{"_id":"58bafa864f1c1b9e648322c5","slug":"culpable-homicide-ten-years-imprisonment-a-fine","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या में दस वर्ष की कैद, जुर्माना भी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैर इरादतन हत्या में दस वर्ष की कैद, जुर्माना भी
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 04 Mar 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
जेल में रहेगा सात लोगों का परिवार, उम्रकैद की सजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौकीदार ने साथियों समेत की थी शिकायतकर्ता से मारपीट
शिकायत करने से नाराज होकर, मोबाइल टॉवर के चौकीदार ने अपने साथियों के संग शिकायतकर्ता को ही मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले की सुनवाई के बाद विशेष एडीजे बाबूराम ने हत्यारोपी चौकीदार को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि सिंगाही थाना क्षेत्र के ग्राम नौरंगाबाद में एक मोबाइल कंपनी का टावर लगा हुआ है, आरोप है कि टावर का चौकीदार वहां अक्सर लड़कियां बुलाता था और शराब की पार्टी चलती थी। गांव के ही अयोध्या प्रसाद ने इसकी शिकायत कर दी तो नाराज होकर उसे सबक सिखाने की योजना बना ली गई। इसी कड़ी में 31 जनवरी 2011 को चौकीदार धर्मपाल, शिकायतकर्ता अयोध्या को बुलाकर ले गया था, बाद में पीट-पीटकर अयोध्या को लहूलुहान कर दिया। उसी रात दस बजे मरणासन्न हालत में अयोध्या प्रसाद को गांव के बाहर चंद्रिका प्रसाद के बाग के बाहर बेहोशी की हालत में फेंक दिया। परिजन जिला मुख्यालय पर इलाज के लिए लाए, वहां हालत गंभीर देखकर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में इलाज के दौरान ही अगले दिन ही अयोध्या की मौत हो गई। इस मामले में गांव के ही धर्मपाल, भगवती और बिट्टू सिंह उर्फ जसवंत सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत ने चौकीदार धर्मपाल को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि भगवती और बिट्टू सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। वहीं, अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वसूले गए जुर्माने की रकम में से आधी रकम मृतक के परिजनों को दी जाएगी।
विज्ञापन
शिकायत करने से नाराज होकर, मोबाइल टॉवर के चौकीदार ने अपने साथियों के संग शिकायतकर्ता को ही मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले की सुनवाई के बाद विशेष एडीजे बाबूराम ने हत्यारोपी चौकीदार को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि सिंगाही थाना क्षेत्र के ग्राम नौरंगाबाद में एक मोबाइल कंपनी का टावर लगा हुआ है, आरोप है कि टावर का चौकीदार वहां अक्सर लड़कियां बुलाता था और शराब की पार्टी चलती थी। गांव के ही अयोध्या प्रसाद ने इसकी शिकायत कर दी तो नाराज होकर उसे सबक सिखाने की योजना बना ली गई। इसी कड़ी में 31 जनवरी 2011 को चौकीदार धर्मपाल, शिकायतकर्ता अयोध्या को बुलाकर ले गया था, बाद में पीट-पीटकर अयोध्या को लहूलुहान कर दिया। उसी रात दस बजे मरणासन्न हालत में अयोध्या प्रसाद को गांव के बाहर चंद्रिका प्रसाद के बाग के बाहर बेहोशी की हालत में फेंक दिया। परिजन जिला मुख्यालय पर इलाज के लिए लाए, वहां हालत गंभीर देखकर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में इलाज के दौरान ही अगले दिन ही अयोध्या की मौत हो गई। इस मामले में गांव के ही धर्मपाल, भगवती और बिट्टू सिंह उर्फ जसवंत सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत ने चौकीदार धर्मपाल को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि भगवती और बिट्टू सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। वहीं, अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वसूले गए जुर्माने की रकम में से आधी रकम मृतक के परिजनों को दी जाएगी।
विज्ञापन