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हिस्ट्रीशीटर ने खुद रचा था हत्या का ड्रामा
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Feb 2015 08:06 PM IST
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पसगवां क्षेत्र के गांव ढढेल में तीन फरवरी को युवक की हत्या कर चेहरा जलाने के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसपी अरविंद सेन के मुताबिक हरदोई जिले के पिहानी क्षेत्र के गांव देहलिया निवासी शातिर दिमाग हिस्ट्रीशीटर खुशुबुद्दीन उर्फ कुरू ने पत्नी, ससुर, दो भाइयों और एक सहयोगी के संग अपनी हत्या का ड्रामा रचा था। इसके तहत खुशुबुद्दीन ने खुद की कद-काठी के हमउम्र युवक सोनू सिद्दीकी की हत्या कर शव को नहर में डाल दिया था। युवक की पहचान छिपाने के लिए गन्ने की पाती से उसका चेहरा जला दिया गया था। मामले में पुलिस खुशुबुद्दीन, उसकी पत्नी हिना, भाई इकबाल और आजाद के साथ सहयोगी रामपाल मिस्त्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूरे घटनाक्रम में शामिल खुशुबुद्दीन का ससुर सैदुल अभी फरार है।
एसपी ने पत्रकारों को बताया कि सीओ मोहम्मदी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव और एसओ राजकुमार यादव ने हरदोई जिले के थाना पिहानी के गांव देहलिया निवासी हिस्ट्रीशीटर की मौत के मामले में जांच शुरू की थी। सर्विलांस के जरिए खुशुबुद्दीन के मोबाइल नंबर की छानबीन में पता चला कि वह जिंदा है। इस पर पुलिस ने खुशुबुद्दीन और उसके साथी रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ में पता चला कि ढढेल गांव के पास नहर में मिला शव हरदोई जिले के कोतवाली देहात के गांव अब्दुलपुरवा निवासी शराफत के पुत्र सोनू सिद्दीकी का था। सोनू के कपड़े और अन्य सामान देखकर शराफत ने बताया कि वह परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर में कपड़ों की फेरी लगाते हैं।
शराफत ने बताया कि 22 जनवरी को परिवार में मौत होने पर वह बेटे सोनू के संग यहां आए थे। इसके बाद से ही सोनू खुशुबुद्दीन, रामपाल और खुशुबुद्दीन का ससुर सैदुल के साथ रहकर अपराध करने लगा था।
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ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस को घटनास्थल से एक जैकेट और एक डायरी मिली थी। पुलिस ने डायरी में लिखे मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया। इससे ही खुशुबुद्दीन के जिंदा होने का खुलासा हुआ। बाद में उसकी और रामपाल की गिरफ्तारी से पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
जमानतदारों ने बचने के लिए रचा था ड्रामा
एसपी के मुताबिक खुशुबुद्दीन पिहानी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह लूट और गैंगेस्टर में कई बार जेल जा चुका है लेकिन मुकदमों की पेशी पर कभी नहीं जाता था। इस वजह से उसके जमानतदारों को नोटिस जारी होने लगे और वे घरवालों पर खुशुबुद्दीन को हाजिर करने के लिए दबाव डालने लगे। इस पर खुशुबदद्ीन, अपनी पत्नी के साथ शाहजहांपुर में किराए पर रहने लगा। जमानतदारों को शाहजहांपुर भी पहुंचने पर खुशुबुद्दीन ने खुद की हत्या की साजिश रचते हुए सोनू सिद्दीकी को शिकार बनाया। हत्या से पहले खुशुबुद्दीन ने भाइयों आजाद और इकबाल, ससुर सैदुल, रामपाल और सोनू के साथ शराब पी। इसके बाद सैदुल ने सोनू के सिर पर लोहे की सरिया मार कर उसकी हत्या कर दी थी। यही नहीं, जमानतदारों से बचने के लिए सोनू की हत्या से कुछ दिन पहले भाइयों ने हादसे में खुशुबुद्दीन की मौत की भी अफवाह उड़ाई थी।
पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम
एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम में शामिल सीओ अवनीश्वर चंद्र, एसओ राजकुमार यादव, एसआई रवि बालियान, जेबीगंज चौकी प्रभारी वीपी सिंह, आरक्षी राजनाथ सिंह, राजीव यादव, शशि कपूर, हरीश यादव, सर्विलांस सेल के आरक्षी शराफत अली, महिला आरक्षी मंजू मौर्या को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
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एसपी ने पत्रकारों को बताया कि सीओ मोहम्मदी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव और एसओ राजकुमार यादव ने हरदोई जिले के थाना पिहानी के गांव देहलिया निवासी हिस्ट्रीशीटर की मौत के मामले में जांच शुरू की थी। सर्विलांस के जरिए खुशुबुद्दीन के मोबाइल नंबर की छानबीन में पता चला कि वह जिंदा है। इस पर पुलिस ने खुशुबुद्दीन और उसके साथी रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ में पता चला कि ढढेल गांव के पास नहर में मिला शव हरदोई जिले के कोतवाली देहात के गांव अब्दुलपुरवा निवासी शराफत के पुत्र सोनू सिद्दीकी का था। सोनू के कपड़े और अन्य सामान देखकर शराफत ने बताया कि वह परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर में कपड़ों की फेरी लगाते हैं।
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शराफत ने बताया कि 22 जनवरी को परिवार में मौत होने पर वह बेटे सोनू के संग यहां आए थे। इसके बाद से ही सोनू खुशुबुद्दीन, रामपाल और खुशुबुद्दीन का ससुर सैदुल के साथ रहकर अपराध करने लगा था।
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ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस को घटनास्थल से एक जैकेट और एक डायरी मिली थी। पुलिस ने डायरी में लिखे मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया। इससे ही खुशुबुद्दीन के जिंदा होने का खुलासा हुआ। बाद में उसकी और रामपाल की गिरफ्तारी से पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
जमानतदारों ने बचने के लिए रचा था ड्रामा
एसपी के मुताबिक खुशुबुद्दीन पिहानी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह लूट और गैंगेस्टर में कई बार जेल जा चुका है लेकिन मुकदमों की पेशी पर कभी नहीं जाता था। इस वजह से उसके जमानतदारों को नोटिस जारी होने लगे और वे घरवालों पर खुशुबुद्दीन को हाजिर करने के लिए दबाव डालने लगे। इस पर खुशुबदद्ीन, अपनी पत्नी के साथ शाहजहांपुर में किराए पर रहने लगा। जमानतदारों को शाहजहांपुर भी पहुंचने पर खुशुबुद्दीन ने खुद की हत्या की साजिश रचते हुए सोनू सिद्दीकी को शिकार बनाया। हत्या से पहले खुशुबुद्दीन ने भाइयों आजाद और इकबाल, ससुर सैदुल, रामपाल और सोनू के साथ शराब पी। इसके बाद सैदुल ने सोनू के सिर पर लोहे की सरिया मार कर उसकी हत्या कर दी थी। यही नहीं, जमानतदारों से बचने के लिए सोनू की हत्या से कुछ दिन पहले भाइयों ने हादसे में खुशुबुद्दीन की मौत की भी अफवाह उड़ाई थी।
पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम
एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम में शामिल सीओ अवनीश्वर चंद्र, एसओ राजकुमार यादव, एसआई रवि बालियान, जेबीगंज चौकी प्रभारी वीपी सिंह, आरक्षी राजनाथ सिंह, राजीव यादव, शशि कपूर, हरीश यादव, सर्विलांस सेल के आरक्षी शराफत अली, महिला आरक्षी मंजू मौर्या को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।