{"_id":"6328c3479c12c6278d42f8da","slug":"crime-lakhimpur-news-bly4981211187","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजुआ कांड : पोस्टमार्टम में नौ चोटें मिली, डॉक्टरी परीक्षण में थीं तीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजुआ कांड : पोस्टमार्टम में नौ चोटें मिली, डॉक्टरी परीक्षण में थीं तीन
सार
विरोधाभाषी तथ्य सामने आने से जांच कर रही पुलिस टीम भी उलझन में फंस गई है।भीरा थाना क्षेत्र में युवती के साथ दुष्कर्म के प्रयास में विफल होने पर दो युवकों ने उसकी पिटाई की थी। पुलिस ने रात में बिजुआ अस्पताल में युवती का मेडिकल परीक्षण कराया था, जिसमें डॉक्टर ने तीन चोटों की पुष्टि की थी। भाई लगातार 25 लाख रुपये, एक आवास, सरकारी नौकरी की मांग अधिकारियों के समक्ष करता रहा था।इनसेटपुलिस की उलझन जांच अधिकारी भीरा एसओ विमल गौतम ने बताया कि घायल युवती की चार दिन पहले बिजुआ अस्पताल में हुई मेडिकल परीक्षण में सिर्फ तीन चोटें दर्शाई गईं थीं।
विज्ञापन
विस्तार
बिजुआ। भीरा थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर नौ चोटें पाई गई हैं, जबकि मेडिकल परीक्षण में तीन चोटें पाई गई थीं। विरोधाभाषी तथ्य सामने आने से जांच कर रही पुलिस टीम भी उलझन में फंस गई है।
भीरा थाना क्षेत्र में युवती के साथ दुष्कर्म के प्रयास में विफल होने पर दो युवकों ने उसकी पिटाई की थी। पीड़ित की मां ने 12 सितंबर 2022 को दो आरोपियों सलीमुद्दीन और आसिफ के खिलाफ भीरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रात में बिजुआ अस्पताल में युवती का मेडिकल परीक्षण कराया था, जिसमें डॉक्टर ने तीन चोटों की पुष्टि की थी। इसके बाद 16 सितंबर 2022 की शाम करीब सात बजे युवती की घर में मौत हो गई थी। मामला दो समुदायों के बीच होने के कारण तनाव व्याप्त हो गया और तूल पकड़ने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला उलझ गया है। पुलिस के अनुसार बिजुआ अस्पताल में मेडिकल के बाद उसे घर भेज दिया गया। इसके बाद मृतका के भाई व मां कहीं और इलाज कराते रहे। शुक्रवार को उसकी तबीयत खराब होने पर फिर बिजुआ अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उपचार किया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल से ठीकठाक हालत में उसके परिवार वाले युवती को ले गए थे। शुक्रवार को ही शाम सात बजे उसकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
शनिवार को भारी हंगामे के बीच कई थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में मान मनौव्वल के बाद मृतका के भाई ने अंतिम संस्कार किया था। भाई लगातार 25 लाख रुपये, एक आवास, सरकारी नौकरी की मांग अधिकारियों के समक्ष करता रहा था।
इनसेट
पुलिस की उलझन
जांच अधिकारी भीरा एसओ विमल गौतम ने बताया कि घायल युवती की चार दिन पहले बिजुआ अस्पताल में हुई मेडिकल परीक्षण में सिर्फ तीन चोटें दर्शाई गईं थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नौ चोटें पाई गईं हैं। चार दिन तक मृतका अपने भाई व मां के साथ रही तो उसके शरीर पर चोटों की संख्या कैसे बढ़ गई। दूसरी बात यह है कि मृतका का बिसरा सुरक्षित रखा गया है, जो किसी भी तरह के जहरीले पदार्थ आदि खाने के बाद किया जाता है। विवेचक का कहना है कि जो मरीज अस्पताल से ठीकठाक हालत में घर के लिए जाता है, अचानक उसकी मौत दो घंटे के अंदर कैसे हो गई। मृतका के शरीर पर चोटों का बढ़ना, अचानक मौत हो जाना, अंतिम संस्कार के लिए जबरदस्त मांगे रखना, इस मामले में संदेह पैदा कर रहे हैं। यदि मृतका की हालत गंभीर होती तो बिजुआ के डॉक्टर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर एंबुलेंस से भिजवा सकते थे, लेकिन हालत ठीक होने के कारण उन्होंने घर भेज दिया।
विज्ञापन
भीरा थाना क्षेत्र में युवती के साथ दुष्कर्म के प्रयास में विफल होने पर दो युवकों ने उसकी पिटाई की थी। पीड़ित की मां ने 12 सितंबर 2022 को दो आरोपियों सलीमुद्दीन और आसिफ के खिलाफ भीरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रात में बिजुआ अस्पताल में युवती का मेडिकल परीक्षण कराया था, जिसमें डॉक्टर ने तीन चोटों की पुष्टि की थी। इसके बाद 16 सितंबर 2022 की शाम करीब सात बजे युवती की घर में मौत हो गई थी। मामला दो समुदायों के बीच होने के कारण तनाव व्याप्त हो गया और तूल पकड़ने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला उलझ गया है। पुलिस के अनुसार बिजुआ अस्पताल में मेडिकल के बाद उसे घर भेज दिया गया। इसके बाद मृतका के भाई व मां कहीं और इलाज कराते रहे। शुक्रवार को उसकी तबीयत खराब होने पर फिर बिजुआ अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उपचार किया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल से ठीकठाक हालत में उसके परिवार वाले युवती को ले गए थे। शुक्रवार को ही शाम सात बजे उसकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
शनिवार को भारी हंगामे के बीच कई थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में मान मनौव्वल के बाद मृतका के भाई ने अंतिम संस्कार किया था। भाई लगातार 25 लाख रुपये, एक आवास, सरकारी नौकरी की मांग अधिकारियों के समक्ष करता रहा था।
इनसेट
पुलिस की उलझन
जांच अधिकारी भीरा एसओ विमल गौतम ने बताया कि घायल युवती की चार दिन पहले बिजुआ अस्पताल में हुई मेडिकल परीक्षण में सिर्फ तीन चोटें दर्शाई गईं थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नौ चोटें पाई गईं हैं। चार दिन तक मृतका अपने भाई व मां के साथ रही तो उसके शरीर पर चोटों की संख्या कैसे बढ़ गई। दूसरी बात यह है कि मृतका का बिसरा सुरक्षित रखा गया है, जो किसी भी तरह के जहरीले पदार्थ आदि खाने के बाद किया जाता है। विवेचक का कहना है कि जो मरीज अस्पताल से ठीकठाक हालत में घर के लिए जाता है, अचानक उसकी मौत दो घंटे के अंदर कैसे हो गई। मृतका के शरीर पर चोटों का बढ़ना, अचानक मौत हो जाना, अंतिम संस्कार के लिए जबरदस्त मांगे रखना, इस मामले में संदेह पैदा कर रहे हैं। यदि मृतका की हालत गंभीर होती तो बिजुआ के डॉक्टर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर एंबुलेंस से भिजवा सकते थे, लेकिन हालत ठीक होने के कारण उन्होंने घर भेज दिया।