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बाइक सवार दो राहगीरों को बंधक बना कर लूटा
Updated Sat, 10 Jun 2017 06:12 PM IST
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धौरहरा खीरी (लखीमपुर खीरी)। कोतवाली क्षेत्र के सरसवा-बसंतापुर मार्ग पर शुक्रवार की देर शाम बदमाशों ने सुखनीनाला के पास रस्सा लगाकर गुदरिया गांव जा रहे बाइक सवार दो लोगों को रोक लिया और असलहे के बल दोनों की जमकर पिटाई की। बाद में पेड़ से बांधकर दोनों की अंगूठी, दो मोबाइल और नकदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने लूटपाट की घटना से इनकर किया है। पुलिस का कहना है कि रंजिशन मारपीट हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव गुदरिया निवासी चंद्रमोहन वर्मा ने बताया कि वह अपने गांव के ही साथी मजीद अहमद के साथ बाइक घरेलू सामान खरीदकर धौरहरा से गांव वापस जा रहे थे। देर शाम करीब नौ बजे सरसवा बसंतापुर मार्ग पर सुखनीनाला पुल पर पहले से घात लगा कर बैठे पांच बदमाशों ने रस्सा लगा कर बाइक गिरा दी और दोनों लोगों को असलहों के दम पर पिटाई की। बाद में मजीद को सड़क किनारे खेत में लगे एक पेड़ से गमछे से बांध दिया। बदमाश माजिद के पास से 1800 रुपये, दो चांदी की अंगूठी, और चंद्र मोहन वर्मा के पास से 70 रुपये एक मल्टीमीडिया मोबाइल एक छोटा मोबाइल छीन कर मारते हुए तीन किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दिया और फरार हो गये। बदमाशों के चले जाने के बाद मजीद ने शोर मचाया तो वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने उसे बंधन मुक्त किया। पीड़ितों ने घटना की तहरीर पुलिस को दी है। कोतवाली प्रभारी एसएसआई दिनेश यादव नें बताया कि मारपीट की घटना है। बैग और बाइक बदमाश नहीं ले गए हैं। मामले की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
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फिर इस प्वाइंट पर सक्रिय हुए बदमाश, पुलिस बेखबर
धौरहरा। बसंतापुर-सरसवा मार्ग का सुखनी नाला पुल बदमाशों के चुनिंदा प्वाइंट में से एक है। यह पुल सुनसान इलाके में होने के चलते बदमाशों के छुपने का उचित स्थल है। यहां पर आये दिन वारदातें होती रहीं हैं। पूर्व में यहां बढ़ती लूट की घटनाओं को देखते हुए तत्कालीन कोतवाल रंगीला यादव ने स्थायी पुलिस पिकेट बनवाई थी। बदमाशों का दुस्साहस देखिए बदमाशों ने पुलिस के रुकने के लिए बनाए गए छप्पर में आग लगा दी थी। तब कोतवाल रंगीला यादव खुद उस प्वाइंट पर गस्त में जाने लगे। तब जाकर यहां वारदातों पर विराम लगा था। शुक्रवार को बदमाशों ने दो राहगीरों को लूटकर पुलिस को फिर से चुनौती दी है।
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