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गमगीन माहौल में शवों का हुआ अंतिम संस्कार

Wed, 24 Feb 2016 10:09 PM IST
मितौली/भीखमपुर (लखीमपुर खीरी)।
मितौली/भीखमपुर (लखीमपुर खीरी)। Updated Wed, 24 Feb 2016 10:09 PM IST
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Cremation of bodies is inconsolable environment
मितौली थाना क्षेत्र के गांव बंबिहा के दो युवकों की हादसे में मौत होने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दूसरे दिन बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव जब गांव पहुंचे, तो मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। वहीं तीसरे मृतक के गांव ओदरहना में भी लोग शोकागुल रहे। हादसे की भयावहता सोचकर लोग सिहर उठते हैं।
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मंगलवार की रात कस्ता-भीखमपुर मार्ग पर बाइक सवार तीन युवक घर लौटते समय हादसे का शिकार हो गए थे, जिसमें बंबिहा गांव निवासी 25 वर्षीय सुनील वर्मा, 28 वर्षीय रंजीत गौतम और ओदरहना निवासी 25 वर्षीय सुनील वर्मा की मौत हो गई थी। जबकि हादसा कर भागे अज्ञात वाहन का पुलिस पता नहीं लगा सकी है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव उनके गांवों में पहुंचे, तो कोहराम मच गया। शोक में डूबे परिवार वालों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा, राजेश गौतम और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक कनौजिया, ब्लाक प्रमुख मितौली रामखेलावन, सत्यम, राजकुमार, नरेंद्र भी शामिल हुए।
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भाई-बहनों में सबसे बड़ा था सुनील
हादसे में मारे गए सुनील वर्मा के परिवार वाले अथाह गम में डूब गए हैं, क्योंकि वह अपने परिवार में कमाऊ सदस्य था। पिता हेमराज और माता सरला का रोरोकर बुरा हाल है। तीन भाई-बहनों संदीप और पूनम में सबसे बड़ा था। सुनील की शादी ओदरहना गांव तीन साल पहले सुंदरलाल की पुत्री क्रांति से हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा एक वर्षीय पुत्र छोड़ गया है।
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बहनोई के यहां रहकर करता था काम
ओदरहा गांव निवासी मृतक राजेश वर्मा छह भाइयों-बहन में सबसे छोटा था। सभी भाई और बहन की शादी हो चुकी है। राजेश अपने बहन-बहनोई के यहां सौरैया खेतौसा थाना हैदराबाद में ही रहता था। ओदरहा में आता जाता रहता था।


कच्ची गृहस्थी छोड़ गया रंजीत
हादसे में मौत का शिकार हुए रंजीत गौतम के परिवार की हालत सबसे दयनीय है। आठ भाई बहनों में रंजीत सबसे बड़ा था, जिसके हिस्से में नाम मात्र 10 डिस्मिल जमीन है। परिवार में सभी भाई मजदूरी करके खाते हैं। घर कच्चा है और उसकी शादी बाईकुआ से हुई थी। वह अपने पीछे तीन बच्चे अनुज, अंकुश और छोटे छोड़ गया है।
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