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कर्फ्यू के चलते परिवहन सेवा भी रही ठप

Fri, 03 Mar 2017 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 03 Mar 2017 11:29 PM IST
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Curfew is at a standstill because of the transport service
बवाल - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर डिपो की बसों का बंद रहा संचालन
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एलआरपी से ही वापस हो गईं बाहरी डिपो की बसें

ट्रेनें बंद होने के कारण लखीमपुर आने का एक मात्र साधन रोडवेज बसों का संचालन भी शुक्रवार को कर्फ्यू को लेकर बंद रहा। हालांकि गुरुवार की रात में जो बसें लखीमपुर से लखनऊ रवाना हुई थीं, वह भी शुक्रवार को नहीं लौट सकीं। वहीं, बाहरी डिपो की बसें भी लखीमपुर डिपो तक ना आकर एलआरपी और लालपुर से ही सीतापुर और शाहजहांपुर के लिए वापस हो गईं। एआरएम वीके गोस्वामी ने बताया कि नौ बसें गुरुवार रात में डिपो से लखनऊ रवाना हुई थी, लेकिन बवाल को लेकर उन्हें शहर में आने से मना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इन बस के परिचालकों को सीतापुर लखनऊ के बीच चलने के निर्देश दिए हैं। स्थिति सामान्य होते ही परिचालकों को बसें डिपो तक लाने के लिए कह दिया जाएगा। गोला डिपो के टीआई प्रेमशंकर ने बताया कि सुबह नौ बजे तक लखनऊ रूट पर चलने वाली बसों का संचालन हुआ, लेकिन उसके बाद स्थिति को देखते हुए इस रूट की अन्य बसों का संचालन रोक दिया गया।

शहर में नहीं बसें पैदल आए यात्री
लखीमपुर खीरी। लखनऊ, सीतापुर तथा शाहजहांपुर से रोडवेज बसों से लखीमपुर आने वाले यात्रियों को परिचालकों ने एलआरपी और लालपुर बैरियर पर ही उतार दिया। कर्फ्यू होने के कारण न तो उन्हें टैक्सी मिली और न ही रिक्शे, जिससे बेचारे यात्री परिवार सहित पैदल ही शहर में आने के लिए मजबूर हुए। शास्त्रीनगर में एक शादी समारोह में शामिल होने आए सीतापुर जिला निवासी नरेश कुमार मौर्य ने बताया कि कर्फ्यू की जानकारी नहीं थी, वरना आते ही नहीं। रिक्शा आदि न मिलने कारण पैदल ही जा रहे हैं।
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लखीमपुर खीरी। शहर वासियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों के लिए कर्फ्यू काफी कष्टकारी रहा। अज्ञानतावश जो लोग किसी तरह शहर आ भी आ गए, उन्हें पैदल ही अपने गंतव्य तक जाने के लिए विवश होना पड़ा। शुक्रवार को संकटा मइया के दर्शन करने के लिए राजू अपने परिवार सहित निघासन से आया था, लेकिन मंदिर तक जाने के लिए उसे कोई साधन नहीं मिला, जिससे सामान सर पर लादकर पैदल ही मंदिर तक जाना पड़ा।
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चुपके से सड़कों का नजारा देख रहा मासूम
लखीमपुर खीरी। शहर में बवाल के बाद जहां लोग घरों में कैद थे। वहीं, यह बच्चा दरवाजे से सड़कों पर लोगों को दौड़ा रही पुलिस का नजारा देख रहा था। उसके चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था।
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