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पांच दिन बाद चेते अधिकारी एडीएम और सीओ पहुंचे गांव
ममरी
Updated Sat, 29 Aug 2015 07:51 PM IST
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जड़ौरा निवासी रोहनलाल वर्मा के 25 अगस्त से लापता नौ वर्षीय बेटे दिव्यांश के परिवार वालों से हैदराबाद थाना पहुंचे सीओ मोहम्मदी हरेंद्र यादव ने घटना के बारे में पूछताछ की, साथ ही गांव जाकर मौका मुआयना भी की। प्रधान अनुराग मिश्रा ने 27 अगस्त को उनके मोबाइल पर आए मैसेज की जानकारी भी सीओ को दी।
प्रधान अनुराग मिश्रा ने सीओ को मैसेज दिखाकर बताया कि उन्होंने जब नंबर को ट्रेस कर बात करने की कोशिश की तो जवाब में उन्हें अपशब्दों की बौछार मिली। इसे गंभीरता से लेकर सीओ ने गांव जाकर उस बाग को देखा जहां से दिव्यांश लापता हुआ था। मात्र दो बीघे जमीन के हिस्सेदार दिव्यांश के पिता रोहनलाल, चाचा रामकुमार ने सीओ को बताया कि जमीनी वाद को छोड़कर उनकी गांव में किसी से रंजिश नहीं है। फिर भी उनके बेटे का अपहरण किन कारणों से हुआ समझ में नहीं आ रहा है। इस बारे में अब तक किसी ने फिरौती की मांग भी नहीं की है। सीओ के साथ एसओ अजय कुमार यादव भी मौजूद रहे। जिन्होंने मैसेज को लेकर 27 अगस्त को गोला में हुए बवाल की भी जानकारी दी। रोहनलाल ने बताया कि उसकी छह संतानों में दिव्यांश इकलौता बेटा है। इसी के साथ उनकी आंखें भर आयीं। बाद में एडीएम एसपी सिंह भी थाने पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली।
राखी न बांध पाने से पांचों बहनें उदास
ममरी। यह पहला मौका है जब रोहनलाल की पांचों बेटियां पूनम देवी, सोनी देवी, रोली, राधा देवी और सौम्या रक्षाबंधन पर अपने भाई दिव्यांश की कलाई पर राखी बांधने से वंचित रही। वे अपने भाई की सलामती की दुआएं कर रही हैं, उनका रो रोकर बुरा हाल है। दिव्यांश की गुमशुदगी से पूरे परिवार में सन्नाटा है। पूरा परिवार दिव्यांश की तलाश में जुटा है। वे सागर बाबा के मंदिर में मत्था टेक कर बेटे के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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प्रधान अनुराग मिश्रा ने सीओ को मैसेज दिखाकर बताया कि उन्होंने जब नंबर को ट्रेस कर बात करने की कोशिश की तो जवाब में उन्हें अपशब्दों की बौछार मिली। इसे गंभीरता से लेकर सीओ ने गांव जाकर उस बाग को देखा जहां से दिव्यांश लापता हुआ था। मात्र दो बीघे जमीन के हिस्सेदार दिव्यांश के पिता रोहनलाल, चाचा रामकुमार ने सीओ को बताया कि जमीनी वाद को छोड़कर उनकी गांव में किसी से रंजिश नहीं है। फिर भी उनके बेटे का अपहरण किन कारणों से हुआ समझ में नहीं आ रहा है। इस बारे में अब तक किसी ने फिरौती की मांग भी नहीं की है। सीओ के साथ एसओ अजय कुमार यादव भी मौजूद रहे। जिन्होंने मैसेज को लेकर 27 अगस्त को गोला में हुए बवाल की भी जानकारी दी। रोहनलाल ने बताया कि उसकी छह संतानों में दिव्यांश इकलौता बेटा है। इसी के साथ उनकी आंखें भर आयीं। बाद में एडीएम एसपी सिंह भी थाने पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली।
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राखी न बांध पाने से पांचों बहनें उदास
ममरी। यह पहला मौका है जब रोहनलाल की पांचों बेटियां पूनम देवी, सोनी देवी, रोली, राधा देवी और सौम्या रक्षाबंधन पर अपने भाई दिव्यांश की कलाई पर राखी बांधने से वंचित रही। वे अपने भाई की सलामती की दुआएं कर रही हैं, उनका रो रोकर बुरा हाल है। दिव्यांश की गुमशुदगी से पूरे परिवार में सन्नाटा है। पूरा परिवार दिव्यांश की तलाश में जुटा है। वे सागर बाबा के मंदिर में मत्था टेक कर बेटे के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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