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फर्जी टीईटी से नौकरी पाने वाली शिक्षिका बर्खास्त
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों से नौकरी हासिल करने के मामलों में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मितौली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कस्ता में तैनात शिक्षिका तनवीर कौसर को फर्जी अभिलेखों से नौकरी हासिल करने का दोषी पाया गया है, जिससे बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया है। शिक्षिका के खिलाफ सुसंगत धाराओं में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश बीईओ मितौली को दिए गए हैं। साथ ही शिक्षिका को हुए वेतन भुगतान की वसूली करने का आदेश बीएसए ने दिया है।
जनपद प्रतापगढ़ के गांव सरलेखपुर पट्टी निवासी तनवीर कौसर पुत्री हसीब की नियुक्ति वर्ष 2016-17 में छह अप्रैल 2016 को प्राथमिक विद्यालय कस्ता में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। इसके बाद सीतापुर के तालगांव निवासी परवेज अख्तर ने छह अक्तूबर 2016 को डीएम खीरी और बीएसए से शिकायत की थी, जिसमें तनवीर कौसर पुत्री हसीब द्वारा फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति-निवास प्रमाण पत्र, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अंकतालिका के फर्जी होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद तनवीर कौसर पत्नी परवेज अख्तर निवासी तालगांव (जो सीतापुर में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर जनवरी 2014 से नौकरी कर रही हैं।) ने डीएम और बीएसए को संबोधित शिकायती पत्र 27 दिसंबर 2016 को दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके समस्त शैक्षिक अभिलेख की छाया प्रतियां पति की बाइक से गिरकर गुम हो गई थीं। यह छाया प्रतियां दिलशाद नामक व्यक्ति को मिली थीं, जिसके बाद उन्हीं अभिलेखों की द्वितीय प्रति तैयार कराकर तनवीर कौसर पुत्री हसीब ने फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल कर ली है। दोनों शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने तत्कालीन बीईओ सुरेश पाल की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। टीम ने आरोपी शिक्षिका और शिकायतकर्ता को मय साक्ष्य उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर शिकायतकर्ता परवेज अख्तर और उनकी पत्नी तनवीर कौसर जांच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। वहीं आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर पुत्री हसीब जांच टीम के सामने उपस्थित नहीं हुई, बल्कि एनपीआरसी होमेश्वर पांडेय के माध्यम से पत्र भेजकर जांच टीम के समक्ष उपस्थित होने के लिए अलग से समय मांगा। इस पर टीम ने अंतिम अवसर देते हुए 17 मई 2017 को उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर आरोपी शिक्षिका अपने पति दिलशाद खान के साथ उपस्थित हुई। स्वप्रमाणित अभिलेख ही टीम के समक्ष प्रस्तुत किए गए और शिकायतकर्ता से रंजिश होने की बात बताई।
टीईटी प्रमाण पत्र निकला फर्जी
जांच टीम ने पाया कि आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर द्वारा लगाया गया टीईटी प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से तैयार किया गया है। जबकि प्राचार्य डायट खैराबाद से निर्गत टीईटी प्रमाण पत्र संख्या 07248 अनुक्रमांक 3230100214 तनवीर कौसर पुत्री अब्दुल हसीब पत्नी परवेज अख्तर निवासी तालगांव जनपद सीतापुर का है।
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तीन सदस्यीय टीम ने गहनता से जांच की, जिसमें आरोपी शिक्षिका के शैक्षिक अभिलेख और टीईटी अंकतालिका फर्जी पाई गई है। इसलिए नियुक्ति की तिथि छह अप्रैल 2016 से नियुक्ति शून्य घोषित करते हुए शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी गई है। रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही वेतन की वसूली कराई जाएगी।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
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जनपद प्रतापगढ़ के गांव सरलेखपुर पट्टी निवासी तनवीर कौसर पुत्री हसीब की नियुक्ति वर्ष 2016-17 में छह अप्रैल 2016 को प्राथमिक विद्यालय कस्ता में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। इसके बाद सीतापुर के तालगांव निवासी परवेज अख्तर ने छह अक्तूबर 2016 को डीएम खीरी और बीएसए से शिकायत की थी, जिसमें तनवीर कौसर पुत्री हसीब द्वारा फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति-निवास प्रमाण पत्र, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अंकतालिका के फर्जी होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद तनवीर कौसर पत्नी परवेज अख्तर निवासी तालगांव (जो सीतापुर में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर जनवरी 2014 से नौकरी कर रही हैं।) ने डीएम और बीएसए को संबोधित शिकायती पत्र 27 दिसंबर 2016 को दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके समस्त शैक्षिक अभिलेख की छाया प्रतियां पति की बाइक से गिरकर गुम हो गई थीं। यह छाया प्रतियां दिलशाद नामक व्यक्ति को मिली थीं, जिसके बाद उन्हीं अभिलेखों की द्वितीय प्रति तैयार कराकर तनवीर कौसर पुत्री हसीब ने फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल कर ली है। दोनों शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने तत्कालीन बीईओ सुरेश पाल की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। टीम ने आरोपी शिक्षिका और शिकायतकर्ता को मय साक्ष्य उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर शिकायतकर्ता परवेज अख्तर और उनकी पत्नी तनवीर कौसर जांच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। वहीं आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर पुत्री हसीब जांच टीम के सामने उपस्थित नहीं हुई, बल्कि एनपीआरसी होमेश्वर पांडेय के माध्यम से पत्र भेजकर जांच टीम के समक्ष उपस्थित होने के लिए अलग से समय मांगा। इस पर टीम ने अंतिम अवसर देते हुए 17 मई 2017 को उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर आरोपी शिक्षिका अपने पति दिलशाद खान के साथ उपस्थित हुई। स्वप्रमाणित अभिलेख ही टीम के समक्ष प्रस्तुत किए गए और शिकायतकर्ता से रंजिश होने की बात बताई।
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टीईटी प्रमाण पत्र निकला फर्जी
जांच टीम ने पाया कि आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर द्वारा लगाया गया टीईटी प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से तैयार किया गया है। जबकि प्राचार्य डायट खैराबाद से निर्गत टीईटी प्रमाण पत्र संख्या 07248 अनुक्रमांक 3230100214 तनवीर कौसर पुत्री अब्दुल हसीब पत्नी परवेज अख्तर निवासी तालगांव जनपद सीतापुर का है।
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तीन सदस्यीय टीम ने गहनता से जांच की, जिसमें आरोपी शिक्षिका के शैक्षिक अभिलेख और टीईटी अंकतालिका फर्जी पाई गई है। इसलिए नियुक्ति की तिथि छह अप्रैल 2016 से नियुक्ति शून्य घोषित करते हुए शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी गई है। रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही वेतन की वसूली कराई जाएगी।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए