखते ही देखते सुरेश, नंदराम, रामसागर, रामचंद्र, बसंत, रामनरेश, शिवराम, सियाराम, रमेसुर, रामसेवक, राधेश्याम, पुजारी लाल, किशुन कुमार, कृष्ण कुमार, राधेश्याम, सुशील, सुज्जा देवी, वीरेंद्र, रामबेटी, जितेंद्र, नरेश, रामाधार, ओमप्रकाश, दिनेश, संतोष कुमार, श्रीराम, परागी लाल, रामगोपाल, श्रीपाल, सरजू प्रसाद, मुरलीधर, रामनाथ, छोटेलाल, विश्रामलाल, आशाराम, जयराम, रामस्वरूप, माखन लाल सहित 71 लोगों के घर जलकर राख हो गए। अग्निकांड में सुरेश की पांच वर्षीय पुत्री जलकर मर गई, जो आग से बचने के लिए चारपाई के नीचे छिप गई थी। मौके पर एसडीएम मितौली शादाब असलम, सीओ मितौली मिथलेश दीक्षित, तहसीलदार सुनील झा, एसओ बृजेंद्र सिंह सहित डॉक्टरों की टीम गांव में कैंप कर रही है।
एसडीएम शादाब असलम के अनुसार गांव में 71 घर जले हैं, जिन्हें शुक्रवार को अहेतुक सहायता के चेक वितरित किए जाएंगे। तुरंत राहत के तौर पर पीड़ित परिवारों को दो दिन तक खाने की व्यवस्था कराई गई है।
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छप्परनुमा चार घर राख, दो झुलसे
महंगापुर। बुधवार रात अज्ञात कारणों से लगी आग में चार छप्परनुमा घर जलकर राख हो गए। इसके साथ ही एक किशोरी समेत दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उनको इलाज के लिए पलिया सीएचसी लाया गया है। यहां आग की चपेट में आने से दो मवेशियों की भी मौत हो गई।
बीती रात लगभग11 बजे गोविंद के छप्परनुमा घर में अचानक आग लग गई। इस दौरान घर में सो रही गोविंद की 12 वर्षीय पुत्री रानी बुरी तरह से झुलस गई। विकराल रूप ले चुकी आग ने देखते ही देखते पड़ोस के रामकुमार, पुतान, रामखिलावन आदि के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया और वे भी धू-धू कर जल गए। आग बुझाते समय रामखिलावन भी झुलस गया। उनको इलाज के लिए पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। आग की चपेट में आने से गोविंद के दो भैंसों की मौत हो गई। अग्निकांड में दस हजार की नकदी समेत हजारों की संपत्ति जल कर राख हो गई।
बरवर। स्थानीय बस स्टैंड के समीप मोहल्ला गांधी नगर में दूसरी बार लगी भीषण आग से कंडों की नौ बठिया जलकर राख हो गईं। इससे पहले आग कस्बे में फैलती उसे काबू कर लिया गया। सूचना पर नगर पंचायत अध्यक्ष संजय शर्मा ने भी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
रसूलपुर में कई मकान जले
अमीरनगर। क्षेत्र के रसूलपुर में बृहस्पतिवार को 12 बजे शेर बहादुर के यहां से अचानक लगी आग से तीन मकान जलकर राख हो गए।
गांव में लगी आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों को घंटों मेहनत करनी पड़ी। स्प्रे मशीन से गांव वालों ने आग को बुझा दिया फिर भी शेरबहादुर, झन्नू और फरमान खां केे मकान जल गए। शेर बहादुर के घर में भूसा देर तक जलता रहा। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्रीय लेखपाल गांव में नहीं पहुंचा था। इससे पहले आठ अप्रैल को मूड़ा खालसा में बीसियों एकड़ गेहूं जल गया था, पीड़ितों को अब तक शासन प्रशासन की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिला है जिससे पीड़ितों में काफी रोष व्याप्त है।
नरई में आग लगाते डेढ़ एकड़ गेहूं जला
उचौलिया। नरई में लगी आग ने खेत में लगे गेहूं को भी चपेट में ले लिया जिससे करीब डेढ़ एकड़ गेहूं जलकर राख हो गया। चौकी क्षेत्र के गांव पनाहपुर में गुरुवार दोपहर बाद करीब दो बजे हरदोई जिले के सीमावर्ती गांव करसुआ के पास देवेंद्र सिंह के खेत में किसी ने बीड़ी डाल दी, जिससे उसमें लगी नरई जल गई। तेज हवा से आग पास के खेतों में भी फैल गई, जिससे पनाहपुर निवासी राजू का ढाई बीघा, मकसूद का चार बीघा, सनी सिंह का दो बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की मगर तेज हवा के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस दौरान हरदोई जिले की पुलिस और उचौलिया पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की सूचना पर हरदोई से आई फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया।
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ग्रामीणों ने परिवार सहित खेतों में शरण ली
फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणोें की मदद से आग पर किया काबू
एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और एसओ गांव पहुंचे
