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रास्ते के विवाद में पैर में गोली मारने का आरोप
बिजुआ
Updated Sat, 24 Oct 2015 10:51 PM IST
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भीरा थाना क्षेत्र के गांव राधनपुरवा में शुक्रवार रात दो पक्षों में रास्ते का लेकर टकराव हो गया। दोनों पक्षों से दो लोग घायल हुए हैं, जिसमें एक व्यक्ति का पैर टूटा है, उसने अपने विपक्षी पर तमंचे से पैर पर गोली मारने का आरोप लगाया है। दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के सिर में चोट आई है।
राधनपुरवा गांव निवासी रावेंद्र और लल्लूू राम पड़ोसी हैं। दोनों के बीच में घर के सामने पड़ी जमीन पर निकास को लेकर आए दिन झगड़ा होता रहता है। आरोप है कि शुक्रवार रात को लल्लू शराब के नशे में रविंद्र और उनके परिवार वालों को गाली दे रहा था। इसी बात को लेकर जब रविंद्र ने विरोध किया तो दोनो पक्षों में खूब लाठियां चलीं। रविंद्र का आरोप है कि इसी बीच लल्लू ने तमंचे से उसके पैर पर फायर कर दिया। जिससे उसका पैर टूट गया। घायल रविंद्र को जिला अस्पताल ले जाया गया है।
...गत्ता उठाया और टूटे पैर पर बांधकर कर दिया रेफर
बिजुआ। सरकारी अस्पताल में टूटे पैर का इलाज देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे, रविंद्र के साथ कुछ ऐसे ही प्राथमिक इलाज दिया गया। रात के करीब एक बजे रविंद्र के घर वाले उसे टूटे हुए पैर के चलते अस्पताल लाए थे। घर वालों के मुताबिक उसे पैर में गोली लगी थी। अस्पताल के चपरासी ने पैर पर एक गत्ते का टुकड़ा रखकर पुरानी चिट से बांधकर जिला अस्पताल के लिए भेज दिया। सवाल यह नहीं इलाज किसने किया, सवाल यह है कि क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज का यही तरीका है। रात को घर वाले डॉक्टर का रास्ता देखते रहे, इमरजेंसी में भर्ती रविंद्र को देखने एक घंटे तक कोई डॉक्टर नही आया। ऐसे में फार्मासिस्ट संकटा प्रसाद गोली लगे मरीज को देखने आए। किसी स्पेशलिस्ट के न होने पर चपरासी को जो सही लगा उसने इलाज कर दिया। जब दर्द से तड़प रहे रविंद्र का चेहरा नही देखा गया तो चपरासी ने बरामदे में पड़े पुराने गत्ते उठाकर टूटे पैर में बांधकर उसे रेफर कर दिया।
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राधनपुरवा गांव निवासी रावेंद्र और लल्लूू राम पड़ोसी हैं। दोनों के बीच में घर के सामने पड़ी जमीन पर निकास को लेकर आए दिन झगड़ा होता रहता है। आरोप है कि शुक्रवार रात को लल्लू शराब के नशे में रविंद्र और उनके परिवार वालों को गाली दे रहा था। इसी बात को लेकर जब रविंद्र ने विरोध किया तो दोनो पक्षों में खूब लाठियां चलीं। रविंद्र का आरोप है कि इसी बीच लल्लू ने तमंचे से उसके पैर पर फायर कर दिया। जिससे उसका पैर टूट गया। घायल रविंद्र को जिला अस्पताल ले जाया गया है।
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...गत्ता उठाया और टूटे पैर पर बांधकर कर दिया रेफर
बिजुआ। सरकारी अस्पताल में टूटे पैर का इलाज देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे, रविंद्र के साथ कुछ ऐसे ही प्राथमिक इलाज दिया गया। रात के करीब एक बजे रविंद्र के घर वाले उसे टूटे हुए पैर के चलते अस्पताल लाए थे। घर वालों के मुताबिक उसे पैर में गोली लगी थी। अस्पताल के चपरासी ने पैर पर एक गत्ते का टुकड़ा रखकर पुरानी चिट से बांधकर जिला अस्पताल के लिए भेज दिया। सवाल यह नहीं इलाज किसने किया, सवाल यह है कि क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज का यही तरीका है। रात को घर वाले डॉक्टर का रास्ता देखते रहे, इमरजेंसी में भर्ती रविंद्र को देखने एक घंटे तक कोई डॉक्टर नही आया। ऐसे में फार्मासिस्ट संकटा प्रसाद गोली लगे मरीज को देखने आए। किसी स्पेशलिस्ट के न होने पर चपरासी को जो सही लगा उसने इलाज कर दिया। जब दर्द से तड़प रहे रविंद्र का चेहरा नही देखा गया तो चपरासी ने बरामदे में पड़े पुराने गत्ते उठाकर टूटे पैर में बांधकर उसे रेफर कर दिया।
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