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गुस्साए परिवार वालों ने लिपिक का शव चौराहे पर रखकर हाईवे किया जाम
Updated Wed, 11 Oct 2017 07:39 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
होमगार्ड कमांडेंट की प्रताड़ना से तंग आकर मंगलवार को आत्महत्या करने वाले लिपिक रवींद्र कुमार गौतम का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। कमांडेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने से गुस्साए परिवार वालों ने सुबह शव पीलीभीत-बस्ती हाईवे छाउछ चौराहे पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। वहीं लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर भी यातायात बाधित हो गया। एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह और सीओ सिटी आरके वर्मा ने परिवार वालों से बात कर समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार वाले एफआईआर कॉपी की मांग पर अड़े रहे। तीन घंटे बाद जब कोतवाल दीपक शुक्ला ने एफआईआर की कॉपी परिवार वालों को दी, तब जाकर डेढ़ बजे चौराहे से शव हटाया गया।
बता दें कि मोहल्ला सरवती देवी कॉलोनी निवासी लिपिक रवींद्र कुमार गौतम ने जिला होमगार्ड कार्यालय में मंगलवार को ड्यूटी के दौरान दोपहर में जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर स्टाफ ने तुरंत ही लिपिक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ जाते समय रास्ते में ही रवींद्र ने दम तोड़ दिया था। लिपिक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लिखा था कि जिला होमगार्ड कमांडेंट की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर वह जहर खा रहा है। मृतक लिपिक के पिता पुनईलाल ने सुसाइड नोट के आधार पर होमगार्ड कमांडेंट डॉ बृजेश कुमार मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सदर कोतवाली में मंगलवार शाम को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा टाल-मटोल किए जाने से परिवार वालों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को सुबह 10 बजे छाउछ चौराहे पर शव रखकर परिवार वालों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद भीड़ बढ़ती गई। हाईवे के अलावा मैगलगंज मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया।
इसकी सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह, सीओ सिटी आरके वर्मा ने परिवार वालों से बातचीत से जाम खुलवाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान मौके पर पहुंचे समाजसेवी मोहन वाजपेयी समर्थकों सहित पहुंचे और पीड़ित परिवार की मांग का समर्थन किया। इसके बाद चौराहे पर बैठी महिलाआें को धूप से बचाने के लिए टेंट भी लगाया गया। पीड़ित परिवार की मांगों के समर्थन में जुटे लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीबीआई जांच की मांग बुलंद की।
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उधर, हाईवे जाम होने से लगी लंबी कतारों से पुलिस-प्रशासन की बेचैनी बढ़ रही थी, जिससे दोपहर 12.37 बजे सीओ सिटी ने धरना स्थल पहुंचकर एफआईआर लिखे जाने की बात कहकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। हालांकि परिवारवालाें ने पहले एफआईआर कॉपी मांगी, तो सीओ ने मंगाने की बात कही। इसके बाद 1.20 बजे सिपाही एफआईआर की कॉपी लेकर मौके पर पहुंचे, जिसके बाद कोतवाल दीपक शुक्ला ने परिवार वालों को कापी सौंपी। तब जाकर परिवार वाले शव लेकर घर चले गए, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
मुकदमें की विवेचना करेंगे सीओ सिटी
कोतवाली पुलिस ने आरोपी होमगार्ड कमांडेंट डॉ बृजेश कुमार मिश्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की जांच सीओ सिटी करेंगे।
अब पत्नी के कंधों पर चार बच्चों की जिम्मेदारी
लिपिक रवींद्र की मौत के बाद उसके परिवार की जिम्मेदारी पत्नी पुष्पा देवी के कंधों पर आ गई है। परिवार में चार बच्चे तीन लड़कियां और एक लड़का है। सबसे बड़ी लड़की अनुराधा गौतम है, जिससे छोटा लड़का अमन चौधरी है। अंतिम संस्कार में पुत्र अमन गौतम ने पिता को मुखाग्नि दी।
मंडलीय कमांडेंट लिपिक घर पहुंचे
जिला होमगार्ड कार्यालय में लिपिक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले की जांच करने आए मंडलीय कमांडेंट विवेक कुमार सिंह घर जाकर पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने मृतक के पिता को हरसंभव मदद और कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि विभाग की ओर से अभी कोई सहायता पीड़ित परिवार को नहीं मिली है।
पीड़ित परिवार से सहानुभूति जताने यह भी पहुंचे
धरने पर बैठे पीड़ित परिवार से मिलकर सहानुभूति जताने के लिए सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, बसपा जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी, पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा भी पहुंचे।
मृतक लिपिक के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी होमगार्ड कमांडेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ एस चन्नप्पा, एसपी