क्षेत्र के गांव अलवापुर में बृहस्पतिवार की दोपहर भीषण आग लगने से 71 घर जलकर राख हो गए। अग्निकांड में झुलसकर पांच वर्षीय बालिका की मौत हो गई। जबकि कई मवेशी भी झुलसकर मर गए। सूचना पाकर गांव पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की मदद सेे आग पर काबू किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। एसडीएम शादाब असलम, सीओ मिथिलेश दीक्षित और एसओ बृजेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया हैै। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत के तौर पर खाने की व्यवस्था कराने के निर्देश ग्राम प्रधान और लेखपाल को दिए हैं। पीड़ितों को हुए नुकसान की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बृहस्पतिवार को इतवारी के घर खाना बनाते समय आग लग गई, जिसके बाद आग के शोले भड़क उठे। देखते ही देखते सुरेश, नंदराम, रामसागर, रामचंद्र, बसंत, रामनरेश, शिवराम, सियाराम, रमेसुर, रामसेवक, राधेश्याम, पुजारी लाल, किशुन कुमार, कृष्ण कुमार, राधेश्याम, सुशील, सुज्जा देवी, वीरेंद्र, रामबेटी, जितेंद्र, नरेश, रामाधार, ओमप्रकाश, दिनेश, संतोष कुमार, श्रीराम, परागी लाल, रामगोपाल, श्रीपाल, सरजू प्रसाद, मुरलीधर, रामनाथ, छोटेलाल, विश्रामलाल, आशाराम, जयराम, रामस्वरूप, माखन लाल सहित 71 लोगों के घर जलकर राख हो गए। अग्निकांड में सुरेश की पांच वर्षीय पुत्री जलकर मर गई, जो आग से बचने के लिए चारपाई के नीचे छिप गई थी। मौके पर एसडीएम मितौली शादाब असलम, सीओ मितौली मिथलेश दीक्षित, तहसीलदार सुनील झा, एसओ बृजेंद्र सिंह सहित डॉक्टरों की टीम गांव में कैंप कर रही है।
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एसडीएम शादाब असलम के अनुसार गांव में 71 घर जले हैं, जिन्हें शुक्रवार को अहेतुक सहायता के चेक वितरित किए जाएंगे। तुरंत राहत के तौर पर पीड़ित परिवारों को दो दिन तक खाने की व्यवस्था कराई गई है।
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छप्परनुमा चार घर राख, दो झुलसे
महंगापुर। बुधवार रात अज्ञात कारणों से लगी आग में चार छप्परनुमा घर जलकर राख हो गए। इसके साथ ही एक किशोरी समेत दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उनको इलाज के लिए पलिया सीएचसी लाया गया है। यहां आग की चपेट में आने से दो मवेशियों की भी मौत हो गई।
बीती रात लगभग11 बजे गोविंद के छप्परनुमा घर में अचानक आग लग गई। इस दौरान घर में सो रही गोविंद की 12 वर्षीय पुत्री रानी बुरी तरह से झुलस गई। विकराल रूप ले चुकी आग ने देखते ही देखते पड़ोस के रामकुमार, पुतान, रामखिलावन आदि के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया और वे भी धू-धू कर जल गए। आग बुझाते समय रामखिलावन भी झुलस गया। उनको इलाज के लिए पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। आग की चपेट में आने से गोविंद के दो भैंसों की मौत हो गई। अग्निकांड में दस हजार की नकदी समेत हजारों की संपत्ति जल कर राख हो गई।
बरवर। स्थानीय बस स्टैंड के समीप मोहल्ला गांधी नगर में दूसरी बार लगी भीषण आग से कंडों की नौ बठिया जलकर राख हो गईं। इससे पहले आग कस्बे में फैलती उसे काबू कर लिया गया। सूचना पर नगर पंचायत अध्यक्ष संजय शर्मा ने भी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
रसूलपुर में कई मकान जले
अमीरनगर। क्षेत्र के रसूलपुर में बृहस्पतिवार को 12 बजे शेर बहादुर के यहां से अचानक लगी आग से तीन मकान जलकर राख हो गए।
गांव में लगी आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों को घंटों मेहनत करनी पड़ी। स्प्रे मशीन से गांव वालों ने आग को बुझा दिया फिर भी शेरबहादुर, झन्नू और फरमान खां केे मकान जल गए। शेर बहादुर के घर में भूसा देर तक जलता रहा। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्रीय लेखपाल गांव में नहीं पहुंचा था। इससे पहले आठ अप्रैल को मूड़ा खालसा में बीसियों एकड़ गेहूं जल गया था, पीड़ितों को अब तक शासन प्रशासन की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिला है जिससे पीड़ितों में काफी रोष व्याप्त है।
नरई में आग लगाते डेढ़ एकड़ गेहूं जला
उचौलिया। नरई में लगी आग ने खेत में लगे गेहूं को भी चपेट में ले लिया जिससे करीब डेढ़ एकड़ गेहूं जलकर राख हो गया। चौकी क्षेत्र के गांव पनाहपुर में गुरुवार दोपहर बाद करीब दो बजे हरदोई जिले के सीमावर्ती गांव करसुआ के पास देवेंद्र सिंह के खेत में किसी ने बीड़ी डाल दी, जिससे उसमें लगी नरई जल गई। तेज हवा से आग पास के खेतों में भी फैल गई, जिससे पनाहपुर निवासी राजू का ढाई बीघा, मकसूद का चार बीघा, सनी सिंह का दो बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की मगर तेज हवा के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस दौरान हरदोई जिले की पुलिस और उचौलिया पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की सूचना पर हरदोई से आई फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया।