फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   After submitting a memorandum to Dr DM-SP. Bhutto sought protection

डीएम-एसपी को ज्ञापन देकर डॉ. बेनजीर ने मांगी सुरक्षा 

Fri, 10 Jun 2016 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 10 Jun 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन
After submitting a memorandum to Dr DM-SP. Bhutto sought protection
ज्ञापन - फोटो : अमर उजाला
बोलीं, आरोपियों से हैं जान का खतरा
विज्ञापन

मुकदमा वापस न लेने पर दे रहे हैं धमकी 

राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. बेनजीर उमर शुक्रवार को डीएम-एसपी से मिलीं और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन देकर उनके साथ मारपीट करने वाले नामजद आरोपियों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। बोलीं, आरोपी मुकदमा वापस न लेने पर जान से मार डालने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने अपने ऊपर एससीएसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया और मुकदमा वादी की वायस रिकार्डिंग की सीडी सौंपकर मुकदमा निरस्त कराने की मांग की। इससे पहले डॉ. बेनजीर उमर के ज्ञापन देने की जानकारी मिलने पर पुलिस अलर्ट हो गई और कचहरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

बताते चलें कि 24 मई को सपा कार्यालय (लोहिया भवन) पर थाना व कसबा सिंगाही निवासी राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. बेनजीर उमर के साथ मारपीट हुई थी। सदर कोतवाली पुलिस ने घायल डॉ.बेनजीर की ओर से निघासन विधायक कृष्णगोपाल पटेल, विधायक विनय तिवारी, सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, रामपाल यादव, मुन्ना यादव, आकाश लाला, आरए उस्मानी आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दूसरे पक्ष की आरपी चौधरी की ओर से डॉ. बेनजीर के खिलाफ एससीएसटी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। शुक्रवार को पूर्व सदस्य डॉ. बेनजीर उमर कई लोगों के साथ जब कचहरी पहुंचीं तो प्रशासन सतर्क हो गया। पुलिस सुरक्षा के बीच डॉ.बेनजीर अपने समर्थकों के साथ डीएम-एसपी से मिलीं और उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम संबोधित छह सूत्री ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जान का खतरा बताते हुए डीएम आकाश दीप और एसपी अखिलेश चौरसिया से सुरक्षा मांगी। उन्होंने कहा कि आरोपी लगातार उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। समझौता न करने पर जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। पूर्व सदस्य ने एक वायस रिकार्डिंग की सीडी भी दोनों अधिकारियों को दी और बताया कि रिकार्डिंग में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाली आरपी चौधरी ने साफ कहा है कि उन्होंने उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। उन्होंने दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed