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बार्डर के गांव में पहले भी हो चुका है विस्फोट
अमर उजाला ब्यूरो/तिकुनियां।
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:03 PM IST
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कबाड़ में विस्फोट से युवक की मौत और छह लोगों के घायल होने का मामला
नेपाल के टीकापुर में नेपाल की पुलिस ने पकड़ी थी एके 47
भारत से तस्करों ने मूंगफली के बोरे में रखकर भेजी थी नेपाल
सीमा की सुरक्षा में लगी एसएसबी भले ही सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी कड़ी होने का दावा करती हो, लेकिन सच्चाई कुछ और दिख रही ही है। भारत में जब कोई बड़ी वारदात होती है, तभी सीमा के रखवाले सक्रिय होते हैं, लेकिन वे भी कुछ दिनों के लिए। बाद में सबकुछ फिर सामान्य हो जाता है। रविवार को हुए धमाके से करीब ढाई साल पहले सीमावर्ती गांव बरसोला में विस्फोट हुआ था।
ढाई साल पहले बरसोला गांव में नेपाल से लाकर इकट्ठा किए गए एक कबाड़ में विस्फोटक आ गया था। जिसे गृहस्वामी गर्म कर रहा था तो अचानक वह तेज धमाके के साथ दग गया था। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। अब वनबीरपुर में हुई घटना ने एसएसबी की मुस्तैदी और कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। माना जा रहा है कि यदि एसएसबी कबाड़ लाने और अन्य आने-जाने वाले लोगों की सही ढंग से तलाशी लेती तो यह दुर्घटना रुक सकती थी।
इसी प्रकार एक दशक पहले हथियारों के सौदागर मोहना नदी के चौगुर्जी घाट के रास्ते मूंगफली के बोरे में रखकर एके 47 रायफल नेपाल के टीकाकपुर ले जाने में सफल हो गए थे। हालांकि बोरे में एके 47 जाने की जानकारी जब एसएसबी बरसोला चौकी को तो तत्कालीन इंस्पेक्टर रोशनलाल ने उसे बरामद करने के लिए काफी हाथपाव चलाए, लेकिन तस्करों के नेपाल में प्रवेश कर जाने के कारण उन्हें इस बरामद करने में सफलता नहीं मिली। बाद में नेपाल की टीकापुर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था।
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पुलिस की मौजूदगी में अंत्येष्टि
तिकुनियां। कबाड़ में हुए धमाके में मारे गए गांव वनबीरपुर निवासी उत्तम का शव जब पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस की मौजूदगी में उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंत्येष्टि के दौरान काफी भीड़भाड़ रही। उधर पुलिस ने घटनास्थल से लिए गए कुछ अवशेषों को परीक्षण के लिए भेजा है। पुलिस परीक्षण रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
रविवार की सुबह गांव निवासी उत्तम नेपाल से लाकर एकत्र किए गए कबाड़ में किसी चीज को हथौड़े से पीटने लगा। इसी बीच तेज धमाका हो गया। जिससे उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। धमाके से एक महिला और पांच बच्चे भी घायल हो गए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव जब घर पहुंचा तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। काफी संख्या में लोग उसके घर पहुंच गए। कोतवाल सत्येंद्र कुमार सिंह भी फोर्स के साथ गांव में मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी में ही उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
युवक के घर वालों को मिलेंगे दो लाख रुपये और एक आवास
निघासन। वनबीरपुर में कबाड़ में हुए विस्फोट से मारे गए उत्तम के परिवार वालों को मुख्यमंत्री कोष से दो लाख रुपये और एक आवास मिलेगा।
विधायक प्रतिनिधि राकेश बाथम ने बताया कि सपा विधायक केजी पटेल, उत्तम के परिवार वालों से मिलने घटना के दिन गांव वनबीरपुर गए थे। मृतक की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। उसके पास जमीन भी नहीं है। उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए विधायक ने उसके घर वालों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था। विधानसभा सत्र से शुरू होने से पहले विधायक ने सीएम को एक मांग पत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने मृतक के घर वालों के मुख्यमंत्री कोष से दो लाख रुपये और एक लोहिया आवास देने की घोषणा की है।