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होमगार्ड कमांडेंट की प्रताड़ना से तंग आकर मंगलवार को आत्महत्या करने वाले लिपिक रवींद्र कुमार गौतम का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। कमांडेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने से गुस्साए परिवार वालों ने सुबह शव पीलीभीत-बस्ती हाईवे छाउछ चौराहे पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। वहीं लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर भी यातायात बाधित हो गया। एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह और सीओ सिटी आरके वर्मा ने परिवार वालों से बात कर समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार वाले एफआईआर कॉपी की मांग पर अड़े रहे। तीन घंटे बाद जब कोतवाल दीपक शुक्ला ने एफआईआर की कॉपी परिवार वालों को दी, तब जाकर डेढ़ बजे चौराहे से शव हटाया गया।
बता दें कि मोहल्ला सरवती देवी कॉलोनी निवासी लिपिक रवींद्र कुमार गौतम ने जिला होमगार्ड कार्यालय में मंगलवार को ड्यूटी के दौरान दोपहर में जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर स्टाफ ने तुरंत ही लिपिक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ जाते समय रास्ते में ही रवींद्र ने दम तोड़ दिया था। लिपिक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लिखा था कि जिला होमगार्ड कमांडेंट की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर वह जहर खा रहा है। मृतक लिपिक के पिता पुनईलाल ने सुसाइड नोट के आधार पर होमगार्ड कमांडेंट डॉ बृजेश कुमार मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सदर कोतवाली में मंगलवार शाम को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा टाल-मटोल किए जाने से परिवार वालों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को सुबह 10 बजे छाउछ चौराहे पर शव रखकर परिवार वालों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद भीड़ बढ़ती गई। हाईवे के अलावा मैगलगंज मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया।
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इसकी सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह, सीओ सिटी आरके वर्मा ने परिवार वालों से बातचीत से जाम खुलवाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान मौके पर पहुंचे समाजसेवी मोहन वाजपेयी समर्थकों सहित पहुंचे और पीड़ित परिवार की मांग का समर्थन किया। इसके बाद चौराहे पर बैठी महिलाआें को धूप से बचाने के लिए टेंट भी लगाया गया। पीड़ित परिवार की मांगों के समर्थन में जुटे लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीबीआई जांच की मांग बुलंद की।
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उधर, हाईवे जाम होने से लगी लंबी कतारों से पुलिस-प्रशासन की बेचैनी बढ़ रही थी, जिससे दोपहर 12.37 बजे सीओ सिटी ने धरना स्थल पहुंचकर एफआईआर लिखे जाने की बात कहकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। हालांकि परिवारवालाें ने पहले एफआईआर कॉपी मांगी, तो सीओ ने मंगाने की बात कही। इसके बाद 1.20 बजे सिपाही एफआईआर की कॉपी लेकर मौके पर पहुंचे, जिसके बाद कोतवाल दीपक शुक्ला ने परिवार वालों को कापी सौंपी। तब जाकर परिवार वाले शव लेकर घर चले गए, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
मुकदमें की विवेचना करेंगे सीओ सिटी
कोतवाली पुलिस ने आरोपी होमगार्ड कमांडेंट डॉ बृजेश कुमार मिश्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की जांच सीओ सिटी करेंगे।
अब पत्नी के कंधों पर चार बच्चों की जिम्मेदारी
लिपिक रवींद्र की मौत के बाद उसके परिवार की जिम्मेदारी पत्नी पुष्पा देवी के कंधों पर आ गई है। परिवार में चार बच्चे तीन लड़कियां और एक लड़का है। सबसे बड़ी लड़की अनुराधा गौतम है, जिससे छोटा लड़का अमन चौधरी है। अंतिम संस्कार में पुत्र अमन गौतम ने पिता को मुखाग्नि दी।
मंडलीय कमांडेंट लिपिक घर पहुंचे
जिला होमगार्ड कार्यालय में लिपिक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले की जांच करने आए मंडलीय कमांडेंट विवेक कुमार सिंह घर जाकर पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने मृतक के पिता को हरसंभव मदद और कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि विभाग की ओर से अभी कोई सहायता पीड़ित परिवार को नहीं मिली है।
पीड़ित परिवार से सहानुभूति जताने यह भी पहुंचे
धरने पर बैठे पीड़ित परिवार से मिलकर सहानुभूति जताने के लिए सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, बसपा जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी, पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा भी पहुंचे।
मृतक लिपिक के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी होमगार्ड कमांडेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ एस चन्नप्पा, एसपी