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नौ आरोपियों की डिस्चार्ज अर्जी पर बहस पूरी
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में नौ आरोपियों की ओर से दी गई डिस्चार्ज अर्जी पर बहस पूरी हो चुकी है। अंकित दास सहित पांच आरोपियों की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर बहस के लिए 26 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है।
तीन अक्टूबर 2021 को तिकुनिया हिंसा में एसआईटी ने मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इस मामले में बचाव पक्ष के वकीलों ने जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में पुलिस और एसआईटी की चार्जशीट पर सवालिया निशान लगाते हुए आरोप निर्धारण के स्तर पर ही डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। जिसमें बचाव पक्ष की ओर से यह चुनौती दी गई है कि पत्रावली में आरोप निर्मित किए जाने स्तर के साक्ष्य उपलब्ध नही हैं। इसलिए प्रारंभिक स्तर पर ही मुकदमा खत्म किया जाना चाहिए। वहीं, शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी की ओर से डिस्चार्ज प्रश्नपत्रों के खिलाफ विस्तृत आपत्ति दाखिल की गई और बेबुनियाद प्रार्थना पत्र को निरस्त करने की मांग की है।
बुधवार को आशीष मिश्र मोनू के अधिवक्ता अवधेश दुबे और अवधेश सिंह के बाद अन्य आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम अशीष मिश्रा, चंद्र मोहन सिंह ने अपने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों के समर्थन में चार्जशीट के खिलाफ जिला जज की अदालत में अपनी बहस रखी तो अंकित दास सहित पांच आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह और ने न्यायालय समय समाप्त होने के कारण 26 जुलाई को बहस करने का निर्णय लिया है।
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तीन अक्टूबर 2021 को तिकुनिया हिंसा में एसआईटी ने मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इस मामले में बचाव पक्ष के वकीलों ने जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में पुलिस और एसआईटी की चार्जशीट पर सवालिया निशान लगाते हुए आरोप निर्धारण के स्तर पर ही डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। जिसमें बचाव पक्ष की ओर से यह चुनौती दी गई है कि पत्रावली में आरोप निर्मित किए जाने स्तर के साक्ष्य उपलब्ध नही हैं। इसलिए प्रारंभिक स्तर पर ही मुकदमा खत्म किया जाना चाहिए। वहीं, शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी की ओर से डिस्चार्ज प्रश्नपत्रों के खिलाफ विस्तृत आपत्ति दाखिल की गई और बेबुनियाद प्रार्थना पत्र को निरस्त करने की मांग की है।
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बुधवार को आशीष मिश्र मोनू के अधिवक्ता अवधेश दुबे और अवधेश सिंह के बाद अन्य आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम अशीष मिश्रा, चंद्र मोहन सिंह ने अपने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों के समर्थन में चार्जशीट के खिलाफ जिला जज की अदालत में अपनी बहस रखी तो अंकित दास सहित पांच आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह और ने न्यायालय समय समाप्त होने के कारण 26 जुलाई को बहस करने का निर्णय लिया है।
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