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नेपाल के टीकापुर में नेपाल की पुलिस ने पकड़ी थी एके 47
भारत से तस्करों ने मूंगफली के बोरे में रखकर भेजी थी नेपाल
सीमा की सुरक्षा में लगी एसएसबी भले ही सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी कड़ी होने का दावा करती हो, लेकिन सच्चाई कुछ और दिख रही ही है। भारत में जब कोई बड़ी वारदात होती है, तभी सीमा के रखवाले सक्रिय होते हैं, लेकिन वे भी कुछ दिनों के लिए। बाद में सबकुछ फिर सामान्य हो जाता है। रविवार को हुए धमाके से करीब ढाई साल पहले सीमावर्ती गांव बरसोला में विस्फोट हुआ था।
ढाई साल पहले बरसोला गांव में नेपाल से लाकर इकट्ठा किए गए एक कबाड़ में विस्फोटक आ गया था। जिसे गृहस्वामी गर्म कर रहा था तो अचानक वह तेज धमाके के साथ दग गया था। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। अब वनबीरपुर में हुई घटना ने एसएसबी की मुस्तैदी और कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। माना जा रहा है कि यदि एसएसबी कबाड़ लाने और अन्य आने-जाने वाले लोगों की सही ढंग से तलाशी लेती तो यह दुर्घटना रुक सकती थी।
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इसी प्रकार एक दशक पहले हथियारों के सौदागर मोहना नदी के चौगुर्जी घाट के रास्ते मूंगफली के बोरे में रखकर एके 47 रायफल नेपाल के टीकाकपुर ले जाने में सफल हो गए थे। हालांकि बोरे में एके 47 जाने की जानकारी जब एसएसबी बरसोला चौकी को तो तत्कालीन इंस्पेक्टर रोशनलाल ने उसे बरामद करने के लिए काफी हाथपाव चलाए, लेकिन तस्करों के नेपाल में प्रवेश कर जाने के कारण उन्हें इस बरामद करने में सफलता नहीं मिली। बाद में नेपाल की टीकापुर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था।
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पुलिस की मौजूदगी में अंत्येष्टि
तिकुनियां। कबाड़ में हुए धमाके में मारे गए गांव वनबीरपुर निवासी उत्तम का शव जब पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस की मौजूदगी में उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंत्येष्टि के दौरान काफी भीड़भाड़ रही। उधर पुलिस ने घटनास्थल से लिए गए कुछ अवशेषों को परीक्षण के लिए भेजा है। पुलिस परीक्षण रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
रविवार की सुबह गांव निवासी उत्तम नेपाल से लाकर एकत्र किए गए कबाड़ में किसी चीज को हथौड़े से पीटने लगा। इसी बीच तेज धमाका हो गया। जिससे उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। धमाके से एक महिला और पांच बच्चे भी घायल हो गए थे। पोस्टमार्टम के बाद शव जब घर पहुंचा तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। काफी संख्या में लोग उसके घर पहुंच गए। कोतवाल सत्येंद्र कुमार सिंह भी फोर्स के साथ गांव में मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी में ही उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
युवक के घर वालों को मिलेंगे दो लाख रुपये और एक आवास
निघासन। वनबीरपुर में कबाड़ में हुए विस्फोट से मारे गए उत्तम के परिवार वालों को मुख्यमंत्री कोष से दो लाख रुपये और एक आवास मिलेगा।
विधायक प्रतिनिधि राकेश बाथम ने बताया कि सपा विधायक केजी पटेल, उत्तम के परिवार वालों से मिलने घटना के दिन गांव वनबीरपुर गए थे। मृतक की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। उसके पास जमीन भी नहीं है। उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए विधायक ने उसके घर वालों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था। विधानसभा सत्र से शुरू होने से पहले विधायक ने सीएम को एक मांग पत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने मृतक के घर वालों के मुख्यमंत्री कोष से दो लाख रुपये और एक लोहिया आवास देने की घोषणा की है।