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फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से आठ हजार रुपये निकाले
अमर उजाला ब्यूरो-निघासन।
Updated Tue, 17 May 2016 10:19 PM IST
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मैनेजर ने कहा खाते में भिजवाएंगे राशि
इलाहाबाद बैंक में एक व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से किसी ने आठ हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत मैनेजर और आरएम से की है। मैनेजर ने पुराने बाउचर खंगाले तो फर्जी हस्ताक्षर कर पैसा निकालने का मामला सामने आया। पीड़ित को मैनेजर ने शीघ्र ही खाते में राशि भिजवाने का आश्वासन दिया है।
गांव कामतानगर निवासी रामकृत ने बताया कि उसका कस्बे के सिंगाही रोड स्थित इलाहाबाद बैंक में खाता है। रामकृत 29 अप्रैल को अपने खाते से रुपया निकलवाने के लिए बैंक आया था। यहां पर कैशियर ने राशि के साथ में दूसरे व्यक्ति की पास बुक हाथ में थमा दी। जब रामकृत ने पासबुक देखी तो वह मूडा निवासी फैयाज की थी। उसने पासबुक बैंक में रख दी। दो दिन पहले फैयाज रामकृत की पासबुक लेकर आया और कहा कि बैंक में चलकर पास बुक बदल लें। फैयाज पहले ही बैंक पहुंच गया और उसने रामकृत की पासबुक वहीं छोड़ दी और अपनी पासबुक लेकर चला गया। रामकृत ने बैंक पहुंचकर पासबुक लेकर खाते में इंट्री कराई तो उसके खाते से तीन मई को आठ हजार रुपये निकाले गए थे। इस बात को उसने मैनेजर को बताया। मैनेजर ने पुराने बाउचर खंगाले तो उसमें फर्जी हस्ताक्षर मिले। मैनेजर ने रामकृत से शीघ्र ही खाते में पैसा भिजवाने का आश्वाशन दिया। रामकृत ने मामले की शिकायत आरएम से की है।
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इलाहाबाद बैंक में एक व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से किसी ने आठ हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत मैनेजर और आरएम से की है। मैनेजर ने पुराने बाउचर खंगाले तो फर्जी हस्ताक्षर कर पैसा निकालने का मामला सामने आया। पीड़ित को मैनेजर ने शीघ्र ही खाते में राशि भिजवाने का आश्वासन दिया है।
गांव कामतानगर निवासी रामकृत ने बताया कि उसका कस्बे के सिंगाही रोड स्थित इलाहाबाद बैंक में खाता है। रामकृत 29 अप्रैल को अपने खाते से रुपया निकलवाने के लिए बैंक आया था। यहां पर कैशियर ने राशि के साथ में दूसरे व्यक्ति की पास बुक हाथ में थमा दी। जब रामकृत ने पासबुक देखी तो वह मूडा निवासी फैयाज की थी। उसने पासबुक बैंक में रख दी। दो दिन पहले फैयाज रामकृत की पासबुक लेकर आया और कहा कि बैंक में चलकर पास बुक बदल लें। फैयाज पहले ही बैंक पहुंच गया और उसने रामकृत की पासबुक वहीं छोड़ दी और अपनी पासबुक लेकर चला गया। रामकृत ने बैंक पहुंचकर पासबुक लेकर खाते में इंट्री कराई तो उसके खाते से तीन मई को आठ हजार रुपये निकाले गए थे। इस बात को उसने मैनेजर को बताया। मैनेजर ने पुराने बाउचर खंगाले तो उसमें फर्जी हस्ताक्षर मिले। मैनेजर ने रामकृत से शीघ्र ही खाते में पैसा भिजवाने का आश्वाशन दिया। रामकृत ने मामले की शिकायत आरएम से की है।
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