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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Ambulances did not the government, not cure, the only child born dead

न सरकारी एंबुलेंस मिली न इलाज, पैदा होते ही बच्चा मर गया

Thu, 05 May 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन (लखीमपुर खीरी)।
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन (लखीमपुर खीरी)। Updated Thu, 05 May 2016 11:20 PM IST
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सरकारी एंबुलेंस चालक ने मांगे थे ले जाने के दो हजार रुपये 
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प्राइवेट एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचे तो कह दिया खीरी जाओ

स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने का सरकार कुछ भी दावा करे लेकिन हकीकत कुछ और है। अभी दो दिन पहले बरेली में सरकारी एंबुलेंस के न जाने पर एक महिला का प्रसव सड़क पर ही कराना पड़ा था वहीं गुरुवार को एक महिला को न तो सरकारी एंबुलेंस मिली और न ही इलाज। एंबुलेंस चालक गर्भवती के घर गया लेकिन दो हजार रुपये न मिलने पर उसे नहीं ले आया। घरवाले निजी एंबुलेंस से लेकर सीएचसी पहुंचे तो वहां बिना कोई प्राथमिक उपचार दिए लखीमपुर खीरी जाने के लिए कह दिया। सरकारी व्यवस्था से निराश घरवालों ने महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन बच्चे की कुछ देर बाद ही मौत हो गई। नाराज महिलाओं और ग्रामीणों ने सीएचसी पर हंगामा किया। वहां मौजूद डॉक्टर ने मामले की शिकायत लखनऊ में एंबुलेंस हेडक्वार्टर से करने की बात कहकर मामला शांत कराया।
गांव घनश्याम पुरवा निवासी प्रेम सागर ने बताया कि उसकी पत्नी सीमा गर्भवती थी। घर पर देखरेख न हो पाने से उसने सीमा को तिकुनियां क्षेत्र के गांव सूरतनगर स्थित मायके भेज दिया। बुधवार रात करीब नौ बजे सीमा की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। वह ससुराल पहुंचा और हालत देखकर रात करीब 12 बजे 102 एंबुलेंस को फोन किया। पीएचसी तिकुनियां से एक एंबुलेंस करीब आधे घंटे बाद आ गई। एंबुलेंस चालक ने महिला को सीएचसी निघासन ले जाने के लिए दो हजार रुपये मांगे। घरवालों ने रुपये नहीं दिए तो चालक एंबुलेंस लेकर वापस चला गया। प्रेम सागर के ससुर जयप्रकाश एक प्राइवेट गाड़ी से महिला को लेकर सीएचसी आए। आरोप है कि वहां पर मौजूद डॉक्टर ने देर से लाने की बात कहकर महिला को जिला मुख्यालय ले जाने की बात कही और प्राथमिक इलाज भी नहीं किया। प्रेम सागर उसे ढखेरवा रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए और भर्ती कराया। यहां महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के कुछ मिनट बाद ही नवजात की मौत हो गई। डॉक्टर ने बताया कि बच्चा पेट में उल्टा था, यदि समय से आ जाता तो उसकी जान बच सकती थी। प्रेम सागर ने मामले की शिकायत डीएम और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है। उधर तिकुनियां पीएचसी प्रभारी अनिल वर्मा ने कहा कि एंबुलेंस चालक ने अगर पैसा मांगा है तो गलत है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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108 और 102 नंबर की एंबुलेंस का नियंत्रण लखनऊ कंट्रोल से होता है। यदि उसने रुपये मांगे हैं तो गलत किया है। फिलहाल मामले की जानकारी नहीं है। मामले का पता करेंगे और रिपोर्ट भेजेंगे।
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- डॉ अरुण कुमार, सीएमओ।
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