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बलवा के आरोपियों को मिली जमानत, रिहाई संभव
लखीमपुर, ब्यूरो
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:40 AM IST
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वायरल हुए वीडियो के बाद शहर में हुए हुडदंग और बवाल के मामले में गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। आरोपियों की जमानत अर्जी पर बहस सुनवाई के बाद सीजेएम डॉ. दीनानाथ ने आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए बीस-बीस हजार रुपये की जमानतें स्वीकार की है।
मालूम हो कि शहर में हुए बवाल और हुडदंग के बाद कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता विनोद गुप्ता को हिरासत में लिया था, जिन्हें शांतिभंग की आशंका में जेल भेजा था। सोमवार को शंाति भंग की आशंका में जमानत मिलने के बाद उन्हें शहर में हुए तोड़फोड़ व हंगामा के मामले में भी आरोपी बनाया गया था और जेल में उन पर वारंट भी तामील कराया था। गुरुवार को आरोपी भाजपा नेता विनोद गुप्ता, मनीष अरोड़ा सहित तीनों आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी पेश करते हुए खुद को निर्दोष बताया। आरोपियों ने दलील दी कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के बावजूद प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हें गलत ढंग से आरोपी बनाया है। सीजेएम डॉ. दीनानाथ ने आरोपियों की ओर से बचाव पक्ष और अभियोजन की सुनवाई के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली है, अपने आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया है कि 20-20 हजार रुपए की जमानत दाखिल करने पर आरोपियों को रिहा किया जाए।
मालूम हो कि शहर में हुए बवाल और हुडदंग के बाद कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता विनोद गुप्ता को हिरासत में लिया था, जिन्हें शांतिभंग की आशंका में जेल भेजा था। सोमवार को शंाति भंग की आशंका में जमानत मिलने के बाद उन्हें शहर में हुए तोड़फोड़ व हंगामा के मामले में भी आरोपी बनाया गया था और जेल में उन पर वारंट भी तामील कराया था। गुरुवार को आरोपी भाजपा नेता विनोद गुप्ता, मनीष अरोड़ा सहित तीनों आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी पेश करते हुए खुद को निर्दोष बताया। आरोपियों ने दलील दी कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के बावजूद प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हें गलत ढंग से आरोपी बनाया है। सीजेएम डॉ. दीनानाथ ने आरोपियों की ओर से बचाव पक्ष और अभियोजन की सुनवाई के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली है, अपने आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया है कि 20-20 हजार रुपए की जमानत दाखिल करने पर आरोपियों को रिहा किया जाए।
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