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मंदिर के चबूतरे पर मिला चौकीदार का शव
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मैगलगंज के चपरतला में वृद्ध का तोड़ा जा रहा घर। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
चपरतला (लखीमपुर खीरी)। कोऑपरेटिव सहकारी संघ लिमिटेड के चौकीदार का शव शनिवार सुबह गांव खानपुर में मंदिर के चबूतरे पर पड़ा मिला। कस्बा मैगलगंज में शुक्रवार को सरकारी जमीन पर काबिज चौकीदार के अवैध अतिक्रमण को प्रशासन ने जेसीबी से ढहाया था। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि सरकारी कार्रवाई से सदमे में आने की वजह से उसकी जान गई है।
मृतक कन्हैयालाल के बेटे राजेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जब मकान गिराया जा रहा था तो दोपहर करीब 3 बजे उनके पिता मैगलगंज में ही घूम रहे थे, उसके बाद कहां चले गए पता नहीं चला। शनिवार की सुबह पैतृक गांव खानपुर में कुटी बाबा मंदिर के चबूतरे पर उनका शव मिलने की जानकारी हुई, तो मौके पर पहुंचा। उस वक्त उनका शव ऐसी हालत में था जैसे कि वो सो रहे हों। राजेश का कहना है कि उन्हें किसी पर कोई शक नहीं है। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि कार्रवाई के वक्त कन्हैया लाल और उनका परिवार मौके पर नहीं था। कन्हैया लाल वहां अकेले ही रहते थे। उनकी पत्नी अपने बेटों के साथ मैगलगंज में ही किराये पर रहती है। दुकान टूटने की जानकारी पर वह मौके पर पहुंचे और बिखरा सामान जुटाया था।
पिछले 40 वर्ष से था काबिज
ग्रामीणों ने बताया कि कन्हैया लाल लगभग 40 वर्ष पूर्व सहकारी संघ लिमिटेड कंपनी में ही चौकीदारी कर रहे थे। उस वक्त कंपनी ने कर्मचारियों को पैसा नहीं दिया था, जिससे उसके वेतन का भी पैसा फंस गया था। इस पर कन्हैया लाल पुरानी इमारत में ही डेरा डालकर रहने लगा। बताया गया कि सहकारी संघ लिमिटेड के पुराने भवन में तीन दुकानें थीं, जिन्हेें चौकीदार ने अपने कब्जे में ले लिया और दुकानों को किराये पर देकर मकान में रह रहा था। कुछ दिन बाद कंपनी ने जगह खाली कराने के लिए न्यायालय में मुकदमा कर दिया था। करीब 15 दिन पहले मैगलगंज जाकर उसके घर पर जाकर नोटिस तामील कराई गई थी और 15 दिन में घर खाली करने के लिए कहा था। इस पर कन्हैया ने मामले को न्यायालय में विचाराधीन बताकर मकान खाली करने से मना कर दिया था।
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खानपुर के मंदिर पर चौकीदार कन्हैया लाल का शव मिला है। लगता है कि कार्रवाई की वजह से उसे सदमा लगा है और मंदिर पर सोते वक्त उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, बाकी कोई मामला होगा तो स्पष्ट हो जाएगा।
-चंद्रकांत सिंह, थाना प्रभारी, मैगलगंज
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मृतक कन्हैयालाल के बेटे राजेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जब मकान गिराया जा रहा था तो दोपहर करीब 3 बजे उनके पिता मैगलगंज में ही घूम रहे थे, उसके बाद कहां चले गए पता नहीं चला। शनिवार की सुबह पैतृक गांव खानपुर में कुटी बाबा मंदिर के चबूतरे पर उनका शव मिलने की जानकारी हुई, तो मौके पर पहुंचा। उस वक्त उनका शव ऐसी हालत में था जैसे कि वो सो रहे हों। राजेश का कहना है कि उन्हें किसी पर कोई शक नहीं है। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि कार्रवाई के वक्त कन्हैया लाल और उनका परिवार मौके पर नहीं था। कन्हैया लाल वहां अकेले ही रहते थे। उनकी पत्नी अपने बेटों के साथ मैगलगंज में ही किराये पर रहती है। दुकान टूटने की जानकारी पर वह मौके पर पहुंचे और बिखरा सामान जुटाया था।
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पिछले 40 वर्ष से था काबिज
ग्रामीणों ने बताया कि कन्हैया लाल लगभग 40 वर्ष पूर्व सहकारी संघ लिमिटेड कंपनी में ही चौकीदारी कर रहे थे। उस वक्त कंपनी ने कर्मचारियों को पैसा नहीं दिया था, जिससे उसके वेतन का भी पैसा फंस गया था। इस पर कन्हैया लाल पुरानी इमारत में ही डेरा डालकर रहने लगा। बताया गया कि सहकारी संघ लिमिटेड के पुराने भवन में तीन दुकानें थीं, जिन्हेें चौकीदार ने अपने कब्जे में ले लिया और दुकानों को किराये पर देकर मकान में रह रहा था। कुछ दिन बाद कंपनी ने जगह खाली कराने के लिए न्यायालय में मुकदमा कर दिया था। करीब 15 दिन पहले मैगलगंज जाकर उसके घर पर जाकर नोटिस तामील कराई गई थी और 15 दिन में घर खाली करने के लिए कहा था। इस पर कन्हैया ने मामले को न्यायालय में विचाराधीन बताकर मकान खाली करने से मना कर दिया था।
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खानपुर के मंदिर पर चौकीदार कन्हैया लाल का शव मिला है। लगता है कि कार्रवाई की वजह से उसे सदमा लगा है और मंदिर पर सोते वक्त उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, बाकी कोई मामला होगा तो स्पष्ट हो जाएगा।
-चंद्रकांत सिंह, थाना प्रभारी, मैगलगंज